कलियों का चमन तब बनता है – Kaliyon Ka Chaman Tab Banta Hai (Jyoti)


फ़िल्म: ज्योति (1981)
संगीतकार: बप्पी लाहिड़ी
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर


हमारी इस नज़ाकत को, क़यामत से ना कम समझो
हमें ऐ चाहने वालों, न मिट्टी का सनम समझो

थोड़ा रेशम लगता है, थोड़ा शीशा लगता है
हीरे मोती जड़ते हैं, थोड़ा सोना लगता है
ऐसा गोरा बदन तब बनता है
थोड़ा रेशम लगता है…

दिल को प्यार का रोग लगा के, ज़ख़्म बनाने पड़ते हैं
ख़ून-ए-जिगर से अरमानों के, फूल खिलाने पड़ते हैं
दर्द हज़ारों उठते हैं, कितने कांटे चुभते हैं
कलियों का चमन तब बनता है
थोड़ा रेशम लगता है…

हंस के दो बातें क्या कर ली, तुम तो बन बैठे सैयां
पहले इनका मोल तो पूछो, फिर पकड़ो हमरी बैयां
दिल दौलत दुनिया तीनों, प्यार में कोई हारे तो
वो मेरा सजन तब बनता है
थोड़ा रेशम लगता है…

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मैं बेवफ़ा, मैं बेक़दर – Main Bewafa Main Beqadar (Pyar Ishq Aur Mohabbat)


फ़िल्म: प्यार इश्क़ और मोहब्बत (2001)
संगीतकार: विजू शाह
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: कुमार सानू


मैं बेवफ़ा, मैं बेक़दर
मैंने तेरा दिल तोड़ा
मेरा भी दिल टूटा मगर
तुझको नहीं इसकी ख़बर
तेरी याद में दिल थाम कर
तड़पूंगा मैं सारी उमर
मैं बेवफ़ा, मैं बेक़दर..

दुनिया के सब आशिक़ों की
तोड़ी है सब मैंने रस्में
बेचे हैं सब अपने वादे
बेची हैं सब अपनी कसमें
मैं बेवफा, मैं बेक़दर…

ये प्यार इश्क़ और मोहब्बत
क्या है ये अब मैंने जाना
वापस मगर कैसे आये
गुज़रा हुआ वो ज़माना
मैं बेवफ़ा, मैं बेक़दर…

ऐ लो मैं बन गया थानेदार भईया – Main Ban Gaya Thanedar (Inquilaab)


फ़िल्म: इंकलाब (1984)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार


ऐ लो मैं बन गया थानेदार भईया
अब डर काहे का
रिश्वत ख़ोरी अब न चलेगी
चोरों की चोरी अब न चलेगी
अरे जोरा जोरी अब न चलेगी
अब अपनी है सरकार भईया
अब डर काहे…

अब न किसी से तुम घबराओ
थाने में आओ रपट लिखाओ
किसी की इज़्ज़त अब न लुटेगी
किसी की मेहनत अब न लुटेगी
किसी की दौलत अब न लुटेगी
मैं सबका पहरेदार भईया
अब डर काहे…

तुम मेरे हो मैं तुम सबका
ये रिश्ता है जाने कब का
इन गलियन के हम साथी हैं
इस जीवन के हम साथी हैं
साथी हैं, हम साथी हैं, हम साथी हैं
ना टूटे कभी ये प्यार भईया
अब डर काहे…

बंद यूं अपनी मुट्ठी कर दी
मैंने सबकी छुट्टी कर दी
दारू का अड्डा अब ना चलेगा
सट्टे पे सत्ता अब ना चलेगा
अरे शहर में सट्टा अब न चलेगा
लम्बू की लम्बी मार ओ भईया
अब डर काहे का…

जाने क्या बात है, जाने क्या बात है – Jaane Kya Baat Hai (Sunny)


फ़िल्म: सनी (1984)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर


जाने क्या बात है, जाने क्या बात है
नींद नहीं आती बड़ी लम्बी रात है
जाने क्या बात…

सारी सारी रात मुझे इसने जगाया
जैसे कोई सपना, जैसे कोई साया
कोई नहीं लगता है, कोई मेरे साथ है
जाने क्या बात…

धक-धक कभी से जिया डोल रहा है
घूंघट अभी से मेरा खोल रहा है
दूर अभी तो पिया की मुलाक़ात है
जाने क्या बात…

जब-जब देखूं मैं ये चांद सितारे
ऐसा लगता है मुझे लाज के मारे
जैसे कोई डोली, जैसे बारात है
जाने क्या बात…

वतन वालों वतन ना बेच देना – Watan Walon Watan Na Bech Dena (Indian)


फ़िल्म: इंडियन (2001)
संगीतकार: आनंद राज आनंद
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: रूप कुमार राठोड़


वतन वालों वतन ना बेच देना
ये धरती, ये गगन ना बेच देना
शहीदों ने जान दी है, वतन के वास्ते
शहीदों के कफ़न ना बेच देना

दोस्तों, साथियों, हम चले दे चले
अपना दिल अपनी जां
ताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्तां
हम जीये, हम मरे, इस वतन के लिए
इस चमन के लिए
ताकि खिलते रहें गुल हमेशा यहां
दोस्तों, साथियों

दोस्तों से मिलो दोस्तों की तरह
दुश्मनों से मिलो दुश्मनों की तरह
जीना क्या, मरना क्या, बुज़दिलों की तरह
कह रहा ये वतन, ये ज़मीं आसमां

मांओं ने अपने बेटे दिए नौजवां
सोचकर और क्या
ताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्तां

मातृ-भूमि का दिल, तू नहीं तोड़ना
देश के दुश्मनों को नहीं छोड़ना
मरना जीना तुझे, इस वतन के लिए
फ़र्ज़ अपना निभा दे अमन के लिए
नाज़ तुमपे करे, ये ज़मीं-आसमां
देते हैं ये दुआ
ताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्तां

देश के नाम अपनी जवानी लिखी
ये जवानी है क्या ज़िन्दगानी लिखी
बस यहां तक की हमने कहानी लिखी
अब लिखो इसके आगे की तुम दास्तां
फ़र्ज़ कर दो अदा
ताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्तां
दोस्तों, साथियों, हम चले दे चले…