एक हंस का जोड़ा – Ek Hans Ka Joda (Lajwanti)

फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी



कुछ दिन पहले एक ताल में कमल कुंज के अंदर
रहता था, एक हंस का जोड़ा एक हंस का जोड़ा

(रोज़ रोज़ रोज़ भोर होते ही जब खिल जाते कमल
दूर दूर दूर मोती चुगने को हंस घर से जाता निकल) – 2
संध्या होती,
संध्या होती घर को आता झूम झूम के
कुछ दिन पहले…

(जब जब जब ढल जाता था दिन तारे जाते थे खिल
सो जाते हिल-मिल के वो दोनों जैसे लहरों के दिल) – 2
चंदा हँसता,
चंदा हँसता दोनों का मुख चूम चूम के
कुछ दिन पहले…

(थी उनकी एक नन्ही सी बेटी छोटी सी हंसनी
दोनों के नयनों की वो ज्योती घर की रौशनी) – 2
ममता गाती, ममता गाती और मुस्काती झूम झूम के
कुछ दिन पहले…

कुछ दिन पहले एक ताल में कमल कुन्ज के अंदर
कौन था?
एक हंस का जोड़ा, एक हंस का जोड़ा

(फिर एक दिन ऐसा तूफ़ान आया चली ऐसी हवा
बेचारे हंसा उड़ गए रे होके सबसे जुदा) – 2
सागर-सागर, सागर-सागर
सागर-सागर रोते हैं अब घूम घूम के
घूम घूम के

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कोई आया धड़कन कहती है – Koi Aaya Dhadkan Kehti Hai (Lajwanti)

फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी



कोई आया धड़कन कहती है – 3
धीरे से पलकों की ये गिरती उठती चिलमन कहती है
धीरे से
धीरे से पलकों की ये गिरती उठती चिलमन कहती है
कोई आया धड़कन कहती है

होने लगी किसी आहट की फुलकारियाँ
परवाने बनके उड़ी दिल की चिन्गारियाँ
झूम गया झिलमिलता जिया
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …

चाँद हँसा लेके दर्पण मेरे सामने
घबराके मैं लट उलझी लगी थामने
छेड़ गयी मुझे चंचल हवा
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …

आ ही गया मीठी मीठी सी उल्झन लिये
खो ही गयी मैं तो शरमाती चितवन लिये
गोरे बदन से पसीना बहा
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …

गा मेरे मन गा – Gaa Mere Man Gaa (Lajwanti)

फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी



गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा
तू गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा
(यूँ ही बिताए जा दिन ज़िंदगी के) – 2
गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा

ह्म्म, तेरी टूटी हुई बीना
कहे तुझको है जीना
जीवन को निभा
ह्म्म, चाहे भर भर आए
चाहे दुख बरसाये
तेरे नैनों की घटा
तू नैन मत छलका…
गा मेरे मन गा …

ये हैं दुनिया के मेले
तुझे फिरना अकेले
सह सहके सितम
ह्म्म, नफ़रत का दीवाना
नहीं समझा ज़माना
तेरा दुख तेरा ग़म
खा ठेस और मुस्का…
गा मेरे मन गा …

ह्म्म, हर सू है अंधेरा फिर कौन है तेरा
जो मैं कहूँ ज़रा सुन
ह्म्म, मेरी खो गई पायल मेरी गीत है घायल
मेरी ज़खमी है धुन
फिर भी तू झूमे जा…
गा मेरे मन गा …

चन्दा रे छुपे रहना – Chanda Re Chhupe Rahna (Lajwanti)

फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी



चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

फूल चमेली धीरे महको झोंका न लग जाए
फूल चमेली धीरे महको झोंका न लग जाए
नाज़ुक डाली कजरा वाली सपने में मुस्काए
लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

हाथ कहीं है पाँव कहीं लागे प्यारी प्यारी
हाथ कहीं है पाँव कहीं लागे प्यारी प्यारी
ममता गाए पवन झुलाए झूले राज कुमारी
लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

चाँद बतादे माँ की ममता चैन न कैसे पाए
चाँद बतादे माँ की ममता चैन न कैसे पाए
सुन्दर मुखड़ा दिल का तुकड़ा दूर है मुझसे हाए
लेके मेरी निंदिया रे

चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना सोये मेरी मैना लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना सोये मेरी मैना लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे

लाजवंती – All Songs of Lajwanti (1958)



फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी

चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

फूल चमेली धीरे महको झोंका न लग जाए
फूल चमेली धीरे महको झोंका न लग जाए
नाज़ुक डाली कजरा वाली सपने में मुस्काए
लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

हाथ कहीं है पाँव कहीं लागे प्यारी प्यारी
हाथ कहीं है पाँव कहीं लागे प्यारी प्यारी
ममता गाए पवन झुलाए झूले राज कुमारी
लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना, सोये मेरी मैना, लेके मेरी निंदिया रे

चाँद बतादे माँ की ममता चैन न कैसे पाए
चाँद बतादे माँ की ममता चैन न कैसे पाए
सुन्दर मुखड़ा दिल का तुकड़ा दूर है मुझसे हाए
लेके मेरी निंदिया रे

चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना सोये मेरी मैना लेके मेरी निंदिया रे
चन्दा रे चन्दा रे
छुपे रहना सोये मेरी मैना लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे
लेके मेरी निंदिया रे


फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी

गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा
तू गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा
(यूँ ही बिताए जा दिन ज़िंदगी के) – 2
गा मेरे मन गा … गा मेरे मन गा

ह्म्म, तेरी टूटी हुई बीना
कहे तुझको है जीना
जीवन को निभा
ह्म्म, चाहे भर भर आए
चाहे दुख बरसाये
तेरे नैनों की घटा
तू नैन मत छलका…
गा मेरे मन गा …

ये हैं दुनिया के मेले
तुझे फिरना अकेले
सह सहके सितम
ह्म्म, नफ़रत का दीवाना
नहीं समझा ज़माना
तेरा दुख तेरा ग़म
खा ठेस और मुस्का…
गा मेरे मन गा …

ह्म्म, हर सू है अंधेरा फिर कौन है तेरा
जो मैं कहूँ ज़रा सुन
ह्म्म, मेरी खो गई पायल मेरी गीत है घायल
मेरी ज़खमी है धुन
फिर भी तू झूमे जा…
गा मेरे मन गा …


फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी

कोई आया धड़कन कहती है – 3
धीरे से पलकों की ये गिरती उठती चिलमन कहती है
धीरे से
धीरे से पलकों की ये गिरती उठती चिलमन कहती है
कोई आया धड़कन कहती है

होने लगी किसी आहट की फुलकारियाँ
परवाने बनके उड़ी दिल की चिन्गारियाँ
झूम गया झिलमिलता जिया
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …

चाँद हँसा लेके दर्पण मेरे सामने
घबराके मैं लट उलझी लगी थामने
छेड़ गयी मुझे चंचल हवा
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …

आ ही गया मीठी मीठी सी उल्झन लिये
खो ही गयी मैं तो शरमाती चितवन लिये
गोरे बदन से पसीना बहा
कोई आया
कोई आया धड़कन कहती है …


फ़िल्म: लाजवंती / Lajwanti (1958)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नरगिस, बलराज साहनी

कुछ दिन पहले एक ताल में कमल कुंज के अंदर
रहता था, एक हंस का जोड़ा एक हंस का जोड़ा

(रोज़ रोज़ रोज़ भोर होते ही जब खिल जाते कमल
दूर दूर दूर मोती चुगने को हंस घर से जाता निकल) – 2
संध्या होती,
संध्या होती घर को आता झूम झूम के
कुछ दिन पहले…

(जब जब जब ढल जाता था दिन तारे जाते थे खिल
सो जाते हिल-मिल के वो दोनों जैसे लहरों के दिल) – 2
चंदा हँसता,
चंदा हँसता दोनों का मुख चूम चूम के
कुछ दिन पहले…

(थी उनकी एक नन्ही सी बेटी छोटी सी हंसनी
दोनों के नयनों की वो ज्योती घर की रौशनी) – 2
ममता गाती, ममता गाती और मुस्काती झूम झूम के
कुछ दिन पहले…

कुछ दिन पहले एक ताल में कमल कुन्ज के अंदर
कौन था?
एक हंस का जोड़ा, एक हंस का जोड़ा

(फिर एक दिन ऐसा तूफ़ान आया चली ऐसी हवा
बेचारे हंसा उड़ गए रे होके सबसे जुदा) – 2
सागर-सागर, सागर-सागर
सागर-सागर रोते हैं अब घूम घूम के
घूम घूम के