तेरी हर अदा सितम है, ओ जानलेवा – Teri Har Ada Sitam Hai Jaan Levaa (Moksha)


फ़िल्म: मोक्ष (2001)
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: जावेद अख्तर
गायक/गायिका: कविता कृष्णामूर्ति, सुखविंदर सिंह


तेरी हर अदा सितम है, ओ जानलेवा
तेरा इश्क़ तो भरम है, ओ जानलेवा
एक मीठी सी चुभन है, ओ जानलेवा
जानलेवा जानलेवा…

दिल है बेचैन, मैं परेशां
दिल्लगी में निकले ना जां
मेरे सपने, तेरे अपने
ज़िन्दगी में लाया तूफां
तेरा मुझपे जो करम है, जानलेवा
तेरा इश्क़ तो…

क्या करूं मैं जतन
जलता है ये बदन
तेरे बिना न कहीं
मेरा लागे नहीं मन
सूना-सूना है जीवन
तू कहां है मगन
कर मुझपे रहम
तुझे मेरी है कसम
दिल में तेरी लगन है, जानलेवा
एक भड़की-सी अगन है, जानलेवा
जानलेवा जानलेवा…

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हमको प्यार है, तो ये ख़ुमार है – Hum Ko Pyar Hai O Mehbooba (Moksha)


फ़िल्म: मोक्ष (2001)
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: जावेद अख्तर
गायक/गायिका: कमाल खान, स्नेहा पंत


भंवरे जो गुनगुनाये, झोंके जो सनसनाये
क्यों जिस्म थरथराये, कोई बताये मुझको
हमको प्यार है, तो ये ख़ुमार है
हमको प्यार है, ओ महबूबा

सोने की अब ज़मीन है, नीलम का आसमां
पंछी सुना रहे हैं सुरीली कहानियां
डाली पे ओस में जो कली कोई धुल गयी
एक अजनबी-सी खुशबू है सांसों में घुल गयी
महकी हुई फ़िज़ा है, गाती हुई हवा है
सब क्या ये हो रहा है, कोई बताये मुझको
हमको प्यार है, तो ये बहार है
हमको प्यार है, ओ महबूबा

फूलों की चुनरी ओढ़े हुए है ये वादियां
लगता है जैसे आंखों में ख़्वाबों का है समां
इन वादियों में प्यार के राही जो आये हैं
पेड़ों ने अपने रेशमी साये बिछाए हैं
गूंजी है रागिनी-सी, दिन में है चांदनी-सी
कैसी है शांति-सी, कोई बताये मुझको
हमको प्यार है, तो ये निखार है
हमको प्यार है, ओ महबूबा
भंवरे जो गुनगुनाये…

है नर्म जैसे रुई, नानी मां – Nani Maa (Moksha)



फ़िल्म: मोक्ष (2001)
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: जावेद अख्तर
गायक/गायिका: डोमिनिक सेरेजो, महालक्ष्मी अय्यर


हसीन प्यारी भोली, शहद के जैसी मीठी
है नर्म जैसे रुई, नानी मां
कहानियां सुनाती, पहेलियां बुझाती
थपक-थपक सुलाती, नानी मां
तुम्हीं हो मेरी लोरी, तुम्हीं मेरी कहानी
तुम्हारा प्यार बचपन की एक हसीं निशानी
तुम्हीं ने दी थी गुड़िया, जो थी मेरी सहेली
तुम्हारा ही था आंगन, मैं कल थी जिसमें खेली

तुम्हीं ने था बताया है रंग कितने सारे
तुम्हीं ने था बताया है फूल कितने प्यारे
तुम्हीं ने सिखाया बड़ों से कैसे बोलूं
तुम्हीं ने था सिखाया दुपट्टा कैसे ओढूं
वो प्यार से बुलाती, वो प्यार से सिखाती
वो कुछ ना कुछ बताती, नानी मां
तुम्हीं हो मेरी लोरी…

तुम्हीं ने मेरे दिल में, मोहब्बतें हैं घोली
तुम्हीं से तो सुनी थी, जो बोलती हूं बोली
तुम्हीं ने तो कहा था, जो भूलता नहीं है
हमेशा याद रखना, कि ज़िन्दगी हसीं है
हसीन प्यारी भोली…

नज़रों से कह दो प्यार में – Nazron se Keh Do Pyar Mein (Doosra Aadmi)


फिल्म: दूसरा आदमी / Doosra Aadmi (1977)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: मजरूह सुलतान पुरी


नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी आस है
तुम पास हो फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

मुंगड़ा मैं गुड़ की डली – Mungda Main Gud Ki Dali (Inkaar)


फ़िल्म/एल्बम: इनकार (1977)
संगीतकार: राजेश रौशन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: उषा मंगेशकर


तू मुंगड़ा-मुंगड़ा, मैं गुड़ की डली
मंगता है तो आजा रसिया
नाहीं तो मैं ये चली
तू मूंगड़ा, हां मूंगड़ा…

ले बैयां थाम गोरी गुलाबी
दारू की बोतल छोड़
ओ रे अनाड़ी शराबी
मुंगड़ा-मुंगड़ा-मुंगड़ा मैं गुड़ की डली
ज़रा मेरा नशा भी चख ले
आया जो मेरी गली

आफत की चाल देखे सो लुट जाए
दूं जिस पे नैना डाल
हाथों से प्याला सटक जाए
मूंगड़ा-मूंगड़ा-मूंगड़ा मैं गुड़ की डली
कैसा मुलगा है रे शर्मीला
तुझसे तो मुलगी भली
तू मूंगड़ा मुंगड़ा…