इश्क़ बरसे बूंदन बूंदन – Ishq Barse (Rajneeti)


फ़िल्म: राजनीति (2010)
संगीतकार: शांतनु मोईत्रा
गीतकार: स्वानंद किरकिरे
गायक/गायिका: स्वानंद किरकिरे, हंसिका अय्यर, प्रणव बिस्वास


अटकन मटकन दही चटाक
छोर पिजन्वा फूर हुई जा
आ रे आ रे कारे कागा
चुन चुन मोती खा रे खा
बूंढन बूंढन बरसे बरसे
धुआं धुआं हुई जा रे जा
अटकन मटकन दही…

इश्क़ बरसे बूंदन बूंदन
चढ़े हैं चंपई चंपई रंग
रंगी पायल, रंगा आंचल
रंगी मैं पूरी तेरे रंग
डोले मन ता रा रा रा रा
धिनक धिन ता रा रा रा रा
के अब तो आजा यारा
आजा आजा लागे नहीं मन
अटकन मटकन दही…

हवायें गाती हैं सरगम
घटाएं बोले ज्यूं मृदंग
बूंद भी बाजे मंजीरे
धीरे धीरे चमक छमक छम छम
डोले मन ता ना…

सांस चलती रेशम रेशम
आस बढ़ती मद्धम मद्धम
नशे में घूम रही हूं, झूम रही हूं
मैं बिजली के संग
डोले मन ता रा…

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मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा – Manwaa Ruaan Sa (October)




फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: स्वानंद किरकिरे
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान


मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
जलता जियरा, चुभती बिरहा
सजनवा आजा, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा..

धीमे धीमे चले कहो ना, कोई रात से
हौले हौले ढले कहो ना, मेरे चांद से
सोयी सोयी एक कहानी, रूठी ख्वाब से
जागी जागी आस सयानी, लड़ी सांस से
सांवरे सांवरे, याद में बावरे
नैना, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा…

चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें – Chal Chhoti Chhoti (October)


फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: मोनाली ठाकुर


चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें चल
चल, आधी-आधी थोड़ी झूठी चाय पी ले चल
चल, थोड़ी सी हैं मेरी सांसें दोनों जी लें चल
चल, छोटी छोटी…

अभी तू है, मैं हूं
ये खुशबू रहेगी ना कल
यही महक हवा में बहेगी ना कल

चल, भीगी-भीगी हवाओं के साथी हो ले चल
चल, हथेली पे बारिशों की बूंदें तोलें चल
चल, थोड़ी सी हैं…

वहां रहूंगी मैं
ये मौसम ना होंगे जहां
कोई सड़क नहीं आ सकेगी वहां
चल, ठंडे-ठंडे पानियों में पांव डालें चल
चल, साहिलों पे माझी वाला गाना गा लें चल
चल थोड़ी सी हैं…
चल आधी आधी…

All Songs of October (2018)


All Songs of October (2018)


चल छोटी छोटी – Chal Chhoti Chhoti

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: मोनाली ठाकुर

चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें चल
चल, आधी-आधी थोड़ी झूठी चाय पी ले चल
चल, थोड़ी सी हैं मेरी सांसें दोनों जी लें चल
चल, छोटी छोटी…

अभी तू है, मैं हूं
ये खुशबू रहेगी ना कल
यही महक हवा में बहेगी ना कल

चल, भीगी-भीगी हवाओं के साथी हो ले चल
चल, हथेली पे बारिशों की बूंदें तोलें चल
चल, थोड़ी सी हैं…

वहां रहूंगी मैं
ये मौसम ना होंगे जहां
कोई सड़क नहीं आ सकेगी वहां
चल, ठंडे-ठंडे पानियों में पांव डालें चल
चल, साहिलों पे माझी वाला गाना गा लें चल
चल थोड़ी सी हैं…
चल आधी आधी…


मनवा रुआं सा – Manwa Ruaan Sa

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: स्वानंद किरकिरे
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान

मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
जलता जियरा, चुभती बिरहा
सजनवा आजा, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा..

धीमे धीमे चले कहो ना, कोई रात से
हौले हौले ढले कहो ना, मेरे चांद से
सोयी सोयी एक कहानी, रूठी ख्वाब से
जागी जागी आस सयानी, लड़ी सांस से
सांवरे सांवरे, याद में बावरे
नैना, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा…


तब भी तू – Tab Bhi Tu

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: अनुपम रॉय
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: राहत फतह अली खान

मेरी रूह करेगी फ़रियाद
मेरी सांसें कहीं खो जायेंगी
तब भी तू मेरे संग रहना
तब भी तू…

जब राख बनेगा ये सूरज
और धूप धुआं हो जायेगी
तब भी तू…

सजदे की तरह फिर आंखें झुकी
फिर पलकें नमाज़ी हुई
तेरे ज़िक्र में थी कुछ ऐसी नमी
सूखी सांसें भी ताज़ी हुईं
जब उम्र की आवारा बारिश
सब रंग मेरे धो जायेगी
तब भी तू…

तावीज़ है मेरी मुट्ठी में
तावीज़ में है तस्वीर तेरी
उलझी सी लकीरें हाथ में है
तू सुलझाये तकदीर मेरी
जब वक़्त करेगा छल मुझसे
तक़दीर खफ़ा हो जाएगी
तब भी तू…


ठहर जा – Theher Ja

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: अभिषेक अरोड़ा
गीतकार: अभिरुचि चंद
गायक/गायिका: अरमान मालिक

साल बदला, हाल बदला
तेरे आने से
ज़िन्दगी का ख्याल बदला
तेरे आने से
ज़रा-ज़रा सा, डूबा-डूबा रहता हूं
ज़रा-ज़रा सा, डूबा-डूबा तुझमें
ठहर जा, तू किसी बहाने से
ठहर जा, तू किसी बहाने से

ख़्वाब कुछ हैं, दिल में मेरे
मनमाने से
काश ऐसा हो, आये तू
मेरे बुलाने से
ज़रा ज़रा सा…
ठहर जा…

जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा – Jubi Dubi Jubi Dubi Pampara (3 Idiots)


फिल्म: 3 ईडियट्स (2009)
गायक: श्रेया घोषाल, सोनू निगम
गीत: स्वानंद किरकिरे
संगीत: शांतनु मोइत्रा


गुनगुनाती है ये हवाएं, गुनगुनाता है गगन
गा रहा है यह सारा आलम, जूबी डूबी परम्पम
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंड) – (2)

शाखों पे पत्ते गा रहे हैं, फूलों पे भंवरे गा रहे
दीवानी किरणें गा रही हैं, यं पंछी गा रहे
बगिया में दो फूलों की हो रही है गुफ्तगू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू
आयी आयी आयी…
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंडन ) – (2 )

हां… रिमझिम रिमझिम रिमझिम सन सन सन सन हवा
टिप टिप टिप टिप बुंदे गुर्राती बिजलियां
भीगी भीगी साड़ी में यूं ठुमके लगाती तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू
आयी आयी आयी…
(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टुपिड माइंडन ) – (2 )

अम्बर का चांद जमीं पर इतराके गा रहा
इक टिम टिम टूटा तारा इठलाके गा रहा
हैं रातें अकेली तनहा मुझे छू ले आके तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हुबहू

(जूबी डूबी जूबी डूबी पम्पारा जूबी डूबी परम्पम
जूबी डूबी जूबी डूबी नाचे क्यूं पागल स्टूपिड माइंड) – (2 )
जूबी डूबी डूबी ओ डूबी पागल स्टूपिड माइंड पमपरारा
जूबी डूबी जूबी डूबी पमपारा पागल स्टूपिड माइंड