जाल – Full Movie and Songs of Jaal (1967)


फ़िल्म: जाल / Jaal (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: सुजीत कुमार, माला सिन्हा, तरुण बोस, विश्वजीत

(अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ) – 2
किसी को मैं शाम-ओ-सहर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ…

ये महकी हुई रात कितनी हसीं है – 2
मगर मेरे पहलू में कोई नहीं है – 2
मुहब्बत भरी इक नज़र ढूँढता हूँ
अकेला हूँ…

मेरे दिल में आजा, निगाहों में आजा – 2
मुहब्बत की रंगीन राहों में आजा – 2
तुझी को मैं ओ बेख़बर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ…

किधर जाऊँ वीरान हैं मेरी राहें – 2
किसी को न अपना सकी मेरी आहें – 2
मैं आहों मे अपने असर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ…


फ़िल्म: जाल / Jaal (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: सुजीत कुमार, माला सिन्हा, तरुण बोस, विश्वजीत

धड़का है दिल में प्यार तुम्हारा अभी-अभी
चमका है आर्ज़ू का सितारा अभी-अभी

महबूब की निगाह-ए-करम कैसी चीज़ है
वो एक पल तो चाँद से हमको अज़ीज़ है
जो हमने उनके घर में गुज़ारा अभी-अभी
चमका है आर्ज़ू का सितारा अभी-अभी

आए हैं हम शराब-ए-मोहब्बत पिये हुये
आँखों में इक ख़ुमार की दुनिया लिये हुये
दिल माँगता है उनका सहारा अभी-अभी
चमका है आर्ज़ू का सितारा अभी-अभी

बेताबियाँ रातों हमें अब जगायेंगीं
आएँगे जब वहाँ से तो यादें बुलायेंगीं
चाहेगा जी के जाएँ दुबारा अभी-अभी
चमका है आर्ज़ू का सितारा अभी-अभी


फ़िल्म: जाल / Jaal (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: सुजीत कुमार, माला सिन्हा, तरुण बोस, विश्वजीत

मेरी ज़िंदगि के चिराग़ को तेरी बेरुख़ी ने बुझा दिया
तेरे रास्ते की मैं ख़ाक हूँ मुझे आज तूने बसा दिया

तुझे पाके भी तेरी जुस्तुजू तुझे मिलके भी तेरी आर्ज़ू
तेरे पास लाके नसीब ने मुझे कितनी दूर हटा दिया

तू वो फूल जिसमें वफ़ा नहीं मैं वो दर्द जिसकी दवा नहीं
तुझे देखकर जो ये लब हँसे तेरी आर्ज़ू ने रुला दिया


फ़िल्म: जाल / Jaal (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: माला सिन्हा, विश्वजीत

मिज़ाज-ए-गरामी, दुआ है आपकी – 2
बड़ी ख़ूबसूरत अदा है आपकी
बड़ी ख़ूबसूरत निगाह है आपकी
मिज़ाज-ए-गरामी, दुआ है आपकी – 2

खोया खोया-स कुछ गुमसुम,
मैं आजकल रहता हूँ हर महफ़िल में – 2
कोई दवा तो बतलाओ के दर्द रहता है
ज़रा-सा दिल में
यही दर्द-ए-दिल तो दवा है आपकी – 2
मिज़ाज-ए-गरामी, दुआ है आपकी – 2

मर्ज़ी है आज क्या फ़िज़ा की,
जो आज मेरा दिल यूँ ही धड़का रही है – 2
क्या हो गया है इस हवा को
जो ऐसे मेरी ज़ुल्फ़ों को बिखरा रही है
करे क्या के आशिक़ हवा है आपकी – 2
मिज़ाज-ए-गरामी, दुआ है आपकी – 2

आये न नींद मुहब्बत में,
तो रात सुहानी कोई कैसे गुज़ारे – 2
सोता है चैन से ज़माना
गुज़ारता हूँ मैं रात गिन-गिनके तारे
ख़ता है येह किसकी? ख़ता है आपकी! – 2
मिज़ाज-ए-गरामी, दुआ है आपकी – 2
बड़ी ख़ूबसूरत अदा है आपकी
बड़ी ख़ूबसूरत निगाह है आपकी
मिज़ाज-ए-गरामी, ल: दुआ है आपकी – 2


फ़िल्म: जाल / Jaal (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: माला सिन्हा, विश्वजीत

रोकना है अगर रोक लीजे मगर
चाँद छुपने से पहले चली जाऊँगी – 2
दूर है मेरा घर मुझको दुनिया का डर
चाँद छुपने से…

चाँद निकला मगर चाँदनी खो गई
हर तरफ़ हुस्न की रोशनी हो गई
आप चाँद हैं अगर चाँद को देख कर
चाँद छुपने से…

आप शामिल हैं यूँ मेरी आवाज़ में
जैसे नग़में हों दो एक ही साज़ में
मैं ग़ज़ल छेड़ कर इश्क़ के साज़ पर
चाँद छुपने से…

बहकी-बहकी निगाहें नहीं होश में
प्यार शरमाए आँखों के आग़ोश में
हँस के सीने पे सर रख तो दूँगी मगर
चाँद छुपने से…

Advertisements

अरी ओ शोख कलियों मुस्कुरा देना वो जब आये – Ari O Shokh Kaliyon Muskura Dena


फ़िल्म: जब याद किसी की आती है / Jab Yaad Kisi Ki Aati Hai (1967)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजा मेहंदी अली खान
अदाकार: धर्मेंद्र, माला सिन्हा


अरी ओ शोख कलियों मुस्कुरा देना वो जब आये

वो जब आये अदब से डालियाँ फूलों की झुक जाये
वो जब गुज़रे चमन से क़ाफ़िले भँवरों के रुक जाये
सुनो फूलों महक अपनी लुटा देना वो जब आये
अरी ओ शोख कलियों मुस्कुरा देना…

बहुत तारीफ़ करती हैं ये कलियाँ बार बार उसकी
तमन्ना है कि मैं भी देख लूँ रंगीं बहार उसकी
हवाओं तुम नक़ाब उसकी उठा देना, वो जब आये
अरी ओ शोख कलियों मुस्कुरा देना…

बग़ैर उसकी मुहब्बत के मैं ज़िंदा रह न पाऊँगा
मगर ये बात दिल की मं किसी से कह न पाऊँगा
निगाहों हाल-ए-दिल उसको सुना देना, वो जब आये
अरी ओ शोख कलियों मुस्कुरा देना…

वो हँस के मिले हमसे हम प्यार समझ बैठे – Woh Hans Ke Mile Hamse


फ़िल्म: बहारें फिर भी आएंगी / Baharen Phir Bhi Aayengi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: धर्मेंद्र, तनुजा, माला सिन्हा


वो हँस के मिले हमसे हम प्यार समझ बैठे
बेकार ही उल्फ़त का इज़हार समझ बैठे
वो हँस के मिले…

ऐसी तो न थी क़िस्मत अपना भी कोई होता – 2
अपना भी कोई होता
क्यूँ ख़ुद को मुहब्बत का हक़दार समझ बैठे
वो हँस के मिले…

रोएँ तो भला कैसे खोलें तो ज़ुबाँ क्यूँ कर – 2
खोलें तो ज़ुबाँ क्यूँ कर
डरते हैं कि जाने क्या संसार समझ बैठे
बेकार ही उल्फ़त का…

ऊँचे हिमालय के नीचे – Oonche Himalay Ke Neeche (Himalay Ki God Mein)

फ़िल्म: हिमालय की गोद में / Himalay Ki God Mein (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशिकला, मनोज कुमार, माला सिन्हा



(ऊँचे हिमालय के नीचे
छुप के चनारों के पीछे
सोए रहेंगे मेरे सपने) – 2
कब तक यूँ ही अँखियाँ मीचे-मीचे
हो ऊँचे हिमालय के…

ऐसे रहे ये मनवा व्याकुल
क़ैद में जैसे कोई बुलबुल
अब ना भाएँ मुझको बाबुल
ये तेरे बाग़-बग़ीचे
ऊँचे हिमालय के…

धूप से खेले ऐसे छईयाँ
प्यार में जैसे कोई सैंया
थाम ले कँगना वाली बईयाँ – 2
पनघट पे पीपल के नीचे-नीचे
ऊँचे हिमालय के…

मैं तो एक ख्वाब हूँ – Main To Ek Khwab Hoon (Himalay Ki God Mein)

फ़िल्म: हिमालय की गोद में / Himalay Ki God Mein (1965)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: कमर जलालाबादी
अदाकार: शशिकला, मनोज कुमार, माला सिन्हा




मैं तो एक ख्वाब हूँ, इस ख्वाब से तू प्यार न कर
प्यार हो जाए तो, फिर प्यार का इज़हार न कर
मैं तो एक ख्वाब हूँ…

ये हवाएं सभी चुपचाप चली जाएंगी
लौट कर फिर कभी गुलशन में नहीं आएंगी
अपने हाथों में हवाओं को गरिफ़्तार न कर – 2
मैं तो एक ख्वाब हूँ…

शाख से टूट के गुन्चे भी कभी खिलते हैं
रात और दिन भी ज़माने में कहीं मिलते हैं
भूल जा जाने दे तक़दीर से तक़रार न कर – 2
मैं तो एक ख्वाब हूँ…