तू हुस्न है मैं इश्क़ हूँ, तू मुझ में है मैं तुझ में हूँ – Tu Husn Hai Main Ishq Hoon (Hamraaz)


फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: राज कुमार, सुनील दत्त, विम्मी


तू हुस्न है मैं इश्क़ हूँ, तू मुझ में है मैं तुझ में हूँ
मैं इसके आगे क्या कहूँ, तू मुझ में है मैं तुझ में हूँ

ओ सोनिये
ओ मेरे महिवाल
आजा ओय आजा
पार नदी के मेरे यार का डेरा
तेरे हवाले रब्बा दिल्बर मेरा
रात बला की बढ़ता जाए, लहरों का घेरा
कसम ख़ुदा की आज है मुश्किल मिलना मेरा
खैर करी रब्बा
साथ जियेंगे साथ मरेंगे यही है फ़साना

कहाँ सलीम का, रुतबा कहाँ अनारकली – 2
ये ऐसी शाख-ए-तमन्ना है, जो कभी न फली – 2
न बुझ सकेगी बुझाने से, अह्ल-ए-दुनिया के – 2
वो शमा जो तेरी आँखों में, मेरे दिल में जली – 2
हुज़ूर एक न एक दिन ये बात आएगी – 2
के तख़्त-ओ-ताज भले हैं के एक कनीज़ भली – 2
मैं तख़्त-ओ-ताज को ठुकरा के तुझको ले लूँगा – 2
के तख़्त-ओ-ताज से तेरी गली की ख़ाक़ भली – 2
साथ जियेंगे साथ मरेंगे यही है फ़साना – 2

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तुम अगर साथ देने का वादा करो – Tum Agar Saath Dene Ka Wada Karo (Hamraaz)


फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: राज कुमार, सुनील दत्त, विम्मी


तुम अगर साथ देने का वादा करो
मैं यूँही मस्त नग़मे लुटाता रहूं
तुम मुझे देखकर मुस्कुराती रहो
मैन तुम्हें देखकर गीत गाता रहूँ, तुम अगर…

कितने जलवे फ़िज़ाओं में बिखरे मगर
मैने अबतक किसीको पुकरा नहीं
तुमको देखा तो नज़रें ये कहने लगीं
हमको चेहरे से हटना गवारा नहीं
तुम अगर मेरी नज़रों के आगे रहो
मैन हर एक शह से नज़रें चुराता रहूँ, तुम अगर…

मैने ख़्वाबों में बरसों तराशा जिसे
तुम वही संग-ए-मरमर की तस्वीर हो
तुम न समझो तुम्हारा मुक़द्दर हूँ मैं
मैं समझता हूं तुम मेरी तक़दीर हो
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो
मैं बहारों की महफ़िल सजाता रहूं, तुम अगर…

मैं अकेला बहुत देर चलता रहा
अब सफ़र ज़िन्दगानी का कटता नहीं
जब तलक कोई रंगीं सहारा ना हो
वक़्त क़ाफ़िर जवानी का कटता नहीं
तुम अगर हमक़दम बनके चलती रहो
मैं ज़मीं पर सितारे बिछाता रहूं

तुम अगर साथ देने का वादा करो…

न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो – Na Munh Chhupa Ke Jiyo (Hamraaz)


फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: राज कुमार, सुनील दत्त, विम्मी


न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो
ग़मों का दौर भी आये तो मुस्कुरा के जियो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो

घटा में छुपके सितारे फ़ना नहीं होते
अँधेरी रात में दिये जला के चलो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो

ये ज़िंदगी किसी मंज़िल पे रुक नहीं सकती
हर इक मक़ाम पे क़दम बढ़ा के चलो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो

किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है – Kisi Patthar Ki Moorat Se (Hamraaz)


फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: राज कुमार, सुनील दत्त, विम्मी


किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है
परस्तिश की तमन्ना है, इबादत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत से…

जो दिल की धड़कनें समझे न आँखों की ज़ुबाँ समझे
नज़र की गुफ़्तगू समझे न जज़बों का बयाँ समझे
उसी के सामने उसकी शिक़ायत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत से…

मुहब्बत बेरुख़ी से और भड़केगी वो क्या जाने
तबीयत इस अदा पे और फड़केगी वो क्या जाने
वो क्या जाने कि अपना किस क़यामत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत से…

सुना है हर जवाँ पत्थर के दिल में आग होती है
मगर जब तक न छेड़ो, शर्म के पर्दे में सोती है
ये सोचा है की दिल की बात उसके रूबरू कह दे
नतीजा कुच भी निकले आज अपनी आरज़ू कह दे
हर इक बेजाँ तक़ल्लुफ़ से बग़ावत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत से…

नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले – Neele Gagan Ke Tale (Hamraaz)


फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: विम्मी, सुनील दत्त, राज कुमार


हे…, नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले
ऐसे ही जग में, आती हैं सुबहें
ऐसे ही शाम ढले…

शबनम के मोती, फूलों पे बिखरे
दोनों की आस फले…

बलखाती बेलें, मस्ती में खेलें
पेड़ों से मिलके गले…

नदिया का पानी, दरिया से मिलके
सागर किस ओर चले…
हे…, नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले
ऐसे ही जग में, आती हैं सुबहें
ऐसे ही शाम ढले…