आई झूम के बसंत झूमो संग संग में – Aai Jhoom Ke Basant Jhoomo Sang Sang


फ़िल्म: उपकार / Upkaar (1967)
गायक/गायिका: शमशाद बेगम, आशा भोसले, मन्‍ना डे, महेन्द्र कपूर
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: प्रेम धवन
अदाकार: मनोज कुमार


पीली पीली सरसों फूली पीली उड़े पतंग
अरे पीली पीली उड़ी चुनरिया पीली पगड़ी के संग
गले लगा के दुश्मन को भी यार बना लो काहे मलंग
आई झूम के बसंत झूमो संग संग में
आई झूम के बसंत झूमो संग संग में
आज रंग लो दिलों को ओ ओ ओ ओ रंग लो रंग लो दिलों को
इक रंग में आई झूम के बसंत
झूमो संग संग में आई झूम के

है ये धरती सभी की गगन सब का
तेरा मेरा ना कहो है ये चमन सबका हो
तेरा मेरा ना कहो है ये चमन सबका
हो तेरा मेरा जो कहे
हो तेरा मेरा जो कहे वो है छोटे दिल का
खरे दिल से बदल ले जो है खोटे दिल का
हो खरे दिल से बदल ले जो है खोटे दिल का
हो कोई छोटा ना बड़ा
कोई छोटा ना बड़ा हो कोई खोटा ना खरा
ओ जीना सीख लो ज़रा इक नये ढंग में आई झूम के
अहा ओ आई झूम के ओहो ओ आई झूम के बसंत
झूमो संग संग में आई झूम के

मेरी हट्टी के लाखों मन दाने दाने
तेरी भट्टी में भून गये जा के ओ जा के
तेरी भट्टी में भुन गये जा के
दिल को रखना ओ बुड्ढे बचा के बचा के
भून डालूँगी में दानों में मिला के
हाये भून डालूँगी में दानों में मिला के
ओ प्यारी
फ़िटे मूँह छोड़ पीछा अर्रे ओ हट्टी वाले
तभी छोडूंगा जब तू ने हाँ की ओ प्यारी
तभी छोडूंगा जब तू ने हाँ की
बुढापे की शरम कर
फ़िटे मूँह बच्चों वाले ओ दो दो बच्चों वाले
इनको भी तो ज़रूरत है मां की ओ प्यारी
इनको भी तो ज़रूरत है मां की
ना ना बापू
क्या है बेटे बापू झूठ ना ऐसे बोल
हम दो हीरे हैं अनमोल हम को भट्टी में ना रोल
अपने दिल के संग में आई झूम के
अहा ओ आई झूम के ओहो ओ आई झूम के बसंत
झूमो संग संग में आई झूम के

आज लागे नहीं धरती पे मेरे पांव रे
बात दिल की चाहे जान ही ले सारा गांव रे
आज लागे नहीं धरती पे मेरे पांव रे
बात दिल की चाहे जान ही ले सारा गांव रे
ओ बरसे प्यार की फुहार हो ओ ओ ओ ओ
बरसे प्यार की फुहार है खुशी का ये मेला
आज रहा ना रहेगा ना कोई भी अकेला
आज रहा है न रहेगा ना कोई भी अकेला
जाने तुझमें क्या है हाय
जाने तुझ में क्या है बस तुझको याद करूं दिन रात
दिल ये चाहे थाम के हाथ चल दूं तेरे संग मैं
आई झूम के आहा ओ आई झूम के
ओहो ओ आई झूम के बसंत झूमो संग संग में
आई झूम के बसंत झूमो संग संग में
आज रंग लो दिलों को ओ ओ ओ ओ ओ रंग लो रंग लो दिलों को
इक रंग में आई झूम के बसंत झूमो संग संग में
आई झूम के बसंत झूमो संग संग में हे हाः
आ हा आ हा आ हा आ हा ओ हो ओ हो ओ हो ओ हो

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कव्वाली की रात – Songs of Qawali Ki Raat (1964)


फ़िल्म: कव्वाली की रात / Qawali Ki Raat (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: इकबाल कुरैशी
गीतकार: शेवान रिज़वी
अदाकार: मुमताज़, कुमकुम, जगदीप, कंवलजीत

हुस्न वाले हुस्न का अन्जाम देख
डूबते सूरज को वक़्त-ए-शाम देख
सुबह के सूरज का भी अंदाज़ देख
भूल जा अन्जाम को आग़ाज़ देख

दिल की धड़कन दर्द का सामान हूँ
हुस्न का उठता हुआ तूफ़ान हूँ
अहल-ए-दिल हटते नहीं मैदान से
खेलने निकला हूँ मैं तूफ़ान से
हुस्न के जलवों से शायद तू अभी अनजान है
सुबह के सूरज का…

देखे जो मुझको जाहिद काबे को भूल जाए
काशी को जाने वाला काशी से पलट जाए
काशी भी तेरी मुझमें काबा भी तेरा मुझमें
जो मुझपे नज़र डाले काशी भी नज़र आए
जो मुझपे नज़र डाले काबा भी नज़र आए
काशी भी नज़र आए काबा भी नज़र आए
हुस्न के जलवों से इश्क़ से टकराए
हुस्न वाले हुस्न का…


फ़िल्म: कव्वाली की रात / Qawali Ki Raat (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, शमशाद बेगम
संगीतकार: इकबाल कुरैशी
गीतकार: शेवान रिज़वी
अदाकार: मुमताज़, कुमकुम, जगदीप, कंवलजीत

जाते-जाते इक नज़र भर देख लो देख लो – 2

सुबह का वक़्त हुआ आई गुलशन में सबा
छिड़ गया साज-ए-चमन गूँजी आवाज़-ए-चमन
नाला बुलबुल ने किया खुल गया राज़-ए-चमन
फूल मुस्कराने लगे इश्क़ फ़रमाने लगे
आह-ए-बुलबुल से मगर फैली गुलशन में ख़बर
इश्क़ बदनाम हुआ चल गया सबको पता
बाग़बाँ आ ही गया प्यार की देने सदा
फूल शाखों से चुने नाले बुलबुल से सुने
हार कुछ गूँथ लिए हँसते दिल तोड़ दिए
आँसू शबनम के बहे और ख़ामोश रहे
हार फूलों के जो गुलशन से लेकर वो चला
अपने फूलों से मचलती हुई बुलबुल ने कहा
क्या
जाते-जाते इक नज़र भर…

शमा ने जलवे लुटाए जो शबिस्तानों में
शौक़ जल जाने का पैदा हुआ परवानों में – 2
सर हथेली पे लिए इश्क़ के जांबाज़ चले
आग सीने में छुपाए हुए हमराज़ चले
शमा ने देखा जो आते हुए परवानों को
बोली बिठलाऊँ कहाँ इश्क़ के मेहमानों को
कौन समझाएगा इन चाक़-गरेबानों को
सिरफिरा कहती है दुनिया मेरे दीवानों को
ऐसे दीवाने कि मरने की क़सम खाए हुए
इश्क़ की आग में जलने के लिए आए हुए
कहते हैं
जाते-जाते इक नज़र भर…

मुँह फिराऊँगी तो महफ़िल से निकल जाएँगे
उनको सीने से लगाऊँगी तो जल जाएँगे
बोले परवाने हमें इश्क़ में जल जाने दे
जान के साथ ये अरमान निकल जाने दे
कह के शौक़ में दीवाने पे दीवाना गिरा
इश्क़ की आग में परवाने पे परवाना गिरा
अहल-ए-दिल जलवा-ए-जानां पे फ़िदा होने लगे
शमा की लौ से गले मिल के जुदा होने लगे
इश्क़ में देख कर क़ुर्बानी इन दीवानों की
शमा ने इतना कहा लाश पे परवानों की
क्या
जाते-जाते इक नज़र भर…

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर – Teri Mehfil Mein Kismat Aazmakar (Mughal-e-Azam)

फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, शमशाद बेगम
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला



तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
तेरे कदमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

बहारें आज पैग़ाम-ए-मोहब्बत ले के आई हैं
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
बड़ी मुद्दत में अजी हां
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
ग़म-ए-दिल से जरा दामन बचाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

अगर दिल ग़म से खाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर हां हां
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
मोहब्बत में जरा आँसू बहाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत करने वालो का है बस इतना ही अफ़साना
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
तड़पना चुपके चुपके हां हां
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
ये क्या कम है अजी हां हाँ
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
किसी के इश्क़ में दुनिया लुटाकर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे

तेरे कदमों पे सर अपना झुकाकर आ आ …
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर आ आ …
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे

मुग़ल-ए-आज़म – All Songs of Mughal-e-Azam (1960)



फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: अजीत, दिलीप कुमार, मधुबाला, पृथ्वीराज कपूर

ऐ इश्क़ ये सब दुनिया वाले
बेकार की बातें करते हैं
पायल के ग़मों का इल्म नहीं
झंकार की बातें करते हैं

हर दिल में छुपा है पीर कोई
हर पाँव में है ज़ंजीर कोई
पूछे कोई उन से ग़म के मज़े
जो प्यार की बातें करते हैं

उल्फ़त के नये दीवानों को
किस तरह से कोई समझाये
नज़रों पे लगी है पाबन्दी
दीदार की बातें करते हैं

भँवरे हैं अगर मदहोश तो क्या
परवाने भी हैं खामोश तो क्या
सब प्यार के नग़में गाते हैं
सब यार की बातें करते हैं


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: मधुबाला

ऐ मेरे मुश्किल-कुशा, फ़रियाद है, फ़रियाद है
आपके होते हुए दुनिया मेरी बरबाद है

बेकस पे करम कीजिये, सर्कार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये
गर्दिश में है तक़दीर भँवर में है सफ़ीन – 2
बेकस पे करम कीजिये, सर्कार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये

है वक़्त-ए-मदद आई बिगड़ी को बनाने
गोशीदा नहीं आपसे कुछ दिल के फ़साने
ज़ख़्मों से भरा है किसी मजबूर का सीना
बेकस पे करम कीजिये …

छाई है मुसीबत की घटा गेसुओं वाले, गेसुओं वाले
लिल्लाह मेरी डूबती कश्ती को बचाले
तूफ़ान के आसार हैं, दुश्वार है जीना
बेकस पे करम कीजिये …

गर्दिश में है तक़दीर भँवर में है सफ़ीन
बेकस पे करम कीजिये, सर्कार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

हमें काश तुम से मुहब्बत न होती
कहानी हमारी हक़ीकत न होती

न दिल तुम को देते न मजबूर होते
न दुनिया न दुनिया के दस्तूर होते
क़यामत से पहले क़यामत न होती

हमीं बढ़ गये इश्क़ में हद से आगे
ज़माने ने ठोकर लगायी तो जागे
अगर मर भी जाते तो हैरत न होती

तुम्हीं फूँक देते नशेमन हमारा
मुहब्बत पे अहसान होता तुम्हारा
ज़माने से कोइ शिकायत न होती


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

इन्सान किसी से दुनिया में इक बार मुहब्बत करता है
इस दर्द को लेकर जीता है, इस दर्द को लेकर मरता है

प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया कोई चोरी नहीं की प्यार किया…
प्यार किया कोई चोरी नहीं की छुप छुप आहें भरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

आज कहेंगे दिल का फ़साना जान भी लेले चाहे ज़माना – 2
मौत वोही जो दुनिया देखे
मौत वोही जो दुनिया देखे घुट घुट कर यूँ मरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

उनकी तमन्ना दिल में रहेगी, शम्मा इसी महफ़िल में रहेगी ह्बोक्ष{- 2}
इश्क़ में जीना इश्क़ में मरना
इश्क़ में जीना इश्क़ में मरना और हमें अब करना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

छुप न सकेगा इश्क़ हमारा चारों तरफ़ है उनका नज़ारा – 2
परदा नहीं जब कोई खुदा से
परदा नहीं जब कोई खुदा से बंदों से परदा करना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया कोई चोरी…


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: अजीत, दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

मोहे पनघट पे नन्दलाल छेड़ गयो रे
मोरी नाजुक कलइया मरोड़ गयो रे
मोहे पनघट पे …

कंकरी मोहे मारी, गगरिया फोड़ दारी
मोरी साड़ी अनाड़ी भिगोय गयो रे
मोहे पनघट पे …

नैनों से जादू किया, जियरा मोह लिया
मोरा घूँघटा नजरियो से तोड़ गयो रे
मोहे पनघट पे …


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोये
बड़ी चोट खाई (जवानी पे रोये – 2)
मुहब्बत की झूठी …

न सोचा न समझा, न देखा न भाला
तेरी आरज़ू ने, हमें मार डाला
तेरे प्यार की मेहरबानी पे रोये, रोये
मुहब्बत की झूठी …

खबर क्या थी होंठों को सीना पड़ेगा
मुहब्बत छुपा के भी, जीना पड़ेगा
जिये तो मगर ज़िन्दगानी पे रोये, रोये
मुहब्बत की झूठी …


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, शमशाद बेगम
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
तेरे कदमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

बहारें आज पैग़ाम-ए-मोहब्बत ले के आई हैं
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
बड़ी मुद्दत में अजी हां
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
ग़म-ए-दिल से जरा दामन बचाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

अगर दिल ग़म से खाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर हां हां
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
मोहब्बत में जरा आँसू बहाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत करने वालो का है बस इतना ही अफ़साना
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
तड़पना चुपके चुपके हां हां
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
ये क्या कम है अजी हां हाँ
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
किसी के इश्क़ में दुनिया लुटाकर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे

तेरे कदमों पे सर अपना झुकाकर आ आ …
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर आ आ …
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: अजीत, दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

वोह आई सुबहा के परदे से मौत की आवाज़
किसी ने तोड़ दिया जैसे ज़िंदगी का साज़

ख़ुदा निगेहबान हो तुम्हारा – 2
धड़कते दिल का पयाम ले लो – 2
तुम्हारी दुनिया से जा रहें हैं
उठो हमारा सलाम ले लो – 2

(है वक़्त-ए-रुख़्सत, गले लगा लो
ख़ताएं भी आज बक्ष डालो) – 2
बिछड़ने वाले का दिल न तोड़ो
ज़रा मोहब्बत से काम ले लो – 2

तुम्हारी दुनिया से जा रहें हैं
उठो हमारा सलाम ले लो

(उठे जनाज़ा जो कल हमारा
क़सम है तुमको, न देना काँधा) – 2
न हो मोहब्बत हमारी रुसवा
ये आँसुओं का पयाम ले लो – 2

ख़ुदा निगेहबान हो तुम्हारा
धड़कते दिल का पयाम ले लो


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

ये दिल की लगी कम क्या होगी
ये इश्क़ भला कम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली – 2
फिर सुबह का आलम क्या होगा – 2

नग़मो से बरसती है मस्ती
छलके हैं खुशी के पैमाने – 2
आज ऐसी बहारें आई हैं
कल जिनके बनेंगे अफ़साने – 2
अब इसे ज्यादा और हसीं ये प्यार का मौसम क्या होगा – 2
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा – 2

ये आज का रंग और ये महफ़िल
दिल भी है यहाँ दिलदार भी है – 2
आँखों में कयामत के जलवे
सीने में सुलगता प्यार भी है – 2
इस रंग में कोई जी ले अगर मरने का उसे ग़म क्या होगा – 2
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा – 2

हालत है अजब दीवानों की
अब खैर नहीं परवानों की – 2
अन्जाम-ए-मोहब्बत क्या कहिये
लय बढ़ने लगी अरमानों की – 2
ऐसे में जो पायल टूट गयी फिर ऐ मेरे हमदम क्या होगा – 2
जब रात है ऐसी मतवाली – 2
फिर सुबह का आलम क्या होगा – 2


फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)
ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

(दौलत की ज़ंजीरों से तू – 2) रहती है आज़ाद

ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

मन्दिर में मस्जिद में तू और तू ही है ईमानों में
मुरली की तानों में तू और तू ही है आज़ानों में
तेरे दम से दीन-धरम की दुनिया है आबाद

ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

प्यार की आँधी रुक न सकेगी नफ़रत की दीवारों से
ख़ून-ए-मुहब्बत हो न सकेगा ख़ंजर से तलवरों से
मर जाते हैं आशिक़ ज़िन्दा रह जाती है याद

ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

इश्क़ बग़ावत कर बैठे तो दुनिया का रुख़ मोड़ दे
आग लगा दे महलों में और तख़्त-ए-शाही छोड़ दे
सीना ताने मौत से खेले कुछ न करे फ़रियाद

जिन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! – 2 (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

ताज हुकूमत जिसका मज़हब फिर उसका ईमान कहाँ – 2
जिसके दिल में प्यार न हो, वो पथ्थर है इनसान कहाँ – 2
प्यार के दुश्मन होश में, आ हो जायेगा बरबाद!

ज़िन्दाबाद! ज़िन्दाबाद! (ऐ मुहब्बत ज़िन्दाबाद! – 2)

हुस्न वाले वफ़ा नहीं करते – Husnwale Wafa Nahin Karte (Love In Simla)

फ़िल्म: लव इन शिमला / Love In Simla (1960)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, शमशाद बेगम
संगीतकार: इक़बाल कुरैशी
गीतकार: राजिंदर कृष्ण
अदाकार: साधना, जॉय मुखर्जी



हुस्न वाले वफ़ा नहीं करते
ये किसी का भला नहीं करते
अ र र र र दिल को थामना
हाँ जी ज़रा हो तो सामना
हुस्न वाले वफ़ा नहीं करते
ये दर्द देते हैं लेकिन दवा नहीं देते
(दवा नहीं देते) – 2

चुरा तो लेते हैं दिल फिर पता नहीं देते
(पता नहीं देते) – 2
तुम्हें बना दिया आशिक़ दुआ नहीं देते
हुस्न वाले वफ़ा नहीं …

गली-गली में ये दिल ले के घूमने वाले
(ये घूमने वाले) – 2
दुपट्टा देख के मस्ती में झूमने वाले
(ये झूमने वाले) – 2
ज़मीं पे रह के सितारों को चूमने वाले
चिराग़ दिल के जला दो बड़ा अंधेरा है
(बड़ा अंधेरा है) – 2
ज़रा सी शाम तो हो ले अभी सवेरा है
न टालो आज हमें तीसरा ये फेरा है