नज़रों से कह दो प्यार में – Nazron se Keh Do Pyar Mein (Doosra Aadmi)


फिल्म: दूसरा आदमी / Doosra Aadmi (1977)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: मजरूह सुलतान पुरी


नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी आस है
तुम पास हो फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

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नैनों में निंदिया है – Nainon Mein Nindiya Hai (Joroo Ka Ghulam)


फ़िल्म/एल्बम: जोरू का गुलाम (1972)
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार


हां तो, नैनों में, निंदिया है
माथे पे, बिंदिया है
तो बालों में, गजरा है
आंखों में, कजरा है
ओह ओ
फिर कौन सी जगह है खाली, ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा, ओ बोलो कहां रहूंगा
ओ नैनों में निंदिया है…

तेरी गलियों का, मैं हूं एक बंजारा
तेरे बिन दुनिया में, मेरा कौन सहारा
मेरी कब मर्ज़ी है, हममें हो ये दूरी
मैं तो जां भी दे दूं, लेकिन है मजबूरी
पांव में, पायल है
हाथों में, आंचल है
ज़ुल्फों में, खुशबू है
पलकों में, जादू है
फिर कौन सी जगह है खाली…

सीखे कोई तुमसे, झूठी बात बनाना
देखो दिल न तोड़ो, करके साफ़ बहाना
ऐसे सपनों का, कोई महल बनाओ
मेरे बेघर प्रेमी, मैं तुमको कहां बसाऊं
सीने में, धड़कन है
बाहों में, कंगन है
कानों में, बाली है
होठों पे, लाली है
फिर कौन सी जगह है खाली
ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा
ओ बोलो-बोलो कहां रहूंगा
बस एक ही जगह है खाली
ये दिल वाली
तुम यहां रहोगे, अच्छा
तुम यहां रहोगे, अच्छा जी
तुम यहां रहोगे, ओके
तुम यहां रहोगे, Thank You

ये मौसम आया है कितने सालों में – Ye Mausam Aaya Hai (Aakraman)


फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार, लता मंगेशकर


ये मौसम आया है कितने सालों में
आजा कि खो जाएं ख्वाबों ख्यालों में

आंखों का मिलना खूब रहा है
ये दिल दिवाना डूब रहा है
मतवाले नैनों के
इन शरबती, नर्गिसी प्यालों में
आजा खो जाएं…

कहना नहीं था कहना पड़ा है
प्यार का जादू सबसे बड़ा है
मेरा दिल ना आ जाये
इन प्यार की मदभरी चालों में
आजा खो जाएं…

जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया – Jaane Kaise Kab Kahan (Shakti)


फ़िल्म/एल्बम: शक्ति (1982)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार


जाने कैसे, कब कहां, इकरार हो गया
हम सोचते ही रह गये, और प्यार हो गया

गुलशन बनी, गलियां सभी
फूल बन गई, कलियां सभी
लगता है मेरा सेहरा तैयार हो गया
हम सोचते ही…

तुमने हमे बेबस किया
दिल ने हमे धोखा दिया
उफ़ तौबा जीना कितना दुश्वार हो गया
हम सोचते ही…

हम चुप रहे, कुछ ना कहा
कहने को क्या, बाकी रहा
बस आंखों ही आंखों में इज़हार हो गया
हम सोचते ही…

छोटी उमर में लम्बे सफ़र में – Chhoti Umar Mein (Aakraman)


फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार


छोटी उमर में
लम्बे सफ़र में
यूं हमसफ़र थे
जेड़ा मुंह मोड़े
बेईमान होवे

अब गुस्से से काम न लेना
बेदर्दी का नाम न लेना
पर को ये इल्ज़ाम न लेना
हाय ऐसे दुःख में बैठे किसी का
जेड़ा दिल तोड़े
जेड़ा दिल तोड़े बेईमान होवे
छोटी उमर में…

ये बदमस्त हसीन नज़ारे
करते हैं हम तुमको इशारे
कहते हैं ले के नाम हमारे
मंदिर से पहले, अपने साथी का
जेड़ा संग छोड़े
जेड़ा संग छोड़े, बेईमान होवे
छोटी उमर में…