जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा – Jubi Dubi Jubi Dubi Pampara (3 Idiots)


फिल्म: 3 ईडियट्स (2009)
गायक: श्रेया घोषाल, सोनू निगम
गीत: स्वानंद किरकिरे
संगीत: शांतनु मोइत्रा


गुनगुनाती है ये हवाएं, गुनगुनाता है गगन
गा रहा है यह सारा आलम, जूबी डूबी परम्पम
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंड) – (2)

शाखों पे पत्ते गा रहे हैं, फूलों पे भंवरे गा रहे
दीवानी किरणें गा रही हैं, यं पंछी गा रहे
बगिया में दो फूलों की हो रही है गुफ्तगू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू
आयी आयी आयी…
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंडन ) – (2 )

हां… रिमझिम रिमझिम रिमझिम सन सन सन सन हवा
टिप टिप टिप टिप बुंदे गुर्राती बिजलियां
भीगी भीगी साड़ी में यूं ठुमके लगाती तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू
आयी आयी आयी…
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंडन ) – (2 )

अम्बर का चांद जमीं पर इतराके गा रहा
इक टिम टिम टूटा तारा इठलाके गा रहा
हैं रातें अकेली तनहा मुझे छू ले आके तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू

(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टूपिड माइंड) – (2 )
जूबी डूबी डूबी ओ डूबी पागल स्टूपिड माइंड पमपरारा
जूबी डूबी जूबी डूबी पमपारा पागल स्टूपिड माइंड

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बहती हवा सा था वो, उड़ती पतंग सा था वो – Behti Hawa Sa tha Woh (3 Idiots)


फिल्म: 3 ईडियट्स (2009)
गायक: शान, शांतनु मोइत्रा
गीत: स्वानंद किरकिरे
संगीत: शांतनु मोइत्रा


(बहती हवा सा था वो, उड़ती पतंग सा था वो
कहां गया उसे ढूंढो) – 2

हमको तो राहें थी चलाती
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभालता मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फिकर सताती,
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हे को खुलके जीता था वो
कहां से आया था वो,
छूके हमारे दिल को
कहां गया उसे ढूंढो

सुलगती धुप में छांव के जैसा
रेगिस्तान में गांवे के जैसा
माइंड के घांव पे मरहम जैसा वो
हम सहमे से रहते कुए में
वो नदिया में गोते लगाता
उलटी धारा चीर के तैरता था वो
बादल आवारा था वो,
प्यार हमारा था वो
कहां गया उसे ढूंढो
हमको तो राहें थी चलाती,
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभालता मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फिकर सताती,
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हे को खुलके जीता था वो
कहां से आया था वो,
छूके हमारे दिल को
कहां गया उसे ढूंढो