तेरे जैसा तू है, मेरे जैसी मैं हूं – Tere Jaisa Tu Hai (Fanney Khan)



फ़िल्म: फन्ने खां (2018)
संगीतकार: अमित त्रिवेदी
गीतकार: इरशाद कामिल
गायक/गायिका: मोनाली ठाकुर


पगलाई पगलाई दुनिया ये लोगों को
पढ़ती है अखबारों की ही तरह
देखे वो जिस्मों से आगे भी थोड़ा सा
बातों के पीछे भी झांके ज़रा
जो है छुपा, जो ना पढ़ा
कितना, कुछ है ऐसा लिखा
नज़रों में जो, आया नहीं
दुनिया, वालों को ना दिखा

तेरे जैसा तू है, मेरे जैसी मैं हूं
तेरे जैसा तू है, मेरे जैसी मैं हूं
तेरे मेरे जैसा, कोई होगा क्यूं
तेरे जैसा तू है,मेरे जैसी मैं हूं

चमकीले, कागज़ सी
मुस्कानें हैं, इन होंठों पे
बेईमानी, सांवर हम
जैसे हो, इन चोंटों पे
सच में कभी, हंस ना सके
घुल के, रो भी पाते नहीं
क्या रोग है, हम क्यूं भला
जो है वो हो जाते नहीं
तेरे जैसा तू है…

सपनों से, तू ज़िंदा
सपनों से ही, मैं ज़िंदा हूं
झूठी सी, दुनिया की
परवाह हमने, करनी ही क्यूं
कुछ खास है, कुछ खूब है
तुझमें, तुझको है ये खबर
एक दोस्ती, सच से करीब
दूजा, साथी तेरा सबर
तेरे जैसा तू है…

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चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें – Chal Chhoti Chhoti (October)


फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: मोनाली ठाकुर


चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें चल
चल, आधी-आधी थोड़ी झूठी चाय पी ले चल
चल, थोड़ी सी हैं मेरी सांसें दोनों जी लें चल
चल, छोटी छोटी…

अभी तू है, मैं हूं
ये खुशबू रहेगी ना कल
यही महक हवा में बहेगी ना कल

चल, भीगी-भीगी हवाओं के साथी हो ले चल
चल, हथेली पे बारिशों की बूंदें तोलें चल
चल, थोड़ी सी हैं…

वहां रहूंगी मैं
ये मौसम ना होंगे जहां
कोई सड़क नहीं आ सकेगी वहां
चल, ठंडे-ठंडे पानियों में पांव डालें चल
चल, साहिलों पे माझी वाला गाना गा लें चल
चल थोड़ी सी हैं…
चल आधी आधी…

All Songs of October (2018)


All Songs of October (2018)


चल छोटी छोटी – Chal Chhoti Chhoti

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: मोनाली ठाकुर

चल, छोटी-छोटी सिली-सिली शामें जी लें चल
चल, आधी-आधी थोड़ी झूठी चाय पी ले चल
चल, थोड़ी सी हैं मेरी सांसें दोनों जी लें चल
चल, छोटी छोटी…

अभी तू है, मैं हूं
ये खुशबू रहेगी ना कल
यही महक हवा में बहेगी ना कल

चल, भीगी-भीगी हवाओं के साथी हो ले चल
चल, हथेली पे बारिशों की बूंदें तोलें चल
चल, थोड़ी सी हैं…

वहां रहूंगी मैं
ये मौसम ना होंगे जहां
कोई सड़क नहीं आ सकेगी वहां
चल, ठंडे-ठंडे पानियों में पांव डालें चल
चल, साहिलों पे माझी वाला गाना गा लें चल
चल थोड़ी सी हैं…
चल आधी आधी…


मनवा रुआं सा – Manwa Ruaan Sa

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: शान्तनु मोईत्रा
गीतकार: स्वानंद किरकिरे
गायक/गायिका: सुनिधि चौहान

मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
मनवा रुआं सा, बेकल हवा सा
जलता जियरा, चुभती बिरहा
सजनवा आजा, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा..

धीमे धीमे चले कहो ना, कोई रात से
हौले हौले ढले कहो ना, मेरे चांद से
सोयी सोयी एक कहानी, रूठी ख्वाब से
जागी जागी आस सयानी, लड़ी सांस से
सांवरे सांवरे, याद में बावरे
नैना, नैना रो रो थके
मनवा रुआं सा…


तब भी तू – Tab Bhi Tu

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: अनुपम रॉय
गीतकार: तनवीर गाज़ी
गायक/गायिका: राहत फतह अली खान

मेरी रूह करेगी फ़रियाद
मेरी सांसें कहीं खो जायेंगी
तब भी तू मेरे संग रहना
तब भी तू…

जब राख बनेगा ये सूरज
और धूप धुआं हो जायेगी
तब भी तू…

सजदे की तरह फिर आंखें झुकी
फिर पलकें नमाज़ी हुई
तेरे ज़िक्र में थी कुछ ऐसी नमी
सूखी सांसें भी ताज़ी हुईं
जब उम्र की आवारा बारिश
सब रंग मेरे धो जायेगी
तब भी तू…

तावीज़ है मेरी मुट्ठी में
तावीज़ में है तस्वीर तेरी
उलझी सी लकीरें हाथ में है
तू सुलझाये तकदीर मेरी
जब वक़्त करेगा छल मुझसे
तक़दीर खफ़ा हो जाएगी
तब भी तू…


ठहर जा – Theher Ja

फ़िल्म: ऑक्टोबर (2018)
संगीतकार: अभिषेक अरोड़ा
गीतकार: अभिरुचि चंद
गायक/गायिका: अरमान मालिक

साल बदला, हाल बदला
तेरे आने से
ज़िन्दगी का ख्याल बदला
तेरे आने से
ज़रा-ज़रा सा, डूबा-डूबा रहता हूं
ज़रा-ज़रा सा, डूबा-डूबा तुझमें
ठहर जा, तू किसी बहाने से
ठहर जा, तू किसी बहाने से

ख़्वाब कुछ हैं, दिल में मेरे
मनमाने से
काश ऐसा हो, आये तू
मेरे बुलाने से
ज़रा ज़रा सा…
ठहर जा…

बद्रीनाथ की दुल्हनियां – Badrinath Ki Dulhania Title Song


फ़िल्म: बद्रीनाथ की दुल्हनियां – Badrinath Ki Dulhania (2017)
गायक/गायिका: देव नेगी, नेहा कक्कड़, मोनाली ठाकुर, इक्का
गीतकार: शब्बीर अहमद
संगीतकार: तानिश्क बागची


[खेलन क्यूं ना जाए
तू होरी रे रसिया] (2)

पूछे हैं तोहे सारी गुइयां
कहां है बद्री की दुल्हनियां, दुल्हनियां…
कुर्ती पे तेरी मलूं गुलाल
रंग बता ब्लू या लाल
एयर में तेरे उड़ते बाल
आजा रंग दूं दोनों गाल

अरे सा रा रा रा…
अरे सा रा रा रा…
कबीरा सा रा रा रा…

बेबी के देखे झुमके
लगा दे चार ठुमके
छिछोरे नाचे जमके रे

ऐ ऐ ऐ

यूपी में दिन दहाड़े
विंडो और छत पे ताड़े
हम देखें आंखें फाड़े रे

अरे अरे
तुझपे टीकी है मेरी नॉटी नजरिया
तुझको बना कर के
तुझको बना कर के
तुझको बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां
तुझको बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां
रानी बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां

[मुनिया रे मुनिया
बद्री की दुल्हनियां] (2)

होली है…

बेबी बड़ी भोली है
बेबी की रंग दी चोली है
अंग्रेजी में खिट पिट मैडम री
बुरा ना मानो होली है

रामा रामा गज़ब हो गया
तेरे से नजरिया लड़ गयी
आई जवानी जुल्म होई गवा
किस आफत में पड गयी

अरे सा रा रा रा
कबीरा सा रा रा रा

हो…
रामा रामा गज़ब हो गया
तेरे से नजरिया लड़ गयी
आई जवानी जुल्म होई गवा
किस आफत में पड गयी
हाय मैं मर गयी
सूली पे चढ़ गयी
ना ना कहना था
लेकिन हां कर गयी

दिल तुझको सेंड मैं तो कर गयी रे
मैं बद्री की दुलहनियां

तुझको बना कर के
ले जायेंगे हम बद्री की दुल्हनियां

बेबी के देखे झुमके
लगा दे चार ठुमके
छिछोरे नाचे जमके रे

ऐ ऐ ऐ

अरे रे रे…
तुझपे टीकी है मेरी नॉटी नजरिया… हाय

तुझको बना कर के
तुझको बना कर के
तुझको बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां
तुझको बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां
रानी बना कर के
ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां

[मुनिया रे मुनिया
बद्री की दुल्हनियां] (2)

संवार लूं संवार लूं – Sanwaar Loon



Movie: Lootera (2013)
Singer: Monali Thakur
Music: Amit Trivedi
Lyrics: Amitabh Bhattacharya


हवा के झोंके आज मौसमों से रूठ गये
गुलों की शोखियां जो भंवरे आके लूट गये
बदल रही है आज ज़िन्दगी की चाल जरा
इसी बहाने क्यूं ना मैं भी दिल का हाल जरा
संवार लूं संवार लूं, संवार लूं संवार लूं

हवा के झोंके आज मौसमों से रूठ गये
गुलों की शोखियां जो भंवरे आके लूट गये
बदल रही है आज ज़िन्दगी की चाल जरा
इसी बहाने क्यूं ना मैं भी दिल का हाल जरा
संवार लूं संवार लूं, संवार लूं संवार लूं

बरामदे पुराने हैं नयी सी धूप है
जो पलकें ख़ट खटा रहा है किसका रूप है
शरारतें करे जो ऐसे भूल के हिजाब
कैसे उसको नाम से मैं पुकार लूं
संवार लूं संवार लूं, संवार लूं हाये संवार लूं

ये सारी कोयलें बनी है आज डाकिया
कुहू कुहू में चिट्ठियां पढ़े मजाकिया
ये सारी कोयले बनी है आज डाकिया
कुहू कुहू में चिट्ठियां पढ़े मजाकिया
इन्हें कहो के ना छुपायें किसमें है लिखा बतायें
उसकी आज मैं नज़र उतार लूं
संवार लूं हाये संवार लूं, संवार लूं संवार लूं

हवा के झोंके आज मौसमों से रूठ गये
गुलों की शोखियां जो भंवरे आके लूट गये
बदल रही है आज ज़िन्दगी की चाल जरा
इसी बहाने क्यूं ना मैं भी दिल का हाल जरा
संवार लूं संवार लूं, संवार लूं संवार लूं