तेरे नाम की कोई धड़क है ना – Dhadak Title Song (Dhadak)



फ़िल्म: धड़क (2018)
संगीतकार: अजय-अतुल
गीतकार: अमिताभ भट्टाचार्य
गायक/गायिका: अजय गोगावाले, श्रेया घोषाल


मरहमी सा चांद है तू
दिलजला सा मैं अंधेरा
एक दूजे के लिए हैं
नींद मेरी ख्वाब तेरा
तू घटा है फ़ुहार की
मैं घड़ी इंतज़ार की
अपना मिलना लिखा
इसी बरस है ना

जो मेरी मंज़िलों को जाती है
तेरे नाम की कोई सड़क है ना
जो मेरे दिल को दिल बनाती है
तेरे नाम की कोई धड़क है ना

कोई बांधनी जोड़ा ओढ़ के
बाबुल की गली, आऊं छोड़ के
तेरे ही लिए, लाऊंगी पिया
सोलह साल के सावन जोड़ के
प्यार से थामना, डोर बारीक है
सात जन्मों की ये, पहली तारीख है
डोर का एक मैं सिरा
और तेरा है दूसरा
जुड़ सके बीच में कई तड़प है ना
जो मेरी मंज़िलों को…

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सरफिरी सी बात है तेरी – Sarfiri Si Baat Hai Teri (Laila Majnu)



फ़िल्म: लैला मजनू (2018)
संगीतकार: निलाद्री कुमार
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक/गायिका: श्रेया घोषाल, बाबुल सुप्रियो


सरफिरी सी, बात है तेरी
आएगी ना, ये समझ मेरी
है ये फिर, डर मुझको
मैं ना कह दूं, हां तुझको
सरफिरी सी, बात…

भूली मैं, बीती
ऐसे हूं, जीती
आंखों से, मैं तेरी
ख़्वाबों को, पीती हुई
सरफिरी सी, बात है मेरी
आएगी ना, ये समझ तेरी

चलो बातों में बातें घोलें
आओ थोड़ा सा खुद को खोलें
जो ना थे हम, जो होंगे नहीं
आजा दोनों, वो हो लें

तेरी बातें, सोचती हूं मैं
तेरी सोचें, ओढ़ती हूं मैं
मुझे ख़ुद में, उलझा कर
किया घर में, ही बेघर
सरफिरी सी बात है मेरी
सरफिरी सी बात है तेरी

कर हर मैदान फ़तेह – Kar Har Maidan Fateh (Sanju)




फ़िल्म: संजू (2018)
संगीतकार: विक्रम मोन्ट्रोसे
गीतकार: शेखर अस्तित्व
गायक/गायिका: सुखविंदर सिंह, श्रेया घोषाल


पिघला दे ज़ंजीरें
बना उनकी शमशीरें
कर हर मैदान फ़तेह ओ बंदेया
कर हर मैदान फ़तेह

घायल परिंदा है तू, दिखला दे ज़िन्दा है तू
बाक़ी है तुझमें हौसला
तेरे जुनूं के आगे, अम्बर पनाहें मांगे
कर डाले तू जो फैसला
रूठी तकदीरें तो क्या, टूटी शमशीरें तो क्या
टूटी शमशीरों से ही हो
कर हर मैदान फ़तेह, कर हर मैदान फ़तेह
कर हर मैदान फ़तेह रे बंदेया
हर मैदान फ़तेह

इन गर्दिशों के बादलों पे चढ़ के
वक़्त का गिरेबां पकड़ के
पूछना है जीत का पता, जीत का पता
इन मुट्ठियों में चांद तारे भर के
आसमां की हद से गुज़र के
हो जा तू भीड़ से जुदा, भीड़ से जुदा
कहने को ज़र्रा है तू
लोहे का छर्रा है तू
टूटी शमशीरों से ही…

तेरी कोशिशें ही कामयाब होंगी
जब तेरी ये ज़िद आग होगी
फूंक देंगी नाउमीदियां, नाउमीदियां
तेरे पीछे-पीछे रास्ते ये चल के
बाहों के निशानों में ढल के
ढूंढ लेंगे अपना आशियां, अपना आशियां
लम्हों से आंख मिला के
रख दे जी जान लड़ा के
टूटी शमशीरों से ही…

All Songs of Sanju (2018)


All Songs of Sanju (2018)


मुझे चांद पे ले चलो – Mujhe Chaand Pe Le Chalo

फ़िल्म: संजू (2018)
संगीतकार: ए.आर.रहमान
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक/गायिका: निकिता गांधी

मुझे चांद पे ले चलो
तारे दिखा दो मुझे
है रात भर का सफ़र ये
कल को ना मिलना मुझे
मुझे चांद पे ले चलो
तारे दिखा दो मुझे
शम्मा सी मैं जल रही हूं
आओ बुझा दो मुझे
मुझे चांद पे…

माना अभी बहकी हूं
चाहत में मैं महकी हूं
मैखाना पैमाना मैं
पीने से डरता है क्यूं
ना तू शरीफों सा है
ना मैं शरीफों सी हूं
तेरे मेरे दरमियां
हैं फासले बोल क्यूं
मुझे चांद पे…


रूबी रूबी – Ruby Ruby

फ़िल्म: संजू (2018)
संगीतकार: ए.आर.रहमान
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक/गायिका: शास्वत सिंह, पूर्वी कौटिश

रूबी, रूबी
तू, रूबी-रूबी, रूबी-रूबी
रूबी-रूबी
हो जा रूबरू
तू, रूबी-रूबी…

हो जाऊं मैं धुआं, धुआं
आऊं वहां, तू हो जहां
छू के तुझे, बादल बनूं
पगला हूं मैं, सपने बुनूं
रूबी-रूबी, मेरी रूबी
तेरे बिना रूबी
दिल की है नैय्या डूबी
ज़िद्दी तो होगी तू भी
रूबी, रूबी…

बड़ी मटमैली, दुश्मन दुनिया
है सबसे बड़ी, उलझन दुनिया
है तोहमत यार, लांछन दुनिया
मुझे रास नहीं है
ये फांस रही है ये दुनिया
चल, रूबी रूबी रूबी तू भी
मेरे जैसी हो जा हुबहू
तू, रूबी-रूबी…
हो जाऊं मैं धुआं…

रूबी रूबी, मेरी रूबी
चढ़ता जाए, रूबी नशा है
बढ़ता जाए, नशा नशा है
उतरेगा ना, रूबी नशा है
मैंने मारा, नशा नशा है
बाहर नाचे, रूबी नशा है
अंदर झूमे, नशा नशा है
मुझे रास नहीं है…


मैं बढ़िया तू भी बढ़िया – Main Badhiya Tu Bhi Badhiya

फ़िल्म: संजू (2018)
संगीतकार: रोहन-विनायक
गीतकार: पुनीत शर्मा
गायक/गायिका: सोनू निगम, सुनिधि चौहान

प्राण प्रिये
तुम किशन हो मैं राधा
तुम सुई हो मैं हूं धागा
फिर संगम क्यों हो आधा
आधा, आधा

मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
शादी करले सांवरिया
फूटेगी फिर फुलझड़ियां
बढ़िया बढ़िया
मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
पर मैं आज़ाद हूं चिड़िया
रख तू अपनी फुलझड़ियां
बढ़िया बढ़िया

चट मंगनी, कर पट मंगनी
मुझे पत्नी बना ले झटपट अपनी
सुन पगली, मैं हूं छोरा जंगली
अरे काहे को बनाना चाहे मेरी चटनी
मैं बढ़िया तू भी बढ़िया…

सुन सजना, कल आया सपना
सपने में मैंने देखा मंडप अपना
सब तारे थे बाराती संग
नाच रहे थे सूरज चंदा
जाग जा रे पगली तू
सपना नहीं है ये है दुर्घटना, दुर्घटना
सूरज से मंडप जल जायेगा
मुझे नहीं पकना, नहीं पकना

मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
हम क्यूं फूंके ये दुनिया
रख तू अपनी फुलझड़ियां
बढ़िया बढ़िया

तेरे बगिया में आ के फूल खिला दूंगी मैं
कर शादी
अरे भूल जा तू फूल-वूल
बगिया में करनी है खेती-बाड़ी
आठ-दस बच्चे होंगे, तुतला लेंगे
मम्मी-डैडी, मम्मी-डैडी
अभी क्या कम है जो हम भी बढ़ाएं
दुनिया की आबादी
अरे हम दो हमारे दो
अपना लेंगे हम ये नारा, ये नारा
पालूंगा मैं वो भी कैसे
नौकरी नहीं है मैं हूं आवारा, आवारा
मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
पर पहले ढूंढो नौकरिया
फोड़ेंगे फिर फुलझड़ियां
बढ़िया बढ़िया…

मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
दोनों आज़ाद हैं चिड़िया
पहले ढूंढो नौकरिया
बढ़िया बढ़िया
मैं बढ़िया तू भी बढ़िया
ढूंढूंगा मैं नौकरिया
फूटेंगी फिर फुलझड़ियां
समझे? आं? बढ़िया


कर हर मैदान फ़तेह – Kar Har Maidan Fateh

फ़िल्म: संजू (2018)
संगीतकार: विक्रम मोन्ट्रोसे
गीतकार: शेखर अस्तित्व
गायक/गायिका: सुखविंदर सिंह, श्रेया घोषाल

पिघला दे ज़ंजीरें
बना उनकी शमशीरें
कर हर मैदान फ़तेह ओ बंदेया
कर हर मैदान फ़तेह

घायल परिंदा है तू, दिखला दे ज़िन्दा है तू
बाक़ी है तुझमें हौसला
तेरे जुनूं के आगे, अम्बर पनाहें मांगे
कर डाले तू जो फैसला
रूठी तकदीरें तो क्या, टूटी शमशीरें तो क्या
टूटी शमशीरों से ही हो
कर हर मैदान फ़तेह, कर हर मैदान फ़तेह
कर हर मैदान फ़तेह रे बंदेया
हर मैदान फ़तेह

इन गर्दिशों के बादलों पे चढ़ के
वक़्त का गिरेबां पकड़ के
पूछना है जीत का पता, जीत का पता
इन मुट्ठियों में चांद तारे भर के
आसमां की हद से गुज़र के
हो जा तू भीड़ से जुदा, भीड़ से जुदा
कहने को ज़र्रा है तू
लोहे का छर्रा है तू
टूटी शमशीरों से ही…

तेरी कोशिशें ही कामयाब होंगी
जब तेरी ये ज़िद आग होगी
फूंक देंगी नाउमीदियां, नाउमीदियां
तेरे पीछे-पीछे रास्ते ये चल के
बाहों के निशानों में ढल के
ढूंढ लेंगे अपना आशियां, अपना आशियां
लम्हों से आंख मिला के
रख दे जी जान लड़ा के
टूटी शमशीरों से ही…

घूमर-घूमर – Ghoomar (Padmaavat)



फ़िल्म: पद्मावत / Padmaavat (2018)
संगीतकार: संजय लीला भंसाली
गीतकार: ए.एम.तुराज़, स्वरूप खान
गायक/गायिका: श्रेया घोषाल, स्वरुप खान


पलक बुहारूं आंगणो
रानी सा पधरा

घूमर रमवा ने आप पधारो सा

आवो जी आवो जी घूमरड़ी खेलबां ने
पधारो सा घूमरड़ी खेलबां ने
बलम थारो गुरर गुरर गुररावे
पास म्हारो जिवड़ो घणो हिचकावे
ओ घबरावे मन में भावे
म्हारो बादलो भंवर मन भावे
छमकछम बाजे, पायल बाजे
बाईसा खेले
छमकछम घुंघरा बाजे
आओ सा घूमरड़ी खेलबां ने
आओ सा घूमरड़ी खेलबां ने

धनक प्रीत की सर पे ओढ़ कर
घूमर घूमर घूमे
हां घूमर घूमर घूमे
ओ ललक रीत सब जग की छोड़कर
घूमर घूमर घूमे भर के
ढोला वाले ठाठ घूमर
घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे
घूमर घूमर घूमे रे बाईसा
घूमर घूमे रे…

ओ म्हारी सारी काया बोले
ढोला जी की छाया होले
मन का घूमर जब भी डोले
सूनेपन में मेला भर के
ढोला वाले ठाठ घूमर
घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे…

ए आओ जी, म्हारा पिया जी
थारे एहसासों की रौनक, है म्हारी दिवाली
मन महल की सारी दीवारें, थारे रंग रंगवा ली
पा के थारा साया, तन है जगमगाया
तारों भरी हो गयी म्हारी, सारी काली रात भर के
ढोला वाले ठाठ घूमर
घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे…
धनक प्रीत की सर पे ओढ़ कर
घूमर घूमर घूमे…

आवो जी आवो रे घूमर खेलबां आवो
आपां साथ साथ घूमर सगळा खेलबां आवो
अरे लहंगो कुर्ती चुनरी पायलिया थे पहनो
ओये लूमर झूमर घूमर घूमर ठे खेलो
देवरानी, जेठानी खेले
सासू जी घूमर खेले
ननद भोजाई खेले
बाईसा घूमर खेले
घूमे रे घूमे रे घूमे घूमे घूमे घूमे
झूमे झूमे घूमे झूमे घूमर झूमे घूमे…