तितली उड़ी उड़ जो चली – Titli Udi Ud Jo Chali (Suraj)


फ़िल्म/एल्बम: सूरज (1966)
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेन्द्र
गायक/गायिका: शारदा


तितली उड़ी, उड़ जो चली
फूल ने कहा, आजा मेरे पास
तितली कहे, मैं चली आकाश

खिले हैं गगन में, तारों के जो फूल
वहीं मेरी मंज़िल, कैसे जाऊं भूल
जहां नहीं बंधन, ना कोई दीवार
जाना है मुझे वहां, बादलों के पार
तितली उड़ी, उड़ जो चली…

फूल ने कहा, तेरा जाना है बेकार
कौन है वहां जो करे तेरा इंतज़ार
बोली तितली, दोनों पंख पसार
वहां पे मिलेगा मेरा राजकुमार
तितली उड़ी, उड़ जो चली…

तितली ने पूरी जब कर ली उड़ान
नई दुनिया में हुई नई पहचान
मिला उसे सपनों का राजकुमार
तितली को मिल गया मनचाहा प्यार
तितली उड़ी, उड़ जो चली…

Advertisements

जाने कहां गयी – Jaane Kahan Gayi (Dil Apna Aur Preet Parai)


फ़िल्म/एल्बम: दिल अपना और प्रीत पराई (1960)
संगीतकार: शंकर जयकिशन
गीतकार: शैलेन्द्र
गायक/गायिका: मो.रफ़ी


जाने कहां गई, जाने कहां गई
दिल मेरा ले गई, ले गई वो
जाने कहां गई…

देखते-देखते क्या से क्या हो गया
धड़कनें रह गईं, दिल जुदा हो गया
जाने कहां गई…

आज टूटा हुआ दिल का ये साज़ है
अब वो नग्में कहां सिर्फ़ आवाज़ है
जाने कहां गई…

घूटता रहता ना दम, जान तो छूटती
काश कहता कोई, वो मोहब्बत न थी
जाने कहां गई…

हाल क्या है मेरा, आ के खुद देख जा
अब तेरे हाथ है जीना-मरना मेरा
जाने कहां गई…

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से धूम मचाये – Josh-e-Jawani Haay Re Haay


फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड / Around The World (1967)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर, राजश्री


जोश-ए-जवानी हाय रे हाय
निकले जिधर से धूम मचाये
दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला
कितना अकेला हूँ मैं
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा
और बेचारा ये दिल
ढूँध के हारा, कोई सहारा
पर न मिली मंज़िल
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

कोई तो हमसे दो बात करता
कोई तो कहता हलो
घर न बुलाता पर ये तो कहता
कुछ दूर तक संग चलो
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

बेकार गुज़रे हम इस तरफ़ से
बेकार था ये सफ़र
अब दर-ब-दर की खाते हैं ठोकर
राजा जो थे अपने घर
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

अराउंड द वर्ल्ड – Full Movie and Songs of Around The World (1967)



फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड / Around The World (1967)
गायक/गायिका: मुकेश, शारदा
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: राज कपूर, राजश्री, अमीता

चले जाना ज़रा ठहरो किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा…

अभी आए हो बैठो तो ये मौसम भी सुहाना है
अभी तो हाल-ए-दिल तुमको निगाहों से सुनाना है
नज़र प्यासी ये दिल प्यासा
किसी का दम…

हसीं झरनों के साये में अकेला छोड़ जाते हो
हमारे दिल को आख़िर किसलिए तुम तोड़ जाते हो
ज़रा दम लो कहा मानो
किसी का दम…

हमारी जान हो तुम भी अगर चल दीं तो क्या होगा
तुम्हारे बिन बहारों में ख़ुशी क्या है मज़ा क्या है
ओ जान-ए-मन न जाओ तुम
किसी का दम…

क़सम खाती हूँ मैं अपनी तुम्हें अब ना सताऊँगी
तुम्हारी बात जो भी हो वही मैं मान जाऊँगी
भरी आँखें झुकी पलकें
किसी का दम…
चले जाना ज़रा…


फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड / Around The World (1967)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: राज कपूर, राजश्री, अमीता

दिल लगाकर आपसे पछता रहे हैं जान-ए-मन
प्यार करने की सज़ा हम पा रहे हैं जान-ए-मन

आँख कुछ ऐसी लड़ी नौकरी करनी पड़ी
आ गए बातों में हम दिल में छूटी फुलझड़ी
हाय हम तो फँस गए घबरा रहे हैं जान-ए-मन
प्यार करने की…

दिल तो पहले दे दिया दिलबर अपने हो चुके
पास जो पूँजी बची हाय वो भी खो चुके – 2
हम तो अपने हाल पर शरमा रहे हैं जान-ए-मन
प्यार करने की…


फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड / Around The World (1967)
गायक/गायिका: मुकेश, शारदा
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर, राजश्री, अमीता

दुनिया की सैर कर लो – 2
इन्साँ के दोस्त बनकर इन्साँ से प्यार करलो
दुनिया की सैर…
अराउंड द वर्ल्ड इन एट डॉलर्स – 4

लॉस एंजेलिस भड़कीला जहाँ हॉलीवुड है रंगीला
देखो डिज्नीलैंड में आकर परियों का देश धरती पर
लॉस एंजेलिस…
दुनिया की सैर…
इन्साँ के दोस्त…

हम अमन चाहने वाले हम प्यार पे मरने वाले
इक बात कहेंगे सबसे नफ़रत को मिटा जग से
इन्सान के हाथ का टोना मिट्टी को बनाया सोना
ये वाशिंगटन अलबेला न्यूयॉर्क शहर का मेला
दुनिया की सैर…
इन्साँ के दोस्त…

लंदन की दौड़ दीवानी पेरिस की शाम मस्तानी
क़ुदरत के खेल निराले ज़रा देखले देखने वाले
बर्लिन का बदलता चेहरा और रोम का रंग सुनहरा
वेनिस में नावों की सैरें ये गीत गाती हुई लहरें
दुनिया की सैर…
इन्साँ के दोस्त ..


फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड / Around The World (1967)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर, राजश्री

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय
निकले जिधर से धूम मचाये
दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला
कितना अकेला हूँ मैं
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा
और बेचारा ये दिल
ढूँध के हारा, कोई सहारा
पर न मिली मंज़िल
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

कोई तो हमसे दो बात करता
कोई तो कहता हलो
घर न बुलाता पर ये तो कहता
कुछ दूर तक संग चलो
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

बेकार गुज़रे हम इस तरफ़ से
बेकार था ये सफ़र
अब दर-ब-दर की खाते हैं ठोकर
राजा जो थे अपने घर
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय…

जीवन के दोराहे पे खड़े सोचते हैं हम – Jeewan Ke Dorahe Pe Khade


फ़िल्म: छोटी सी मुलाकात / Chhoti Si Mulaqaat (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: शशिकला, उत्तम कुमार, वैजयन्तीमाला


जीवन के दोराहे पे खड़े सोचते हैं हम
जाएँ तो किधर जाएँ – 2
ताने है दिल इधर को तो खींचे उधर क़दम
जाएँ तो किधर…

तेरे सिवा दुनिया में कोई (नहीं अपना) – 2
क्या जागते क्या सोते देखा (तेरा सपना) – 2
अब ऐसे तू आँखों में है जैसे कोई भरम
जाएँ तो किधर…

हर मोड़ पे देता है ये (संसार दुहाई) – 2
हर ग़ाम पे देता है मेरा (प्यार दुहाई) – 2
इस रास्ते मंदिर है तो उस रास्ते धरम
जाएँ तो किधर…