दो नैन मिले दो फूल खिले – Do Nain Mile Do Phool Khile (Ghunghat)


फ़िल्म/एल्बम: घूंघट (1960)
संगीतकार: रवि
गीतकार: शकील बदायुनी
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर


दो नैन मिले, दो फूल खिले
दुनिया में बहार आई
एक रंग नया लायी, एक रंग नया लायी
दिल गाने लगा, लहराने लगा
ली प्यार ने अंगड़ाई
बजने लगी शहनाई, बजने लगी शहनाई
दो नैन मिले…

अरमान भरी नज़रों से बलम
इस तरह हमें देखा न करो
हो जाए ना रुसवा इश्क़ कहीं
दुनिया है बुरी, दुनिया से डरो
दुनिया का मुझे कुछ खौफ़ नहीं
दुनिया तो है हरजाई, और इश्क़ है सौदाई
दो नैन मिले…

ज़ुल्फों की घनी छांव में सनम
दम भर के लिए जीने दे मुझे
इस मस्त नज़र की तुझको कसम
आंखों से ज़रा पीने दे मुझे
पीना तो कोई दुश्वार नहीं
ओ प्यार के शहदायी, बहके तो है रुसवाई
दो नैन मिले…

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सजना साथ निभाना – Sajna Saath Nibhana (Doli)


फ़िल्म/एल्बम: डोली (1969)
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजिंदर कृष्ण
गायक/गायिका: आशा भोंसले, मो.रफ़ी


सजना साथ निभाना, सजना साथ निभाना
साथी मेरी बहारों के राह में छोड़ न जाना
सजना साथ निभाना…

आ के चला जाए ज़माना जो बहार का
फूल मुरझाये ना तेरे-मेरे प्यार का
आज के वादे सजना
आज की बातें सजना
भूल न जाना
सजना साथ निभाना…

वैसे तो हजारों नज़ारे मेरी राह में
एक बस तू ही समाया है निगाहों में
प्यार की रस्में सजना
प्यार की कसमें सजना
भूल न जाना…

किसने साथ निभाया, किसने साथ निभाया
दिल को एक खिलौना समझा
खेला और ठुकराया
किसने साथ निभाया…

कहां के ये वादे, ये कसमें कहां की
कहां है वो दुनिया, ये बातें हैं जहां की
झूठी नगरी, झूठे जोगी
प्रीत भी सच्ची कैसे होगी
अच्छा ढोंग रचाया
किसने साथ निभाया…

सौ बरस की ज़िन्दगी से अच्छे हैं – Sau Baras Ki Zindagi Se (Sachchaai)


फ़िल्म/एल्बम: सच्चाई (1969)
संगीतकार: शंकर जयकिशन
गीतकार: राजिंदर कृषण
गायक/गायिका: आशा भोंसले, मो.रफ़ी


सौ बरस की ज़िन्दगी से अच्छे हैं
प्यार के दो चार दिन
ज़िन्दगी की हर ख़ुशी से अच्छे हैं
प्यार के दो चार दिन

प्यार ही से ये ज़मीं है, प्यार ही से आसमां
प्यार का लेकर सहारा, चल रहा है ये जहां
प्यार शबनम, प्यार शोला
प्यार ही बाद-ए-सबा
फूल कलियां चांद तारे
सब मोहब्बत के निशां
सौ बरस की ज़िन्दगी से…

ये मुहब्बत दो दिलों का, खूबसूरत राज़ है
दिल की धड़कन जिसकी सरगम, है यही वो ताज़ है
चाहे भंवरे का हो नगमा
या पपीहे की सदा
प्यार कहते हैं जिसे हम
एक ही आवाज़ है
सौ बरस की ज़िन्दगी से…

कोई आया आने भी दे – Koi Aaya Aane Bhi De (Kala Sona)


फ़िल्म/एल्बम: काला सोना (1975)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: आशा भोंसले


कोई आया, आने भी दे
कोई गया, जाने भी दे
तुझको तो है मस्ती में जीना, जी ले
कोई आया, कोई आया…

तू तो है दीवाना, बहके जा, महके जा
ख़ुशी के नशे में, ऐसे ही मज़े में, आहा
महफ़िल में रंग भरता जा सुबह तलक रंगीले
कोई आया, आने भी दे…

झूमे जा मस्ताने, छेड़े जा तराने
कल क्या हो क्या जाने, जाने ये तुम्हारी बला
आगे भी होने दे अंधेरा, सपने तो हैं चमकीले
कोई आया, आने भी दे…

मैंने होठों से लगाई तो हंगामा हो गया – Hungama Ho Gaya (Anhonee)


फ़िल्म/एल्बम: अनहोनी (1973)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार: वर्मा मलिक
गायक/गायिका: आशा भोंसले


हां हां जाम भी है, हां हां शाम भी है
अरे चोरी नहीं, सारा आम भी है
सबने पी है, मुझपे इल्ज़ाम क्यूं है
खाम-खां मेरा नाम बदनाम क्यूं है
देखो न लोगों ने, बोतलों की बोतलें
ख़त्म कर दी तो कुछ न हुआ
मगर मगर
मैंने होठों से लगाई तो, हंगामा हो गया
हंगामा हो गया, हंगामा, हंगामा हो गया
मुझे यार ने पिलाई तो, हंगामा हो गया…

दिन को कसमें खाते हैं, तौबा-तौबा करते हैं
शाम होती है तो फिर प्याले भरते हैं
रात को सब पीते हैं, सुबह को सब डरते हैं
क्या कशिश हैं, सब इसपे मरते हैं
कैसे ये लोग हैं, पता नहीं क्या करते हैं
कौन सी बात है इसमें, सब इसको अपनाते हैं
देखो ना, सबको तमाशा दिखाते हैं
गिरते हैं, लड़खड़ाते हैं, शोर मचाते हैं
उनको तो आप कुछ नहीं कहते
मगर मगर
मुझे हिचकी जो आई तो, हंगामा हो गया
हंगामा हो गया…

क्यूं घबरा गई, शर्मा गई, या गुस्सा खा गई
हाथ लगाने से इतना तिलमिला गए
अरे हुस्न वाले तो आग लगा देते हैं
फ़ना कर देते हैं, होश उड़ा देते हैं
दिल, जिगर, चैन, आराम, रातें
सुबह, दोपहर और शाम छीन ले जाते हैं
और आंख चुरा लेते हैं
सामने होते हैं और आप बोल नहीं पाते हैं
देखो ना दर्द, ठेस और ज़ख्म दे जाते हैं
पर आप कुछ नहीं कहते
मगर मगर
मैंने आंख जो मिलाई तो, हंगामा हो गया
हंगामा हो गया…