ये मेरे अँधेरे उजाले न होते – Ye Mere Andhere Ujale Na Hote (Prem Patra)

फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, तलत महमूद
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना, चांद उस्मानी



ये मेरे अँधेरे उजाले न होते
अगर तुम न आते मेरी ज़िंदगी में
न जाने मेरा दिल ये क्यों कह रहा है
तुम्हें खो न बैठूँ कहीं रोशनी में

मेरी आँख ने तुम को देखा नहीं है
मगर दिल तो मेरा तुम्हें जानता है
तुम्हें जानता है
तो ग़म के सफ़र में मेरा हमसफ़र है
मैं क्यों साथ उस का न दूँगा खुशी में
ये मेरे अँधेरे…

तुम्हारी मुहब्बत पे मुझ को यकीं है
मगर अपनी क़िसमत पे हर्गिज़ नहीं है
हर्गिज़ नहीं है
मुहब्बत के कुछ खेल आँखों ने मेरी
बिगड़ते भी देखे हँसी ही हँसी में
न जाने मेरा दिल…

अभी तो उम्मीदों की दुनिया जवाँ है
न छेड़ो ये मायूसियों के तराने
तुम्हें भी क़सम है कि दिल में न रखना
ख़ता हो गई हो अगर बेखुदी में
अगर बेखुदी में
ये मेरे अँधेरे…
न जाने मेरा दिल…

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सावन की रातों में ऐसा भी होता है – Sawan Ki Raton Mein Aisa Bhi (Prem Patra)

फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, तलत महमूद
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना



सावन की रातों में ऐसा भी होता है
राही कोई भूला हुआ तूफ़ानों में खोया हुआ
राह में आ जाता है

तेरी नजर से इसे देख
दिल से मेरे तुम ये महसूस कर लो
तूफ़ान ये मेरे दिल से उठा है
चाहो तो तुम अपने दामन में भर लो
तूफ़ानों में खोया…

हारा हुआ था अंधेरे को राही
मंज़िल से पहले ??? आ रही थी
तुम दूर लेकर चली आई
मेरे चरागों से लौ जा रही थी
तेरे लिये – – – हैं हम दिल जानता है
तूफ़ानों में…

दो अंखियाँ झुकी-झुकी सी – Do Ankhiyan Jhuki-Jhuki Si (Prem Patra)

फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मुकेश
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना



दो अंखियाँ झुकी-झुकी सी – 2
कलियों से नाज़ुक होंठों पर कविता रुकी-रुकी सी
दो अंखियाँ झुकी…

शरमाती पलकों में सपने जब आँख-मिचौली खेलें
लहराती ज़ुल्फ़ें मुखड़े को साए में जब ले लें
इक ख़ुश्बू उड़ी-उड़ी सी
दो अंखियाँ झुकी…

मेरे दिल की ख़ामोशी में हलचल कौन मचाए
इक धुँधली सी तस्वीर बने और बनकर मिट जाए
इक हसरत दबी-दबी सी
दो अंखियाँ झुकी…

एक पल लागे अपनी-अपनी और दूजे पल बेगानी
कुछ अंजानी सी सूरत है कुछ जानी पहचानी
पास आकर छुपी-छुपी सी
दो अंखियाँ झुकी…

प्रेमपत्र – All Songs of Prem Patra (1962)


फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मुकेश
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना

दो अंखियाँ झुकी-झुकी सी – 2
कलियों से नाज़ुक होंठों पर कविता रुकी-रुकी सी
दो अंखियाँ झुकी…

शरमाती पलकों में सपने जब आँख-मिचौली खेलें
लहराती ज़ुल्फ़ें मुखड़े को साए में जब ले लें
इक ख़ुश्बू उड़ी-उड़ी सी
दो अंखियाँ झुकी…

मेरे दिल की ख़ामोशी में हलचल कौन मचाए
इक धुँधली सी तस्वीर बने और बनकर मिट जाए
इक हसरत दबी-दबी सी
दो अंखियाँ झुकी…

एक पल लागे अपनी-अपनी और दूजे पल बेगानी
कुछ अंजानी सी सूरत है कुछ जानी पहचानी
पास आकर छुपी-छुपी सी
दो अंखियाँ झुकी…


फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, तलत महमूद
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना

सावन के रात में ऐसा भी होता है
राही कोई भूला हुआ तूफ़ानों में खोया हुआ
राह में आ जाता है

तेरी नजर से इसे देख
दिल से मेरे तुम ये महसूस कर लो
तूफ़ान ये मेरे दिल से उठा है
चाहो तो तुम अपने दामन में भर लो
तूफ़ानों में खोया…

हारा हुआ था अंधेरे को राही
मंज़िल से पहले ??? आ रही थी
तुम दूर लेकर चली आई
मेरे चरागों से लौ जा रही थी
तेरे लिये – – – हैं हम दिल जानता है
तूफ़ानों में…


फ़िल्म: प्रेमपत्र / Prem Patra (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, तलत महमूद
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: शशि कपूर, साधना, चांद उस्मानी

ये मेरे अँधेरे उजाले न होते
अगर तुम न आते मेरी ज़िंदगी में
न जाने मेरा दिल ये क्यों कह रहा है
तुम्हें खो न बैठूँ कहीं रोशनी में

मेरी आँख ने तुम को देखा नहीं है
मगर दिल तो मेरा तुम्हें जानता है
तुम्हें जानता है
तो ग़म के सफ़र में मेरा हमसफ़र है
मैं क्यों साथ उस का न दूँगा खुशी में
ये मेरे अँधेरे…

तुम्हारी मुहब्बत पे मुझ को यकीं है
मगर अपनी क़िसमत पे हर्गिज़ नहीं है
हर्गिज़ नहीं है
मुहब्बत के कुछ खेल आँखों ने मेरी
बिगड़ते भी देखे हँसी ही हँसी में
न जाने मेरा दिल…

अभी तो उम्मीदों की दुनिया जवाँ है
न छेड़ो ये मायूसियों के तराने
तुम्हें भी क़सम है कि दिल में न रखना
ख़ता हो गई हो अगर बेखुदी में
अगर बेखुदी में
ये मेरे अँधेरे…
न जाने मेरा दिल…

झूला – All Songs of Jhoola (1962)


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

(आँखों से काजल की लेकर सियाही
लिखा है ये ख़त सनम तेरे नाम
मेरे पहले-पहले प्यार
मेरे पहले-पहले प्यार
तुझे मेरा सलाम) – 2
आँखों से काजल की लेकर सियाही

आ हा हा
(दिल को बनाया काग़ज़ का टुकड़ा
उस पर लिखा मैंने फ़ुरक़त का दुखड़ा) – 2
तुम बिन न सुबह मेरी तुम बिन न शाम

मेरे पहले-पहले प्यार
मेरे पहले-पहले प्यार
तुझे मेरा सलाम
आँखों से काजल की लेकर सियाही

आ हा हा
(परदेस जिस दिन से तुम हो सिधारे
रातें गुज़ारूँ मैं गिन-गिन के तारे) – 2
अश्क़ों के वास्ता या आहों से काम

मेरे पहले-पहले प्यार
मेरे पहले-पहले प्यार
तुझे मेरा सलाम
आँखों से काजल की लेकर सियाही
लिखा है ये ख़त सनम तेरे नाम
मेरे पहले-पहले प्यार
मेरे पहले-पहले प्यार
तुझे मेरा सलाम
आँखों से काजल की लेकर सियाही


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर,
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

आग पानी में लगी, होय होय कैसे – 2
के हुस्न की नाव चली होय होय ऐसे – 3

आया लहरों में धुवाँ ओय ओय कैसे – 2
के दिलजले होंगे यहाँ ओय ओय ऐसे – 3

आई कहाँ से जानें हाय इतनी तितलियाँ
डर के रहना बन जायेंगी बिजलियाँ – 2
धूप में बिजली गिरी होय होय कैसे
के हुस्न की नाव चली होय होय ऐसे – 3

पानी की कमी नहीं आग़ बुझाते जाओ – 2
हम बुझाते जायें तुम लगाते जाओ – 2
आज रोशन है जहाँ ओय ओय कैसे
के दिलजले होंगे यहाँ ओय ओय ऐसे – 3

आग पानी में लगी, होय होय कैसे
के हुस्न की नाव चली होय होय ऐसे – 3

आया लहरों में धुवाँ ओय होय कैसे – 2
के दिलजले होंगे यहाँ ओय ओय ऐसे – 3


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मुकेश
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

आ हा आ
(दूर बहुत आबादी से, इश्क़ की रंगीं वादी से
ये कौन सदा देता है
प्यार भरा इक दिल होगा, या कोई बिस्मिल होगा
जो अपना पता देता है) – 2

आ हा आ
लहराती सी ये राहें, न जाने किसको चाहें – 2
किसके दीदार की प्यासी, हैं इनकी खुली निगाहें – 2
आस लगाये बैठे रहना भी तो मज़ा देता है
दूर बहुत आबादी से, इश्क़ की रंगीं वादी से
ये कौन सदा देता है
प्यार भरा इक दिल होगा, या कोई बिस्मिल होगा
जो अपना पता देता है

आ हा आ
ये परबत ऊँचे-ऊँचे, ख़ामोशी के अफ़साने – 2
क्यूँ दूर खड़े बस्ती से, होंगे ये भी दीवाने – 2
जाने किस-किस को दीवाना प्यार बना देता है

दूर बहुत आबादी से, इश्क़ की रंगीं वादी से
ये कौन सदा देता है
प्यार भरा इक दिल होगा, या कोई बिस्मिल होगा
जो अपना पता देता है


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: मन्ना डे
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

एक समय पर दो बरसातें – 2
बादल के संग आँख भी भरसे
चारों ओर है जल-थल जल-थल – 2
फिर भी प्यासा मनवा तरसे
एक समय पर दो बरसातें

(उमड़-घुमड़ जब छायीं घटायें
नीर बरसेगा सबने जाना) – 2
कोई न जाने दिल में तूफ़ाँ
कब आ जाये और किधर से
एक समय पर दो बरसातें

(आग लगी है दिल में लेकिन
देख रहा है आँख का पानी) – 2
शोलों के संग बहती नदिया
निकल रही है एक ही घर से

एक समय पर दो बरसातें
बादल के संग आँख भी भरसे
चारों ओर है जल-थल जल-थल
फिर भी प्यासा मनवा तरसे
एक समय पर दो बरसातें


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

इन्साँ की ज़िंदगी है
दुःख-सुख का एक झूला
अंजाम उसका दुःख है
सुख में जो दुःख को भूला


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

सजना
(सजना मेरा दिल, तेरा दिल, गया मिल
किसी से मत कहना ओ सजना) – 2
(प्यार हँसा है अभी अभी
लगे नज़र न इसे कभी) – 2
ओ सजना सजना सजना
सजना मेरा दिल, तेरा दिल, गया मिल
किसी से मत कहना ओ सजना

(दिल जो मेरा मेहरबाँ है
मुझको कोई ग़म कहाँ है) – 2
(तू नहीं तो कुछ नहीं है
तू जो है तो दिल जवाँ) – 2

सजना मेरा दिल, तेरा दिल, गया मिल
किसी से मत कहना ओ सजना

(मैं हूँ तेरी ये क़सम ले
तू है मेरा ये क़सम दे) – 2
(हम न बदलें चाहे बदले
ये ज़मीं ये आसमाँ) – 2

सजना मेरा दिल, तेरा दिल, गया मिल
किसी से मत कहना ओ सजना
(प्यार हँसा है अभी अभी
लगे नज़र न इसे कभी) – 2
ओ सजना सजना सजना
सजना मेरा दिल, तेरा दिल, गया मिल
किसी से मत कहना ओ सजना


फ़िल्म: झूला / Jhoola (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: प्राण, सुनील दत्त, वैजयन्ती माला

(उनसे बिछड़ के जब हम रोये तो ऐसे रोये
आँखों मे जैसे अश्क़ों के बीज बोये) – 2

(आना भी उनका भूले
जाना भी उनका भूले) – 2
सब कुछ भुला के अब तो
बैठे हैं खोये खोये

उनसे बिछड़ के जब हम रोये तो ऐसे रोये
आँखों मे जैसे अश्क़ों के बीज बोये
उनसे बिछड़ के जब हम

(कल था प्यार दिल में
अब दाग़ रह गये हैं) – 2
गुज़रेगी उम्र सारी
ये दाग़ धोये-धोये

उनसे बिछड़ के जब हम रोये तो ऐसे रोये
आँखों मे जैसे अश्क़ों के बीज बोये
उनसे बिछड़ के जब हम