मैं तेरे प्यार में क्या क्या न बना दिलबर – Main Tere Pyar Mein Kya Kya (Ziddi)

फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: गीता दत्त, मन्ना डे
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: मेहमूद, शोभा खोटे



मैं तेरे प्यार में क्या क्या न बना दिलबर
जाने ये मौसम – 2
मैं घटा प्यार भरी तू है मेरा बादल
जाने ये मौसम – 2

तू है मेरी बन्शी मैं हूँ तेरा कान्हा
तेरा मेरा प्यार है सदियों पुराना
दिल के हर तार में है राग तेरा हरदम
मैं घटा प्यार भरी…

तू है मेरी मन्ज़िल मैं हूँ तेरा साहिल
करके रहेंगे इक दिन तुझे हासिल
चले तू ही गोरी दिल में सदा छम छम
मैं घटा प्यार भरी…

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ज़िद्दी – Songs of Ziddi (1964)


फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: आशा पारेख, जॉय मुखर्जी

आया न कोई ऐसे यहाँ, छम से न होगा
ओ काम किया हमने वो, रुस्तम से न होगा

(रात का समा झूमे चन्द्रमा
तन मोरा नाचे रे जैसे बिजुरिया) – 2
रात का समा…

देखो देखो देखो हूँ नदी प्यार की
सुनो सुनो सुनो बाँधे नैना बँधी
मैं अलबेली मान लो बड़ी ज़िद्दी – 2
माने मुझको जहाँ
रात का समा…

नाचूँ नाचूँ नाचूँ मोरनी बाग की
डोलूँ डोलूँ डोलूँ हिरणिया मदभरी
घूँगर बाजे छ्मा-छम – 2
रात का समा…

धीरे धीरे धीरे जीत मेरी हुई
हौले हौले हौले हार तेरी हुई
(तेरी तरह जा रे जा बहुत देखे – 2
मुझसा कोई कहाँ
रात का समा…


फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: आशा पारेख, जॉय मुखर्जी

चम्पा कली देखो झुक ही गयी जादू किया मेरे प्यार ने
जुही के फूल तूने दिल ले लिया रे पागल किया तेरे प्यार ने

ये तेरा शबाब प्यार का कमल
अँखड़ियाँ हैं या कोई ग़ज़ल है प्यार की
बन गये हम यूँ हसीं
आप की ये इनायत हुई
चम्पा कली देखो…

मेरे दिल की आग राग बन गयी
मुझ को ज़िंदगी में गुनगुनाना आ गया
जान-ए-मन तुम जान लो
प्यार पत्थर को देता है झुका
जुही की फूल…

ओ~ रात नौजवाँ तुम भी हो यहाँ
आज अपने प्यार पर बहार आ गयी
मिल गये दिल खिल गये
ये कली तेरी दुल्हन बनेगी
चम्पा कली देखो…


फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: गीता दत्त, मन्ना डे
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: आशा पारेख, जॉय मुखर्जी

मैं तेरे प्यार में क्या क्या न बना दिलबर
जाने ये मौसम – 2
मैं घटा प्यार भरी तू है मेरा बादल
जाने ये मौसम – 2

तू है मेरी बन्शी मैं हूँ तेरा कान्हा
तेरा मेरा प्यार है सदियों पुराना
दिल के हर तार में है राग तेरा हरदम
मैं घटा प्यार भरी…

तू है मेरी मन्ज़िल मैं हूँ तेरा साहिल
करके रहेंगे इक दिन तुझे हासिल
चले तू ही गोरी दिल में सदा छम छम
मैं घटा प्यार भरी…


फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: आशा पारेख, जॉय मुखर्जी

प्यार की मंज़िल मस्त सफ़र तुम हो हसीं हम हैं जवाँ
सामने तुम हो फिर भी हमें होश नहीं हम हैं कहाँ
प्यार की मंज़िल…

यूँ ही सताऊँगा दिन और रात
जब तक न दोगी तुम हाथों में हाथ – 2
ये ज़िद भी है कितनी हमको देखना है
प्यार की मंज़िल…

दम से हमारे है तुम पर बहार
एहसान मानो जो किया तुमसे प्यार – 2
जलवे तो लाखों हैं कौन पूछता है
प्यार की मंज़िल…

मानो या न मानो जी तुम हो हसीं
अजी दिल की बातों का कर लो यक़ीं – 2
मेरे दिल को तेरे दिल से प्यार हो गया है
प्यार की मंज़िल…


फ़िल्म: ज़िद्दी / Ziddi (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: आशा पारेख, जॉय मुखर्जी

तेरी सूरत से नहीं मिलती किसी की सूरत
हम जहाँ में तेरी तस्वीर लिए फिरते हैं
तेरी सूरत से…

ख़ूब चेहरा है तेरा दोनों जहाँ हैं पागल
सामने तेरे है फीका वो हसीं ताज महल
तेरी ज़ुल्फ़ों ने सनम दिल मेरा बाँध लिया
तूने ऐ जान-ए-सितम प्यार का जाम दिया
ज़ुल्फ़ की हम जवाँ ज़ंजीर लिए फिरते हैं
तेरी सूरत से…

ये तो दुनिया है यहाँ एक नहीं लाख हसीं
जो अदा देखी है तुझ में वो किसी में भी नहीं
सामना तेरा जब होगा तो क़यामत भी होगी
आँख जब तुझसे मिलेगी तो मोहब्बत भी होगी
प्यार की हम अजब ताबीर लिए फिरते हैं
तेरी सूरत से…

चाँदनी रात भी ज़ालिम तेरी परछाईं है
और सूरज ने तेरे गालों से चमक पाई है
गर तुझे देख ले कश्मीर तो शरमा जाए
और फ़रिश्ता जो अगर देख ले ललचा जाए
हम नए रंग की इक हीर लिए फिरते हैं
तेरी सूरत से…

गोदान – Songs of Godaan (1963)


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

चली आज गोरी पिया की नगरिया – 2
मँगिया में सिंदूर ओढ़े चुनरिया – 2
चली आज गोरी पिया की नगरिया ..

दुलारों से पाली ये कोमल कली सी – 2
छिपी माँ के आँचल में जैसी डरी सी
वो ही आज जाए पराई नगरिया ..१..

अँखियों में आँसू हैं साँसों में आँधी – 2
सजन से मिलन को सजनिया है जाती
नैनों से थम थम के बरसे बदरिया ..2..

चली आज गोरी पिया की नगरिया


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

(हिया जरत रहत दिन रैन हो रामा
जरत रहत दिन रैन) – 2

अमब्वा कि दालि पे कोयल बोले – 2
तनिक न आवत चैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन

बस्वारि मेइन मधुर सुर बाजे – 2
बिर्ही पपिहरा बोलन लागे
मधुरे मधुर मधु बैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन

आस अधुरी प्यासी ओओमरिया – 2
जाये अन्धेरा सुनी दगरीया
दरत जिया बेचैन
दरत जिया बेचैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन
हिय जरत रहत दिन रैन ओ राम्म
जरत रहत दिन रैन


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

जाने काहे जिया मोरा डोले रे – 2
कोई कलियों का घूँघट खोले
मेरे सपनों की दुनिया डोले
डोले रे, जाने काहे जिया मोरा…

(हवा धानी चुनरिया उड़ाए
मोरा चंचल जिया लहराए) – 2
पुरवैया बहे हौले-हौले
डाली-डाली पे बेल फूले
फूले रे, जाने काहे जिया मोरा…

(फूल चुन-चुन ये किस पर चढ़ाऊँ सखी
मन मंदिर में किस को बिठाऊँ सखी) – 2
आ जा पिया मोरा डोले जिया – 2
डोले रे, जाने काहे जिया मोरा…


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: गीता दत्त, महेंद्र कपूर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए जियरा मोरा रिझाय के
ओ निरदर्दी मैं पछताई तुझसे नेहा लगय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए मीठी तान सुनाय के
ओ मृगनयनी काहे रिझाए नैनन बान चलाय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

जब से देखा तुझे सजनवा मैं सपनों में खो गई
ओ निर्मोही चुपके चुपके मैं तो तेरी हो गई
मुझसे नैन चुराए बलमवा दिल का चैन चुराय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

इन्द्रधनुष सी तोरी चुनरिया हिरदय पर छा जाए रे
संवर संवर कर गोरी गुजरिया जग जैसे छल जाए रे
तोहन मन्तर काहे चलाए मधुर मधुर मुस्काय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए…

बड़ा निठुर है मोरा संवरिया जो न पसीजे प्यार में
प्यार बिना मैं जिऊँ रे कैसे छलिया इस संसार में
बिरहिन मैं बन जाऊँ जोगनिया दुनिया को ठुकराय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

प्रीत तेरी पहचान न पाया जिया मोरा अनजान रे
तुझसे मेरा नेह सजनिया करूँ निछावर प्रान रे
प्रेम का नाता जोड़ ले तू बीती बतियाँ बिसराय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए…


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

पिपरा के पतवा सरीखा डोले मनवा
कि जियरा मां उठत हिलोर
अरे पुरवा के झोंकवा से आयो रे संदेसवा
कि चल आज देसवा की ओर
पिपरा के पतवा…

झुकि झुकि बोले कारे कारे ये बदरवा
कबसे पुकारे तोहे नयनों का कजरवा
उमड़ घुमड़ जब गरजे बदरिया रे
ठुमक ठुमक नाचे मोर
पुरवा के झोंकवा से…

सिमिट सिमिट बोले ल.म्बी ये डगरिया
जल्दी जल्दी चल राही अपनी नगरिया
रहिया तकत बिरहनिया दुल्हनिया रे
बांध के लगनवा की डोर
पुरवा के झोंकवा से…

पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे – Piya Aiso Jiya Mein Samay (Sahib Bibi Aur Ghulam)

फ़िल्म: साहिब बीबी और गुलाम / Sahib Bibi Aur Ghulam (1962)
गायक/गायिका: गीता दत्त
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: गुरु दत्त, मीना कुमारी, रहमान, वहीदा रहमान



(पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे
कि मैं तन मन की सुध बुध गवाँ बैठी) – 2
हर आहट पे समझी वो आय गयो रे
झट घूँघट में मुखड़ा छुपा बैठी
पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे…

(मोरे अंगना में जब पुरवय्या चली
मोरे द्वारे की खुल गई किवाड़ियां) – 2
ओ दैया! द्वारे की खुल गई किवाड़ियां
मैने जाना कि आ गये सांवरिया मोरे – 2
झट फूलन की सेजिया पे जा बैठी
पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे…

(मैने सिंदूर से माँग अपनी भरी
रूप सैयाँ के कारण सजाया) – 2
ओ मैने सैयाँ के कारण सजाया
इस दर से किसी की नज़र न लगे – 2
झट नैनन में कजरा लगा बैठी
पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे…

न जाओ सैंया छुड़ा के बैंया – Na Jao Saiyan Chhuda Ke Baiyan (Sahib Bibi Aur Ghulam)

फ़िल्म: साहिब बीबी और गुलाम / Sahib Bibi Aur Ghulam (1962)
गायक/गायिका: गीता दत्त
संगीतकार: हेमंत कुमार
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: गुरु दत्त, वहीदा रहमान, मीना कुमारी, रहमान



न जाओ सैंया छुड़ा के बैंया
क़सम तुम्हारि मैं रो पड़ूँगी, रो पड़ूँगी
मचल रहा है सुहाग मेरा
जो तुम न हो तो, मैं क्या करूँगी, क्या करूँगी

ये बिखरी ज़ुल्फ़ें ये घुलता कजरा
ये महकी चुनरी ये मन की मदिरा
ये सब तुम्हारे लिये है प्रीतम
मैं आज तुम को न जाने दूँगी, जाने न दूँगि

मैं तुम्हरी दासी जनम की प्यासी
तुम्हीं हो मेरा सिंगार प्रीतम
तुम्हारी रस्ते की धूल ले कर
मैं माँग अपनी सदा भरूँगी, सदा भरूँगी

जो मुझ से अखियाँ चुरा रहे हो
तो मेरी इतनी अरज भी सुन लो
पिया ये मेरी अरज भी सुन लो
तुम्हारी क़दमों में आ गयी हूँ
यहीं जियूँगी यहीं मरूँगी, यहीं मरूँगी