नैनों में निंदिया है – Nainon Mein Nindiya Hai (Joroo Ka Ghulam)


फ़िल्म/एल्बम: जोरू का गुलाम (1972)
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार


हां तो, नैनों में, निंदिया है
माथे पे, बिंदिया है
तो बालों में, गजरा है
आंखों में, कजरा है
ओह ओ
फिर कौन सी जगह है खाली, ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा, ओ बोलो कहां रहूंगा
ओ नैनों में निंदिया है…

तेरी गलियों का, मैं हूं एक बंजारा
तेरे बिन दुनिया में, मेरा कौन सहारा
मेरी कब मर्ज़ी है, हममें हो ये दूरी
मैं तो जां भी दे दूं, लेकिन है मजबूरी
पांव में, पायल है
हाथों में, आंचल है
ज़ुल्फों में, खुशबू है
पलकों में, जादू है
फिर कौन सी जगह है खाली…

सीखे कोई तुमसे, झूठी बात बनाना
देखो दिल न तोड़ो, करके साफ़ बहाना
ऐसे सपनों का, कोई महल बनाओ
मेरे बेघर प्रेमी, मैं तुमको कहां बसाऊं
सीने में, धड़कन है
बाहों में, कंगन है
कानों में, बाली है
होठों पे, लाली है
फिर कौन सी जगह है खाली
ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा
ओ बोलो-बोलो कहां रहूंगा
बस एक ही जगह है खाली
ये दिल वाली
तुम यहां रहोगे, अच्छा
तुम यहां रहोगे, अच्छा जी
तुम यहां रहोगे, ओके
तुम यहां रहोगे, Thank You

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