पड़ गये झूले सावन रुत आई रे – Pad Gaye Jhoole Sawan Ritu Aai Re


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी


(पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले)- 2
सीने में हूक उठे अल्लाह दुहाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

चंचल झोंकें मुँह को चूमें
बूँदें तन से खेले – 2
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
पाँव का चुम्बन ले लें
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
हमको न भाये सखी ऐसी ढिटाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

गीतों का ये अल्लहड़ मौसम
झूलों का ये मेला – 2
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
आये कोई अलबेले
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
थामे तो छोड़े नहीं नाज़ुक कलाई रे

पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

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हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक – Hum Intezar Karenge Tera Qayamat Tak



फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी


हम इंतज़ार करेंगे – 2 तेरा क़यामत तक
खुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

न देंगे हम तुझे इलज़ाम बेवफ़ाई का
मगर गिला तो करेंगे तेरी जुदाई का
तेरे खिलाफ़ शिकायत हो – 2 और तू आए
खुदा करे के कयामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

ये ज़िंदगी तेरे कदमों में डाल जाएंगे
तुझी को तेरी अमानत सम्भाल जाएंगे
हमारा आलम-ए-रुखसत हो – 2 और तू आए

बुझी-बुझी सी नज़र में तेरी तलाश लिये
भटकते फिरते हैं हम आज अपनी लाश लिये
यही ज़ुनून यही वहशत हो – 2 और तू आए

Duet Version

हम इंतज़ार करेंगे
हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है
इसीसे इश्क़ का शोला जवां होता है
ये इंतज़ार सलामत हो
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

बिछाए शौक़ से, ख़ुद बेवफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो और तू आए

ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें – Duniya Kare Sawaal To Hum Kya Jawaab Den


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: मीना कुमारी


दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल…

पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुशकिल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…

पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…

वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़ के तर्ज़-ए-बयाँ से मैं – Waqif Hoon Khoob Ishq Ke Tarz-e-Bayaan


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, ताबिश
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी


अरज़-ए-शौक़ आँखों में है, अरज़-ए-वफ़ा आँखों में है
तेरे आगे बात कहने का मज़ा आँखों में है

वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़ के तर्ज़-ए-बयाँ से मैं
कह दूँगा दिल की बात नज़र की ज़ुबाँ से मैं – 2

मेरी वफ़ा का शौक़ से तू इम्तहान ले
गुज़रूंग तेरे इश्क़ में हर इम्तहाँ से मैं
वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़…

ऐ हुस्न-ए-आशना तेरे जलवों की खैर हो
बे-गान हो गया हूँ ग़म-ए-दो जहाँ से मैं

अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

ज़मीं हम्दर्द है मेरी न हमदम आसमां मेरा
तेरा दर छूट गया तो फिर ठिकाना है कहाँ मेरा
क़सम है तुझ को, तुझ को क़सम है,
जज़्बा-ए-दिल न जाये रैगाँ मेरा
यही है इम्तहाँ तेरा, यही है इम्तहां मेरा
एक सिम्त मुहब्बत है एक सिम्त ज़माना
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

तेरा ख़याल तेरी तमन्ना लिये हुए
दिल बुझ रहा है आस का शोला लिये हुए
हैराँ खड़ी हुई है दोराहे पे ज़िंदगी
नाकाम हसरतों का जनाज़ा लिये हुए
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

आवाज़ दे रहा है दिल-ए-ख़ानमां ख़राब
सीने में इज़्तराब है साँसों में पेच-ओ-ताब
ऐ रूह-ए-इश्क़ ऐ जान-ए-वफ़ा कुच तो दे जवाब
अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

बहू बेगम – Full Movie and Songs of Bahu Begum (1967)



फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, ताबिश
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

अरज़-ए-शौक़ आँखों में है, अरज़-ए-वफ़ा आँखों में है
तेरे आगे बात कहने का मज़ा आँखों में है

वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़ के तर्ज़-ए-बयाँ से मैं
कह दूँगा दिल की बात नज़र की ज़ुबाँ से मैं – 2

मेरी वफ़ा का शौक़ से तू इम्तहान ले
गुज़रूंग तेरे इश्क़ में हर इम्तहाँ से मैं
वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़…

ऐ हुस्न-ए-आशना तेरे जलवों की खैर हो
बे-गान हो गया हूँ ग़म-ए-दो जहाँ से मैं

अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

ज़मीं हम्दर्द है मेरी न हमदम आसमां मेरा
तेरा दर छूट गया तो फिर ठिकाना है कहाँ मेरा
क़सम है तुझ को, तुझ को क़सम है,
जज़्बा-ए-दिल न जाये रैगाँ मेरा
यही है इम्तहाँ तेरा, यही है इम्तहां मेरा
एक सिम्त मुहब्बत है एक सिम्त ज़माना
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

तेरा ख़याल तेरी तमन्ना लिये हुए
दिल बुझ रहा है आस का शोला लिये हुए
हैराँ खड़ी हुई है दोराहे पे ज़िंदगी
नाकाम हसरतों का जनाज़ा लिये हुए
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

आवाज़ दे रहा है दिल-ए-ख़ानमां ख़राब
सीने में इज़्तराब है साँसों में पेच-ओ-ताब
ऐ रूह-ए-इश्क़ ऐ जान-ए-वफ़ा कुच तो दे जवाब
अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: मीना कुमारी

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल…

पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुशकिल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…

पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

हम इंतज़ार करेंगे – 2 क़यामत तक
खुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

न देंगे हम तुझे इलज़ाम बेवफ़ाई का
मगर गिला तो करेंगे तेरी जुदाई का
तेरे खिलाफ़ शिकायत हो – 2 और तू आए
खुदा करे के कयामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

ये ज़िंदगी तेरे कदमों में डाल जाएंगे
तुझी को तेरी अमानत सम्भाल जाएंगे
हमारा आलम-ए-रुखसत हो – 2 और तू आए

बुझी-बुझी सी नज़र में तेरी तलाश लिये
भटकते फिरते हैं हम आज अपनी लाश लिये
यही ज़ुनून यही वहशत हो – 2 और तू आए

Duet Version

हम इंतज़ार करेंगे
हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है
इसीसे इश्क़ का शोला जवां होता है
ये इंतज़ार सलामत हो
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

बिछाए शौक़ से, ख़ुद बेवफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो और तू आए

ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

लोग कहते हैं कि तुझसे किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं…

तुमने जिस हाल-ए-परेशाँ से निकाला था हमें
आसरा दे के मोहब्बत का स.म्भाला था हमें
सोचते हैं कि वही हाल दोबारा कर लें
तुम जो कह दो तो…

यूँ भी अब तुमसे मुलाक़ात नहीं होने की
मिल भी जाओ तो कोई बात नहीं होने की
आख़री बार बस अब ज़िक्र तुम्हारा कर लें
तुम जो कह दो तो…

आख़री बार ख़्यालों में बुला लें तुमको
आख़री बार कलेजे से लगा लें तुमको
और फिर अपने तड़पने का नज़ारा कर लें
तुम जो कह दो तो…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

निकले थे कहाँ जाने के लिये, पहुंचे है कहाँ मालूम नहीं
अब अपने भटकते क़दमों को, मंजिल का निशान मालूम नहीं

हमने भी कभी इस गुल्शन में, एक ख्वाब-ए-बहार देखा था
कब फूल झरे, कब गर्द उड़ी, कब आई खिज़ां मालूम नहीं

दिल शोला-ए-ग़म से खाक हुआ, या आग लगी अरमानों में
क्या चीज़ जली क्यूं सीने से उठा है धुआं मालूम नहीं

बरबाद वफ़ा का अफ़साना हम किसे कहें और कैसे कहें
खामोश हैं लब और दुनिया को अश्कों की ज़ुबां मालूम नहीं


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

(पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले)- 2
सीने में हूक उठे अल्लाह दुहाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

चंचल झोंकें मुँह को चूमें
बूँदें तन से खेले – 2
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
पाँव का चुम्बन ले लें
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
हमको न भाये सखी ऐसी ढिटाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

गीतों का ये अल्लहड़ मौसम
झूलों का ये मेला – 2
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
आये कोई अलबेले
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
थामे तो छोड़े नहीं नाज़ुक कलाई रे

पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले