शराबी – Songs of Sharaabi (1964)


फ़िल्म: शराबी / Sharaabi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: देव आनंद

कभी न कभी कहीं न कहीं कोई न कोई तो आयेगा
अपना मुझे बनायेगा दिल में मुझे बसायेगा

कबसे तन्हा ढूँढ राहा हूँ दुनियाँ के वीराने में
खाली जाम लिये बैठा हूँ कब से इस मैखाने में
कोई तो होगा मेरा साक़ी कोई तो प्यास बुझायेगा
कभी न कभी…

किसी ने मेरा दिल न देखा न दिल का पैग़ाम सुना
मुझको बस आवारा समझा जिस ने मेरा नाम सुना
अब तक तो सब ने ठुकराया कोई तो पास बिठायेगा
कभी न कभी…

कभी तो देगा सन्नाटे में प्यार भरी आवाज़ कोई
कौन ये जाने कब मिल जाये रस्ते में हम्राज़ कोई
मेरे दिल का दर्द समझ कर दो आँसु तो बहायेगा
कभी न कभी…


फ़िल्म: शराबी / Sharaabi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: देव आनंद, मधुबाला

मुझे ले चलो, आज फिर उस गली में
जहाँ पहले-पहले, ये दिल लड़खड़ाया

वो दुनिया, वो मेरी मोहब्बत की दुनिया
जहाँ से मैं बेताबियाँ लेके आया
मुझे ले चलो…

जहाँ सो रही है मेरी ज़िंदगानी
जहाँ छोड़ आया मैं अपनी जवानी
वहाँ आज भी एक चौखट तज़ा
मोहब्बत के सजादों की होगी निशानी – 2
मुझे ले चलो…

वो दुनिया जहाँ उसके नक़्श-ए-कदम हैं
वहीं मेरी खुशियाँ, वहीं मेरे ग़म हैं
मैं ले आऊँगा खाक उस रहगुज़र की
के उस रहगुज़रा की, तो ज़र्रे सनम है – 2
मुझे ले चलो…

वहाँ एक रँगेएं चिलमन के पीछे
चमकता हुआ उसका, रुख़सार होगा
बसा लूँगा आँखों में वो रोशनी मैं
यूँ ही कुछ इलाज-ए-दिल-ए-ज़ार होगा – 2
मुझे ले चलो…

मुझे ले चलो, आज फिर उस गली में
जहाँ पहले-पहले, ये दिल लड़खड़ाया
वो दुनिया, वो मेरी मोहब्बत की दुनिया
जहाँ से मैं बेताबियाँ लेके आया
मुझे ले चलो…


फ़िल्म: शराबी / Sharaabi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: देव आनंद

सोचता हूँ कि पियूँ पियूँ न पियूँ
टाक दामन के सियूँ सियूँ न सियूँ
देख कर जाम कशमकश में हूँ
क्या करूँ मैं जियूँ जियूँ हाय! न जियूँ

सावन के महीने में
इक आग सी सीने में
लगती है तो पी लेता हूँ
दो चार घड़ी जी लेता हूँ
सावन के महीने में

चाँद की चाल भी है बहकी हुई
रात की आँख भी शराबी है
सारी कुदरत नशे में है चूर
अरे मैं ने पी ली तो क्या खराबी है
सावन के महीने में…

बरसों छलकाये मैं ने
ये शीशे और ये प्याले
कुछ आ ज पिला दे ऐसी
जो मुझको ही पी डाले
हर रोज़ तो यूँ ही दिल को
बहका के मैं पी लेता हूँ
दो चार घड़ी जी लेता हूँ…

लम्बे जीवन से अच्चा
वो इक पल जो अपना हो
उस पल के बाद ये दुनिया
क्या ग़म है अगर सपना हो
कुछ सोच के ऐसी बातें
घबरा के मैं पी लेता हूँ
दो चार घड़ी जी लेता हूँ…

मैखाने में आया हूँ
मौसम का इशारा पा के
दम भर के लिये बैठा हूँ
रंगीन सहारा पा के
साथी जो तेरी ज़िद्द् है तो
शरमा के मैं पी लेता हूँ
दो चार घड़ी जी लेता हूँ…

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चाँद रात तुम हो साथ क्या करें – Chaand Raat Tum Ho Saath (Half Ticket)

फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला



चाँद रात तुम हो साथ क्या करें अजी अब तो दिल मचल-मचल गया
दिल का ऐतबार क्या क्या करोगे जी पल जो ये बदल गया

ज़ुल्मी नज़र कैसी निडर दिल चुरा लिया
जाने किस अजब देश में बुला लिया
ये भी कोई दिल है क्या
जहाँ मौक़ा मिला फिसल-फिसल गया
चाँद रात तुम हो…

सुनिए ज़रा मैने कहा मत सताइए
अपने आप अपनी राह लौट जाइए
ये वो राहें नहीं जिसपे चल के कोई संभल गया
चाँद रात तुम हो…

बहके-बहके अब तो सनम बाँह थाम लो
अपनी नज़र अपनी निग़ाहों से काम लो – 2
आप का क्या गया
फूल सा दिल मेरा कुचल-कुचल गया
चाँद रात तुम हो…

आँखों में तुम दिल में तुम हो – Aankhon Mein Tum Dil Mein Tum (Half Ticket)

फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: गीता दत्त, किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला



आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो

हो
दिल को तेरी ही आरज़ू – 2
दिल के शीशे में तू ही तू
तेरी आरज़ू दिल में है तू
हे तेरी आरज़ू दिल में है तू
मैं न रहा मैं तू नहीं तू
उल्फ़त कर गई मंतर छू हू हू

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो


यूँ समझ लो है तुमसे प्यार – 2
अब तो ख़ुश हो जान-ए-बहार
तुमसे है प्यार जान-ए-बहार – 2
तुमपे ये दिल कर दिया निसार
मिलते-मिलते मिल गये तार हो हो

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो

हो
हम ज़माने से बेख़बर – 2
हम कहाँ दिल गया किधर
किसी है ख़बर दिल है किधर – 2
उल्फ़त का लो देखो असर
हम आँगन में दिल छत पर

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो

आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया – Aa Ke Sidhi Lagi Jaise Dil Pe (Half Ticket)

फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला



आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया ओय
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया ओय होय
ओ तेरी तिरछी नजरियाऽ
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया ओय
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया
ओय होय होय
ओ जाने सारी नगरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया

मेरी गली आते हो क्यूं बार बार
छेड़ छेड़ जाते हो क्यूं दिल के तार
ओ सैयां ओ सैयां ओ सैयां पडुं तोरे पैयां
मेरी गली आते हो क्यूं बार बार
छेड़ छेड़ जाते हो क्यूं दिल के तार
क्या मैं करूं गोरी मुझे तुझसे है प्यार
जो ना तुझे देखुं ना आये क़रार
ओ गोरी ओ गोरी ओ गोरी बड़ के बुढ़न टीर वी
टक्कर
क्या मैं करूं गोरी मुझे तुझसे है प्यार
जो ना तुझे देखुं ना आये क़रार
हटो जाओ ना बनाओ
हटो जाओ हाय हाय ना बनाओ हाय हाय हाय
नटखट रंगीले संवरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया हाय हाय
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया

पीछे पीछे आते हो क्यूं दिल के चोर
मान जाओ वर्ना मचा दूंगी शोर
बचाओ ओ मुंऐ ओ मुर्गे ओ कौवे
पीछे पिछे आते हो क्यूं दिल के चोर
मान जाओ वर्ना मचा दूंगी शोर
पहले तो बांधी निगाहों कि डोर
अब हमसे कह्ती हो चल पीछा छोड़
ओ गोरी ओ नटखट ओ खटपट ओ पनघट ओ झटपट
पहले तो बांधी निगाहों कि डोर
अब हमसे कह्ती हो चल पीछा छोड़
तोरे नैंना ओ मीठे बैंना
ओ तोरे नैंना हाय हाय मीठे बैंना ओय होय
मुझको बना गये बांवरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया ओय होय
ओ तेरी तिरछी नजरियाऽ
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया ओय होय
ओ जाने सारी नगरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया
(ओ गुजरिया
ओ सांवरिया) – 2

हाफ़ टिकट – All Songs of Half Ticket (1962)


फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला

आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया ओय
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया ओय होय
ओ तेरी तिरछी नजरियाऽ
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया ओय
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया
ओय होय होय
ओ जाने सारी नगरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया

मेरी गली आते हो क्यूं बार बार
छेड़ छेड़ जाते हो क्यूं दिल के तार
ओ सैयां ओ सैयां ओ सैयां पडुं तोरे पैयां
मेरी गली आते हो क्यूं बार बार
छेड़ छेड़ जाते हो क्यूं दिल के तार
क्या मैं करूं गोरी मुझे तुझसे है प्यार
जो ना तुझे देखुं ना आये क़रार
ओ गोरी ओ गोरी ओ गोरी बड़ के बुढ़न टीर वी
टक्कर
क्या मैं करूं गोरी मुझे तुझसे है प्यार
जो ना तुझे देखुं ना आये क़रार
हटो जाओ ना बनाओ
हटो जाओ हाय हाय ना बनाओ हाय हाय हाय
नटखट रंगीले संवरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया हाय हाय
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया

पीछे पीछे आते हो क्यूं दिल के चोर
मान जाओ वर्ना मचा दूंगी शोर
बचाओ ओ मुंऐ ओ मुर्गे ओ कौवे
पीछे पिछे आते हो क्यूं दिल के चोर
मान जाओ वर्ना मचा दूंगी शोर
पहले तो बांधी निगाहों कि डोर
अब हमसे कह्ती हो चल पीछा छोड़
ओ गोरी ओ नटखट ओ खटपट ओ पनघट ओ झटपट
पहले तो बांधी निगाहों कि डोर
अब हमसे कह्ती हो चल पीछा छोड़
तोरे नैंना ओ मीठे बैंना
ओ तोरे नैंना हाय हाय मीठे बैंना ओय होय
मुझको बना गये बांवरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ
सांवरिया ओय होय
ओ तेरी तिरछी नजरियाऽ
ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्मी नजरिया ओ गुजरिया ओय होय
ओ जाने सारी नगरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ सांवरिया
(ओ गुजरिया
ओ सांवरिया) – 2


फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: गीता दत्त, किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो

हो
दिल को तेरी ही आरज़ू – 2
दिल के शीशे में तू ही तू
तेरी आरज़ू दिल में है तू
हे तेरी आरज़ू दिल में है तू
मैं न रहा मैं तू नहीं तू
उल्फ़त कर गई मंतर छू हू हू

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो


यूँ समझ लो है तुमसे प्यार – 2
अब तो ख़ुश हो जान-ए-बहार
तुमसे है प्यार जान-ए-बहार – 2
तुमपे ये दिल कर दिया निसार
मिलते-मिलते मिल गये तार हो हो

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो

हो
हम ज़माने से बेख़बर – 2
हम कहाँ दिल गया किधर
किसी है ख़बर दिल है किधर – 2
उल्फ़त का लो देखो असर
हम आँगन में दिल छत पर

आँखों में तुम
आँखों में तुम दिल में तुम हो
तुम्हारी मर्ज़ी मानो के ना मानो
अरे मानो के ना मानो
कबसे ये दिल दिल तुम्हारा
ये राज़-ए-दिल तुम जानो के ना जानो
अरे जानो के ना जानो


फ़िल्म: हाफ़ टिकट / Half Ticket (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, मधुबाला

चाँद रात तुम हो साथ क्या करें अजी अब तो दिल मचल-मचल गया
दिल का ऐतबार क्या क्या करोगे जी पल जो ये बदल गया

ज़ुल्मी नज़र कैसी निडर दिल चुरा लिया
जाने किस अजब देश में बुला लिया
ये भी कोई दिल है क्या
जहाँ मौक़ा मिला फिसल-फिसल गया
चाँद रात तुम हो…

सुनिए ज़रा मैने कहा मत सताइए
अपने आप अपनी राह लौट जाइए
ये वो राहें नहीं जिसपे चल के कोई संभल गया
चाँद रात तुम हो…

बहके-बहके अब तो सनम बाँह थाम लो
अपनी नज़र अपनी निग़ाहों से काम लो – 2
आप का क्या गया
फूल सा दिल मेरा कुचल-कुचल गया
चाँद रात तुम हो…