तेरी बिंदिया उड़ा के ले गई मेरी निंदिया – Teri Bindiya Uda Ke Le Gayi (Jodi No.1)


फ़िल्म: जोड़ी नं.1 (2001)
संगीतकार: आनंद राज आनंद
गीतकार: देव कोहली
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान, अभिजीत


तेरी बिंदिया उड़ा के ले गई मेरी निंदिया
मैं जाग रहा हूं, सो गया सारा इंडिया
मेरी बिंदिया उड़ा के ले गई तेरी निंदिया
तू जाग रहा है, सो गया सारा इंडिया
तेरी बिंदिया उड़ा…

मेरी जान किसी की जान को जाते देखा है
मैं जान लुटा दूंगा तुझपे ये सोचा है
तू एक लुटेरा है, दिल तूने लूटा है
मैं क्या जानूं तू सच्चा है कि झूठा है
तूने कर लिया काबू, जादू मुझपे किया किया
मैं जाग रहा हूं…

मैंने जब से दिया है जानेमन ये दिल तुझको
मुझे तेरी कसम है चैन नहीं इक पल मुझको
हालत मेरी भी कुछ-कुछ तेरे जैसी है
बेचैन बड़ा करती है मोहब्बत कैसी है
अब क्या डरना, जब प्यार किया तो किया किया
मैं जाग रहा हूं…

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शावा शावा रूप है तेरा सोणा सोणा – Say Shava Shava (Kabhi Khushi Kabhi Gham)


फ़िल्म: कभी ख़ुशी कभी ग़म (2001)
संगीतकार: आदेश श्रीवास्तव
गीतकार: समीर
गायक/गायिका: अमिताभ बच्चन, सुदेश भोंसले, सुनिधि चौहान, उदित नारायण, आदेश श्रीवास्तव, अल्का याग्निक, अमित कुमार


से शावा शावा…
रूप है तेरा सोणा सोणा
सोणी तेरी पायल
छन छना छन ऐसे छनके
कर दे सबको घायल
कह रहा आंखों का काजल
इश्क़ में जीना मरना
एव्रीबॉडी से शावा शावा माहिया
से शावा शावा…

रूप है मेरा सोणा सोणा
सोणी मेरी पायल
छन छना छन ऐसे छनके
कर दे सबको घायल
कह रहा आंखों का काजल
इश्क़ में जीना मरना
एव्रीबॉडी से शावा शावा माहिया
से शावा शावा…

माहिया वे आजा माही
माहिया वे आजा…

आजा गोरी नच ले, हे शावा
नच ले वे नच ले, हे शावा
आजा गोरी नच ले…

देखा तैनूं पहली-पहली बार वे
होने लगा दिल बेक़रार वे
रब्बा मैनूं की हो गया, दिल जाणिये
हाय मैनूं की हो गया
सुन के तेरी बातें सोणे यार वे
माही मैनूं तेरे नाल प्यार वे
हाय मैं मर जावां दिल जाणिये
हाय मैं मर जावां
से शावा शावा माहिया…
ते शावा शावा भंगड़ा…

इन क़दमों में सांसें वार दे
रब से ज़्यादा तुझे प्यार दे
रब मैनूं माफ़ करे, रब्बा खैरिया
हाय मैनूं माफ़ करे
तुम तो मेरी जिन्द मेरी जान वे
मेरी तू जमीं है, आसमान वे
तुझ बिन मैं की करां, रब्बा खैरिया
हाय वे मैं की करां
से शावा शावा माहिया…
रूप है तेरा सोणा…

प्यार हुआ ना रे मामा – Pyar Hua Na Re Mama (Hum Ho Gaye Aapke)


फ़िल्म: हम हो गये आप के (2001)
संगीतकार: नदीम-श्रवण
गीतकार: समीर
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान


देखो ये दीवाना मारा गया
शीशे में दिल के उतारा गया
किसकी निग़ाहों में ये बस गया
जा के बेचारा कहां फंस गया
प्यार हुआ ना ए ए रे मामा
दिल तो गया ना हां हां रे मामा
प्यार हुआ ना रे मामा..

नादां है तू ना तुझको ख़बर है
आसां नहीं ये दिल का सफ़र है
मुश्किल बड़ी है चाहत की राहें
जीने न देंगी ये कमसिन अदायें
ज़ुल्फों के साये से बच के निकल
पागल अनाड़ी मेरे साथ चल
दिलबर नहीं काम है ये तेरा
तू मान ले अब तो कहना मेरा
प्यार हुआ ना रे मामा..

मेरे लबों पे है तेरी कहानी
तेरे लिए है ये मेरी जवानी
क्या कह रही है ये रंगीन रातें
आजा करें मिल के चाहत की बातें
यूं मुझसे दामन छुड़ा के ना जा
ऐसे तू नज़रें बचा के ना जा
तौबा मेरी तू कहां खो गया
मेरे सनम तुझको क्या हो गया
प्यार हुआ ना रे मामा..

अपनों से कैसा पर्दा – Apnon Se Kaisa Parda (Once Upon A Time In Mumbai)


फ़िल्म: वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई (2010)
संगीतकार: प्रीतम चक्रबर्ती
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान, राणा मजूमदार


दुनिया में, लोगों को
धोखा कभी हो जाता है
आंखों ही, आंखों में
यारों का दिल खो जाता है
दुनिया में…

दो दिल दोनो जवां, आंखों का है ये बयां
दोनों के दरमियां, कोई भी हो ना यहां
पर्दा पर्दा हां, पर्दा पर्दा हां
अपनों से कैसा पर्दा
मोनिका ओ माय डार्लिंग
मोनिका ओ माय डार्लिंग

दिलबर की, फ़ितरत में, धोखा भी है और चाहत भी
जां जाए, तो जाए, सोचूं क्यूं जब मैंने उलफत की
जाए भी तो कहां, दुश्मन है सारा जहां
जिसपे भी हो गुमां, कहना तू उसका यहां
पर्दा पर्दा हां पर्दा…

हलचल सी, हर पल है, बेदाग़ अपनी जवानी है
बेकल मैं, बेकल तू, बेदर्द दिल की कहानी है
उठता दिल से धुआं, ये दिल है तेरा पता
आजा रह ले यहां, जाएगा अब तू कहां
पर्दा पर्दा हां पर्दा…
मोनिका ओ माय डार्लिंग

धड़क-धड़क धुआं उड़ाए रे – Dhadak Dhadak (Bunty Aur Babli)


फ़िल्म: बंटी और बबली (2005)
संगीतकार: शंकर-एहसान-लॉय
गीतकार: गुलज़ार
गायक/गायिका: उदित नारायण, सुनिधि चौहान, निहिरा जोशी


ये वर्ल्ड है ना वर्ल्ड
इसमें दो तरह के लोग होते हैं
एक, जो सारी ज़िन्दगी एक ही काम करते
और दूसरे जो एक ही ज़िन्दगी में सारे काम कर देते हैं
ये मैं नहीं, ये वो दोनों कहते थे
और कहते क्या थे, करते थे
और ऐसा करते थे, जैसा ना किसी ने किया
और न शायद कोई कर पाएगा

छोटे-छोटे शहरों से, खाली बोर दुपहरों में
हम तो झोला उठा के चले
बारिश कम-कम लगती है, नदियां मद्धम लगती है
हम समंदर के अन्दर चले
ओ हो हो हम चले, हम चले ओए रामचंद रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
धुआं उड़ाए रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
सिटी बजाये रे
धड़क-धड़क…

ओहो ज़रा रास्ता तो दो
थोड़ा सा बादल चखना है
बड़ा-बड़ा कोयले से
नाम फ़लक पे लिखना है
चांद से होकर सड़क जाती है
उसी पे आगे जा के अपना मकां होगा
हम चले, हम चले…
धड़क-धड़क…

आ तो चले सर पे लिए
अम्बर की ठंडी फुन्कारिया
हम ही ज़मीं, हम आसमां
क़स्बा कस्मा नु खाये बाक़ी जहां
चांद का टिका, मत्थे लगा के
रात दिन तारों में, जीना-वीना इज़ी नहीं
हम चले, हम चले…
धड़क-धड़क…