तन में अग्नि मन में चुभन – Tan Mein Agni Man Mein Chubhan (Laat Saheb)


फ़िल्म: लाट साहब / Laat Saheb (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, शम्मी कपूर


तन में अग्नि मन में चुभन
काँप उठा मेरा भीगा बदन
ओ रब्बा ख़ैर ख़ैर ख़ैर ओ रब्बा ख़ैर
उजला मुख जैसे दर्पन
काली लट जैसे नागन
ओ रब्बा ख़ैर ख़ैर ख़ैर ओ रब्बा ख़ैर

कोई लहर जब तन को छू ले – 2
बीच भँवर मेरी काया झूले
बान जिगर पर मारे पवन
थाम के दिल रह जाऊँ सजन
ओ रब्बा ख़ैर…

फूल से निखरी तेरी जवानी – 2
शोला बन गया ठण्डा पानी – 2
चाँद से उतरी चंद्र किरण
कौन बुझाए मन की तपन
ओ रब्बा ख़ैर…

सोच ना तू बाँहों में ले-ले
इश्क़ वही जो आग से खेले
आज हुआ दो दिल का मिलन
आज मिला धरती से गगन
ओ रब्बा ख़ैर…

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सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – Savere Wali Gadi Se Chale Jayenge (Laat Saheb)


फ़िल्म: लाट साहब / Laat Saheb (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, Chorus
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: नूतन, शम्मी कपूर


सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – 4
कुछ ले के जायेंगे
हो कुछ दे के जायेंगे
सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – 2

(ये मेला दो घड़ी का दो दिनों की है बहार
समय की बहती धार कहती जाती है पुकार) – 2
पुकार हाय हाय हाय-हाय
महमान कब रुके हैं कैसे रोके जायेंगे – 2
कुछ ले के जायेंगे
हो कुछ दे के जायेंगे
सवेरे वाली गाड़ी सवेरे वाली
सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – 2

(मिलो तो मिलो प्यार से बोलो तो मीठी बात
हमारे बड़े भाग हुई तुमसे मुलाकात) – 2
मुलाकात हाय हाय हाय
मिलेगा कुछ तो दिल जो यहाँ खो के जायेंगे
कुछ ले के जायेंगे
हो कुछ दे के जायेंगे
सवेरे वाली गाड़ी हाँ सवेरे वाली होय-होय
सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – 2

(निशानी कोई प्यार की तो छोड़ जायेंगे
कहानी कोई प्यार की तो जोड़ जायेंगे) – 2
तो जोड़ जायेंगे हाय हाय
बनेंगे किसी के किसी के हो के जायेंगे
कुछ ले के जायेंगे
हो कुछ दे के जायेंगे
सवेरे वाली गाड़ी सवेरे वाली
सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे – 2
कुछ ले के जायेंगे
कुछ दे के जायेंगे
सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे
हो सवेरे वाली गाड़ी से चले जायेंगे

जाने मेरा दिल किसे ढूँढ रहा है – Jaane Mera Dil Kise Dhoondh Raha Hai


फ़िल्म: लाट साहब / Laat Saheb (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, शम्मी कपूर


जाने मेरा दिल किसे ढूँढ रहा है इन हरी-भरी वादियों में
कभी न कभी तो टकराएगा दिल दिल से इन्हीं आबादियों में
जाने मेरा दिल…

ये किसकी लगन मंज़िल-मंज़िल हर रोज़ मुझे ले जाती है
ये किसकी तमन्ना सीने में जो आस के दीप जलाती है – 2
ओ जाने मेरा दिल…

झरनों में नहाती जलपरियाँ क्यों जाने मुझे ललचाती हैं
जंगल की कँवारी कलियाँ भी हँस-हँस के क़यामत ढाती हैं
ओ जाने मेरा दिल…

जब देखे बिना मदहोश हूँ मैं देखूँगा उसे तो क्या होगा
क्या नूर भरी सूरत होगी क्या प्यार भरा जलवा होगा – 2
ओ जाने मेरा दिल…

रात के हमसफ़र, थक के घर को चले – Raat ke Humsafar Thak Ke Ghar Ko Chale



फ़िल्म: एन ईवनिंग इन पेरिस / An Evening In Paris (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर


रात के हमसफ़र, थक के घर को चले
झूमती आ रही है सुबह प्यार की
देख कर सामने, रूप की रोशनी
फिर लुटी जा रही है सुबह प्यार की

रात ने प्यार के जाम भर कर दिये
आँखों आँखों से जो मैं ने तुमने पिये
होश तो अब तलक़ जा के लौटे नहीं
जाने क्या ला रही है सुबह प्यार की
रात के हमसफ़र, थक के घर को चले
झूमती आ रही है सुबह प्यार की
देख कर सामने, रूप की रोशनी
फिर लुटी जा रही है सुबह प्यार की

होगा तुमसे कल भी सामना कल तो जानोगे – Hoga Tumse Kal Bhi Saamna



फ़िल्म: एन ईवनिंग इन पेरिस / An Evening In Paris (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर


होगा तुमसे कल भी सामना कल तो जानोगे
दिलवाला नाचीज़ है कोई तब तो मानोगे

मौसम है प्यार का ये समाँ मेरे साथ है
मंज़िल है मेरी घड़ी दो घड़ी की ये बात है
ला ला ला ला
होगा तुमसे कल…

आते हो जाते हो मेरे ख़्यालों में तुम सदा
बनते हो क्यों अजनबी ये भी क्या है कोई अदा
ला ला ला ला
होगा तुमसे कल…

राहों में मिलती हो चाहे जिधर से जाऊँ मैं
बेहतर है घर पे बुलालो बता दो कब आऊँ मैं
ला ला ला ला
होगा तुमसे कल…