ऐ मेरे सोये हुए प्यार – Aye Mere Soye Hue Pyar (Paayal Ki Jhankar)


फ़िल्म: पायल की झंकार (1968)
संगीतकार: सी.रामचन्द्र
गीतकार: राजिंदर कृष्ण
गायक/गायिका: आशा भोंसले, किशोर कुमार


आज अंधेरे को मिटाना होगा
एक नया दीप जलाना होगा
आज कुछ भूली हुई यादों को
अपनी पायल से जगाना होगा

ऐ मेरे सोये हुए प्यार ज़रा होश में आ
हो चुकी नींद बहुत जाग ज़रा जोश में आ
ज़रा होश में आ, होश में आ, होश में आ
ऐ मेरे सोये हुए…

क्या हुई तेरी हंसी, क्या हुई तेरी अदा
तेरी महफ़िल का समां, कभी ऐसा तो न था
फिर वही धूम मचा, फिर वो ही अन्दाज़ दिखा
हो चुकी नींद बहुत…

ये उदासी तो ना थी, तेरे आंखों में कभी
गीत गाने के है दिन, तो तुझे चुप है लगी
अपने होंठों पे ज़रा, प्यार के गीतों को भी ला
हो चुकी नींद बहुत…

वास्ता प्यार का दूं, देख ले एक नज़र
या मुझे इतना बता, मेरी मंज़िल है किधर
तेरी दुनिया है जहां, मेरी दुनिया भी वहां
छोड़ कर दर ये तेरा, और जाऊंगी कहां
या तो खुद होश में आ, या मुझे बेहोश बना
हो चुकी नींद बहुत…

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ऐ मेरे वतन के लोगों – Aye Mere Watan Ke Logon (Lata Mangeshkar)


फ़िल्म/एल्बम: गैर फिल्मी (1963)
संगीतकार: सी.रामचंद्र
गीतकार: कवि प्रदीप
गायक/गायिका: लता मंगेशकर


ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर न आये, जो लौट के घर न आये

ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा, सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी…

जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी…

कोई सिख, कोई जाट-मराठा, कोई गुरखा, कोई मद्रासी
सरहद पर मरने वाला, हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर, वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी…

थी खून से लथपथ काया, फिर भी बंदुक उठा के
दस-दस को एक ने मारा, फिर गिर गये होश गंवा के
जब अंत समय आया तो, कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने, क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी…

तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी
जय हिंद, जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद की सेना

उम्र हुई, तुमसे मिले – Umar Hui Tmse Mile (Bahurani)

फ़िल्म: बहुरानी / Bahurani (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, हेमंत कुमार
संगीतकार: सी. रामचंद्र
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: गुरु दत्त, माला सिन्हा



उम्र हुई, तुमसे मिले, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं
उम्र हुई, बाग सजे, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे फोओल पहली बार खिले हैं

रूप जगा यूँ, बिन सँवारे साजना, मैं सँवर गैइ – 2
आज लगा यूँ, आज लगा यूँ,
मोतियों से मेरी माँग भर गैइ
कजरा छलके, अचरा ढलके,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं

संग तुम्हारा, मेरी ज़िन्दगी को रास आ गया – 2
पा के सहारा, पा के सहारा,
दूर था मैं, अपने पास आ गया
दुनिया सारी, लागे न्यारी,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं

झूम उठा तन, मन में एक ऐसी बात आ गैइ – 2
जिसकी थी लगन, जिसकी थी लगन
आज वो मिलन की रात आ गैइ
अलके लहके, अखियाँ बकहे
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं

सजन तुम सो जाओ – Sajan Tum So Jao (Bahurani)

फ़िल्म: बहुरानी / Bahurani (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सी. रामचंद्र
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: गुरु दत्त, माला सिन्हा



मैं जागूँ सारी रैन
सजन तुम सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ
गीतों में छुपा लूँ बैन
सजन तुम सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ

साँझ ढले से भोर भये तक
जाग के जब कटती हैं घड़ियां
मधुर मिलन की गोद मेइन बस कर
खिलती हैं जब जीवन लड़ियां
आज नहीं वो रैन
हो आज नहीं वो रैन
सजन तुम सो जाओ…

फीकी पड़ गई चाँद की ज्योति
धुँधले हो गए दीप गगन के
सो गईं सुंदर सेज की कलियाँ
सो गए खिलते भाग दुल्हन के
खुलकर रो लें नैन, सजन तुम सो जाओ…

जाग के सो गई तन की अग्नि
बढ़कर थम गई मन की हलचल
अपना घूँघट आप उलटकर
खोल दी मैंने पाँव की छागल
अब है चैन ही चैन, सजन तुम सो जाओ…

बहुरानी – Songs of Bahurani (1963)


फ़िल्म: बहुरानी / Bahurani (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सी. रामचंद्र
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: गुरु दत्त, माला सिन्हा

मैं जागूँ सारी रैन
सजन तुम सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ
गीतों में छुपा लूँ बैन
सजन तुम सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ

साँझ ढले से भोर भये तक
जाग के जब कटती हैं घड़ियां
मधुर मिलन की गोद मेइन बस कर
खिलती हैं जब जीवन लड़ियां
आज नहीं वो रैन
हो आज नहीं वो रैन
सजन तुम सो जाओ…

फीकी पड़ गई चाँद की ज्योति
धुँधले हो गए दीप गगन के
सो गईं सुंदर सेज की कलियाँ
सो गए खिलते भाग दुल्हन के
खुलकर रो लें नैन, सजन तुम सो जाओ…

जाग के सो गई तन की अग्नि
बढ़कर थम गई मन की हलचल
अपना घूँघट आप उलटकर
खोल दी मैंने पाँव की छागल
अब है चैन ही चैन, सजन तुम सो जाओ…


फ़िल्म: बहुरानी / Bahurani (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, हेमंत कुमार
संगीतकार: सी. रामचंद्र
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: गुरु दत्त, माला सिन्हा

उम्र हुई, तुमसे मिले, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं
उम्र हुई, बाग सजे, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे फोओल पहली बार खिले हैं

रूप जगा यूँ, बिन सँवारे साजना, मैं सँवर गैइ – 2
आज लगा यूँ, आज लगा यूँ,
मोतियों से मेरी माँग भर गैइ
कजरा छलके, अचरा ढलके,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं

संग तुम्हारा, मेरी ज़िन्दगी को रास आ गया – 2
पा के सहारा, पा के सहारा,
दूर था मैं, अपने पास आ गया
दुनिया सारी, लागे न्यारी,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं

झूम उठा तन, मन में एक ऐसी बात आ गैइ – 2
जिसकी थी लगन, जिसकी थी लगन
आज वो मिलन की रात आ गैइ
अलके लहके, अखियाँ बकहे
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं