ऐ मेरे सोये हुए प्यार – Aye Mere Soye Hue Pyar (Paayal Ki Jhankar)


फ़िल्म: पायल की झंकार (1968)
संगीतकार: सी.रामचन्द्र
गीतकार: राजिंदर कृष्ण
गायक/गायिका: आशा भोंसले, किशोर कुमार


आज अंधेरे को मिटाना होगा
एक नया दीप जलाना होगा
आज कुछ भूली हुई यादों को
अपनी पायल से जगाना होगा

ऐ मेरे सोये हुए प्यार ज़रा होश में आ
हो चुकी नींद बहुत जाग ज़रा जोश में आ
ज़रा होश में आ, होश में आ, होश में आ
ऐ मेरे सोये हुए…

क्या हुई तेरी हंसी, क्या हुई तेरी अदा
तेरी महफ़िल का समां, कभी ऐसा तो न था
फिर वही धूम मचा, फिर वो ही अन्दाज़ दिखा
हो चुकी नींद बहुत…

ये उदासी तो ना थी, तेरे आंखों में कभी
गीत गाने के है दिन, तो तुझे चुप है लगी
अपने होंठों पे ज़रा, प्यार के गीतों को भी ला
हो चुकी नींद बहुत…

वास्ता प्यार का दूं, देख ले एक नज़र
या मुझे इतना बता, मेरी मंज़िल है किधर
तेरी दुनिया है जहां, मेरी दुनिया भी वहां
छोड़ कर दर ये तेरा, और जाऊंगी कहां
या तो खुद होश में आ, या मुझे बेहोश बना
हो चुकी नींद बहुत…

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ऐ लो मैं बन गया थानेदार भईया – Main Ban Gaya Thanedar (Inquilaab)


फ़िल्म: इंकलाब (1984)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार


ऐ लो मैं बन गया थानेदार भईया
अब डर काहे का
रिश्वत ख़ोरी अब न चलेगी
चोरों की चोरी अब न चलेगी
अरे जोरा जोरी अब न चलेगी
अब अपनी है सरकार भईया
अब डर काहे…

अब न किसी से तुम घबराओ
थाने में आओ रपट लिखाओ
किसी की इज़्ज़त अब न लुटेगी
किसी की मेहनत अब न लुटेगी
किसी की दौलत अब न लुटेगी
मैं सबका पहरेदार भईया
अब डर काहे…

तुम मेरे हो मैं तुम सबका
ये रिश्ता है जाने कब का
इन गलियन के हम साथी हैं
इस जीवन के हम साथी हैं
साथी हैं, हम साथी हैं, हम साथी हैं
ना टूटे कभी ये प्यार भईया
अब डर काहे…

बंद यूं अपनी मुट्ठी कर दी
मैंने सबकी छुट्टी कर दी
दारू का अड्डा अब ना चलेगा
सट्टे पे सत्ता अब ना चलेगा
अरे शहर में सट्टा अब न चलेगा
लम्बू की लम्बी मार ओ भईया
अब डर काहे का…

नज़रों से कह दो प्यार में – Nazron se Keh Do Pyar Mein (Doosra Aadmi)


फिल्म: दूसरा आदमी / Doosra Aadmi (1977)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: मजरूह सुलतान पुरी


नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी आस है
तुम पास हो फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

नैनों में निंदिया है – Nainon Mein Nindiya Hai (Joroo Ka Ghulam)


फ़िल्म/एल्बम: जोरू का गुलाम (1972)
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार


हां तो, नैनों में, निंदिया है
माथे पे, बिंदिया है
तो बालों में, गजरा है
आंखों में, कजरा है
ओह ओ
फिर कौन सी जगह है खाली, ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा, ओ बोलो कहां रहूंगा
ओ नैनों में निंदिया है…

तेरी गलियों का, मैं हूं एक बंजारा
तेरे बिन दुनिया में, मेरा कौन सहारा
मेरी कब मर्ज़ी है, हममें हो ये दूरी
मैं तो जां भी दे दूं, लेकिन है मजबूरी
पांव में, पायल है
हाथों में, आंचल है
ज़ुल्फों में, खुशबू है
पलकों में, जादू है
फिर कौन सी जगह है खाली…

सीखे कोई तुमसे, झूठी बात बनाना
देखो दिल न तोड़ो, करके साफ़ बहाना
ऐसे सपनों का, कोई महल बनाओ
मेरे बेघर प्रेमी, मैं तुमको कहां बसाऊं
सीने में, धड़कन है
बाहों में, कंगन है
कानों में, बाली है
होठों पे, लाली है
फिर कौन सी जगह है खाली
ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा
ओ बोलो-बोलो कहां रहूंगा
बस एक ही जगह है खाली
ये दिल वाली
तुम यहां रहोगे, अच्छा
तुम यहां रहोगे, अच्छा जी
तुम यहां रहोगे, ओके
तुम यहां रहोगे, Thank You

ये मौसम आया है कितने सालों में – Ye Mausam Aaya Hai (Aakraman)


फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार, लता मंगेशकर


ये मौसम आया है कितने सालों में
आजा कि खो जाएं ख्वाबों ख्यालों में

आंखों का मिलना खूब रहा है
ये दिल दिवाना डूब रहा है
मतवाले नैनों के
इन शरबती, नर्गिसी प्यालों में
आजा खो जाएं…

कहना नहीं था कहना पड़ा है
प्यार का जादू सबसे बड़ा है
मेरा दिल ना आ जाये
इन प्यार की मदभरी चालों में
आजा खो जाएं…