नज़रों से कह दो प्यार में – Nazron se Keh Do Pyar Mein (Doosra Aadmi)


फिल्म: दूसरा आदमी / Doosra Aadmi (1977)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: मजरूह सुलतान पुरी


नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी आस है
तुम पास हो फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

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मुंगड़ा मैं गुड़ की डली – Mungda Main Gud Ki Dali (Inkaar)


फ़िल्म/एल्बम: इनकार (1977)
संगीतकार: राजेश रौशन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: उषा मंगेशकर


तू मुंगड़ा-मुंगड़ा, मैं गुड़ की डली
मंगता है तो आजा रसिया
नाहीं तो मैं ये चली
तू मूंगड़ा, हां मूंगड़ा…

ले बैयां थाम गोरी गुलाबी
दारू की बोतल छोड़
ओ रे अनाड़ी शराबी
मुंगड़ा-मुंगड़ा-मुंगड़ा मैं गुड़ की डली
ज़रा मेरा नशा भी चख ले
आया जो मेरी गली

आफत की चाल देखे सो लुट जाए
दूं जिस पे नैना डाल
हाथों से प्याला सटक जाए
मूंगड़ा-मूंगड़ा-मूंगड़ा मैं गुड़ की डली
कैसा मुलगा है रे शर्मीला
तुझसे तो मुलगी भली
तू मूंगड़ा मुंगड़ा…

मैं तेरे काबिल हूं – Main Tere Kaabil Hoon (Kaabil)



फ़िल्म/एल्बम: काबिल (2017)
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: नासिर फ़राज़
गायक/गायिका: जुबिन नौटियाल, पलक मुछाल


तेरे-मेरे सपने सभी
बंद आंखों के ताले में है
चाबी कहां ढूंढें बता
वो चांद के प्याले में है
फिर भी सपने कर दिखाऊं सच तो
कहना बस ये ही
मैं तेरे काबिल हूं या
तेरे काबिल नहीं

ये शरारतें, ये मस्तियां
अपना यही अंदाज़ है
समझाएं क्या, कैसे कहें
जीने का हां इसमें राज़ है
धड़कन कहां ये धड़कती है
दिल में तेरी आवाज़ है
अपनी सब खुशियों का अब तो ये आगाज़ है
तेरे-मेरे सपने सभी…

सागर की रेत पे दिल को जब
ये बनायेंगी मेरी उंगलियां
तेरे नाम को ही पुकार के
खनकेंगी मेरी चूड़ियां
तुझमें अदा ऐसी है आज
उड़ती हों जैसे तितलियां
फीकी अब ना होंगी कभी ये रंगीनियां
तेरे-मेरे सपने सभी…

Sad Version

तेरे साथ ही इस आग में
मेरे सपने वो सब जल गए
गुज़रे जो पल तेरे साथ में
मेरे अपने वो सब जल गए
उड़ती ये राख अब अरमानों की
मुझसे पूछे यही
मैं तेरे काबिल हूं या
तेरे काबिल नहीं

जब कोई बात बिगड़ जाए – Jab Koi Baat Bigad Jaaye (Jurm)


फ़िल्म/एल्बम: जुर्म (1990)
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: इन्दीवर
गायक/गायिका: कुमार सानू, साधना सरगम


जब कोई बात बिगड़ जाये
जब कोई मुश्किल पड़ जाये
तुम देना साथ मेरा, ओ हमनवाज़
ना कोई है, ना कोई था
ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा…

हो चांदनी जब तक रात
देता है हर कोई साथ
तुम मगर अंधेरों में
ना छोड़ना मेरा हाथ
जब कोई बात बिगड़ जाये…

वफादारी की वो रस्में
निभायेंगे हम तुम कस्में
एक भी सांस ज़िन्दगी की
जब तक हो अपने बस में
जब कोई बात बिगड़ जाये…

दिल को मेरे हुआ यकीं
हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का
कोई आज की बात नहीं
जब कोई बात बिगड़ जाये…

ज़िन्दगी दो पल की – Zindagi Do Pal Ki (Kites)

Film/Album: काईट्स (2010)
Music: राजेश रोशन
Lyrics: नसीर फ़राज़
Singer(s): के. के.



ज़िन्दगी दो पल की
इंतज़ार कब तक हम करेंगे भला
तुम्हें प्यार कब तक ना करेंगे भला

दिल में तुम्हारे छुपा दी है मैंने तो अपनी ये जां
अब तुम्हीं इसको संभालो हमें अपना होश कहाँ
बेखुदी दो पल की
ज़िन्दगी…

इक छोटा सा वादा इस उम्र से ज्यादा सच्चा है सनम
हर मोड़ पर साथ इसलिए रहते हैं अब दोनों
दोस्ती दो पल की
ज़िन्दगी…