उलझन सुलझे ना, रस्ता सूझे ना – Uljhan Suljhe Na (Dhundh)


फ़िल्म: धुन्द (1973)
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
गायक/गायिका: आशा भोंसले


उलझन सुलझे ना, रस्ता सूझे ना
जाऊं कहां मैं, जाऊं कहां
उलझन सुलझे ना…

मेरे दिल का अंधेरा, हुआ और घनेरा
कुछ समझ न पाऊं, क्या होना है मेरा
खड़ी दो राहे पर, ये पूछूं घबरा कर
जाऊं कहां मैं, जाऊं कहां
उलझन सुलझे ना…

जो सांस भी आए, तन चीर के जाए
इस हाल से कोई, किस तरह निभाए
न मरना रास आया, न जीना मन भाया
जाऊं कहां मैं, जाऊं कहां
उलझन सुलझे ना…

रुत ग़म की गले ना, कोई आस फले ना
तक़दीर के आगे, मेरी पेश चले ना
बहुत की तदबीरें, न टूटी ज़ंजीरें
जाऊं कहां मैं, जाऊं कहां
उलझन सुलझे ना…

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