बहू बेगम – Full Movie and Songs of Bahu Begum (1967)



फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, ताबिश
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

अरज़-ए-शौक़ आँखों में है, अरज़-ए-वफ़ा आँखों में है
तेरे आगे बात कहने का मज़ा आँखों में है

वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़ के तर्ज़-ए-बयाँ से मैं
कह दूँगा दिल की बात नज़र की ज़ुबाँ से मैं – 2

मेरी वफ़ा का शौक़ से तू इम्तहान ले
गुज़रूंग तेरे इश्क़ में हर इम्तहाँ से मैं
वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़…

ऐ हुस्न-ए-आशना तेरे जलवों की खैर हो
बे-गान हो गया हूँ ग़म-ए-दो जहाँ से मैं

अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

ज़मीं हम्दर्द है मेरी न हमदम आसमां मेरा
तेरा दर छूट गया तो फिर ठिकाना है कहाँ मेरा
क़सम है तुझ को, तुझ को क़सम है,
जज़्बा-ए-दिल न जाये रैगाँ मेरा
यही है इम्तहाँ तेरा, यही है इम्तहां मेरा
एक सिम्त मुहब्बत है एक सिम्त ज़माना
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

तेरा ख़याल तेरी तमन्ना लिये हुए
दिल बुझ रहा है आस का शोला लिये हुए
हैराँ खड़ी हुई है दोराहे पे ज़िंदगी
नाकाम हसरतों का जनाज़ा लिये हुए
अब ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं

आवाज़ दे रहा है दिल-ए-ख़ानमां ख़राब
सीने में इज़्तराब है साँसों में पेच-ओ-ताब
ऐ रूह-ए-इश्क़ ऐ जान-ए-वफ़ा कुच तो दे जवाब
अब जां-ब-लब हूँ शिद्दत-ए-दर्द-ए-निहाँ से मैं
ऐसे में तुझ को ढूँढ कर लाऊँ कहाँ से मैं


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: मीना कुमारी

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल…

पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुशकिल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…

पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

हम इंतज़ार करेंगे – 2 क़यामत तक
खुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

न देंगे हम तुझे इलज़ाम बेवफ़ाई का
मगर गिला तो करेंगे तेरी जुदाई का
तेरे खिलाफ़ शिकायत हो – 2 और तू आए
खुदा करे के कयामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

ये ज़िंदगी तेरे कदमों में डाल जाएंगे
तुझी को तेरी अमानत सम्भाल जाएंगे
हमारा आलम-ए-रुखसत हो – 2 और तू आए

बुझी-बुझी सी नज़र में तेरी तलाश लिये
भटकते फिरते हैं हम आज अपनी लाश लिये
यही ज़ुनून यही वहशत हो – 2 और तू आए

Duet Version

हम इंतज़ार करेंगे
हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए – 2
हम इंतज़ार करेंगे…

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है
इसीसे इश्क़ का शोला जवां होता है
ये इंतज़ार सलामत हो
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

बिछाए शौक़ से, ख़ुद बेवफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो और तू आए

ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए
हम इंतज़ार करेंगे…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

लोग कहते हैं कि तुझसे किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें
लोग कहते हैं…

तुमने जिस हाल-ए-परेशाँ से निकाला था हमें
आसरा दे के मोहब्बत का स.म्भाला था हमें
सोचते हैं कि वही हाल दोबारा कर लें
तुम जो कह दो तो…

यूँ भी अब तुमसे मुलाक़ात नहीं होने की
मिल भी जाओ तो कोई बात नहीं होने की
आख़री बार बस अब ज़िक्र तुम्हारा कर लें
तुम जो कह दो तो…

आख़री बार ख़्यालों में बुला लें तुमको
आख़री बार कलेजे से लगा लें तुमको
और फिर अपने तड़पने का नज़ारा कर लें
तुम जो कह दो तो…


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

निकले थे कहाँ जाने के लिये, पहुंचे है कहाँ मालूम नहीं
अब अपने भटकते क़दमों को, मंजिल का निशान मालूम नहीं

हमने भी कभी इस गुल्शन में, एक ख्वाब-ए-बहार देखा था
कब फूल झरे, कब गर्द उड़ी, कब आई खिज़ां मालूम नहीं

दिल शोला-ए-ग़म से खाक हुआ, या आग लगी अरमानों में
क्या चीज़ जली क्यूं सीने से उठा है धुआं मालूम नहीं

बरबाद वफ़ा का अफ़साना हम किसे कहें और कैसे कहें
खामोश हैं लब और दुनिया को अश्कों की ज़ुबां मालूम नहीं


फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

(पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले)- 2
सीने में हूक उठे अल्लाह दुहाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

चंचल झोंकें मुँह को चूमें
बूँदें तन से खेले – 2
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
पाँव का चुम्बन ले लें
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
हमको न भाये सखी ऐसी ढिटाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

गीतों का ये अल्लहड़ मौसम
झूलों का ये मेला – 2
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
आये कोई अलबेले
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
थामे तो छोड़े नहीं नाज़ुक कलाई रे

पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

Advertisements

होंठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई – Hothon Pe Aisi Baat Main Daba Ke



फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला


होंठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई
खुल जाये वोही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में…

हो शालू…
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दय्या किसको डँसेगा ये समा
जो देखूँ पीछे मुड़के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में…

हो शालू…
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में…

ज्वेल थीफ़ – Songs of Jewel Thief (1967)


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: हेलन, अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

आसमाँ के नीचे, हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ, बसा के चले
कदम के निशाँ, बना के चले, आसमाँ…

तुम चले तो फूल जैसे आँचल के रँग से
सज गई राहें, सज गई राहें
पास आओ मै पहना दूँ चाहत का हार ये
खुली खुली बाहें, खुली खुली बाहें
जिस का हो आँचल खुद ही चमन
कहिये, वो क्यूँ, हार बाहों के डाले, आसमाँ…

बोलती हैं आज आँखें कुछ भी न आज तुम
कहने दो हमको, कहने दो हमको
बेखुदी बढ़ती चली है अब तो ख़ामोश ही
रहने दो हमको, रहने दो हमको
इक बार एक बार, मेरे लिये
कह दो, खनकें, लाल होंठों के प्याले, आसमाँ…

साथ मेरे चल के देखो आई हैं दूर से
अब की बहारें, अब की बहारें
हर गली हर मोड़ पे वो दोनों के नाम से
हमको पुकारे, तुमको पुकारे
कह दो बहारों से, आए न इधर
उन तक, उठकर, हम नहीं जाने वाले, आसमाँ…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला, अशोक कुमार

बैठे हैं क्या उस के पास आईना मुझ सा नहीं
मेरी तरफ़ देखिये

आईने की नज़र में ऐसी मस्ती कहाँ है
मस्ती मेरी नज़र की इतनी सच्ची कहाँ है
बैठे हैं क्या उस के पास…

ये लब हम क्यूँ छू ले, यूँ ही आहें भरें क्या
हम से भी खूबसूरत तुम हो हम भी करें क्या
बैठें हैं क्या उस के पास…

बीती है रात कितनी ये सब कुछ भूल जायें
जलती शम्में बुझा के आओ हम दिल जलायें
बैठें हैं क्या उस के पास…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: हेलन, अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

दिल पुकारे, आरे आरे आरे – 2
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे

बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
ओ… पूछो ना कितनी, बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे

पाके तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीन कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
ओ… जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे

महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पल्कों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
ओ… आज कहो तो मोड़ दूं बढ़के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला

होंठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई
खुल जाये वोही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में…

हो शालू…
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दय्या किसको डँसेगा ये समा
जो देखूँ पीछे मुड़के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में…

हो शालू…
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

रात अकेली है, बुझ गए दिये
आके मेरे पास, कानों में मेरे
जो भी चाहे कहिये, जो भी चाहे कहिये, रात…

तुम आज मेरे लिये रुक जाओ, रुत भी है फ़ुरसत भी है
तुम्हें ना हो ना सही, मुझे तुमसे मुहब्बत है
मुहब्बत की इजाज़त है, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये, रात…

सवाल बनी हुई दबी दबी उलझन सीनों में
जवाब देना था, तो डूबे हो पसीनों में
ठानी है दो हसीनों में, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये, रात…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

रुला के गया सपना मेरा
बैठी हूँ कब हो सवेरा, रुला…

वही है ग़म-ए-दिल, वही है चंदा, तारे
हाय, वही हम बेसहारे
आधी रात वही है, और हर बात वही है
फिर भी न आया लुटेरा, रुला…

कैसी ये ज़िंदगी, कि साँसों से हम, ऊबे
हाय, कि दिल डूबा हम डूबे
एक दुखिया बेचारी, इस जीवन से हारी
उस पर ये ग़म का अन्धेरा, रुला…


फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला

ये दिल, ना होता बेचारा
कदम, न होते आवारा
जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता
ओ ओ ओ ये दिल, न होता बेचारा…

अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के
हम भी, आये हैं राही बनके प्यार के
कोई न कोई तो बुलायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, न होता बेचारा…

अरे (माना, उसको नहीं मैं पहचानता
बंदा, उसका पता भी नहीं जानता आ आ) – 2
मिलना लिखा है तो आयेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, ना होता बेचारा…

अरे (उसकी, धुन में पड़ेगा दुख झेलना
सीखा, हा हा, हमने भी पत्थरों से खेलना) – 2
सूरत कभी तो दिखायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, ना होता बेचारा…

ऐ मेरे दोस्त ऐ मेरे हमदम -Aye Mere Dost Aye Mere Humdum (Meharbaan)


फ़िल्म: मेहरबान / Meharbaan (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: अशोक कुमार, नूतन, सुनील दत्त


मुझे जब अपनी गुज़री ज़िन्दगानी याद आती है
तो बस इक मेहरबाँ की मेहरबानी याद आती है

ऐ मेरे दोस्त ऐ मेरे हमदम
वो तेरा ग़म था या ख़ुशी मेरी
हर जगह तूने मेरा साथ दिया
ऐ मेरे दोस्त…

कौन था तू कहाँ से आया था
आज तक मैने ये नहीं जाना – 2
तू मेरी रूह था मगर मैने
तेरे जाने के बाद पहचाना
ऐ मेरे दोस्त…

तू सुदामा भी है और कन्हैया भी
कन्हैया कन्हैया
तू भिखारी भी है और दाता भी
तेरे सौ रंग हैं मेरे प्यारे
तू ही प्यासा है और तू ही झरना भी
ऐ मेरे दोस्त…

तू मेरी बेबसी के आलम में
जब कभी मुझको याद आता है
सोचकर मेहरबानियाँ तेरी
दिल मेरा बैठ-बैठ जाता है
ऐ मेरे दोस्त…

आख़री अर्ज़ मेरी तुझसे है
हर ख़ता मेरी दरगुज़र करना
वो घड़ी आ रही है जब मुझको
इस ज़माने से है सफ़र करना
ऐ मेरे दोस्त…

ऊंचे लोग – Songs of Oonche Log (1965)


फ़िल्म: ऊंचे लोग / Oonche Log (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, राज कुमार, फ़िरोज़ खान

आजा रे मेरे प्यार के राही
राह निहारूँ बड़ी देर से, आजा…

जो चाँद बुलाए, मैं तो नहीं बोलूँ
जो सूरज आए, आँख नहीं खोलूँ
मूँद के नैना मैं तिहारी
राह निहारूँ बड़ी देर से, आजा रे…

कहाँ है बसा दे तन की ख़ुशबू से
घटा से मैं खेलूँ ज़ुल्फ़ तेरी छूके
रूप का तेरे मैं पुजारी
राह निहारूँ बड़ी देर से, आजा रे…

कहीँ भी रहूँगी मैं हूँ तेरी छाया
तुझे मैंने पाके फिर भी नहीं पाया
देख मैं तेरी प्रीत की मारी
राह निहारूँ बड़ी देर से, आजा रे…


फ़िल्म: ऊंचे लोग / Oonche Log (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, राज कुमार, फ़िरोज़ खान

हाय रे तेरे चंचल नैनवा
कुछ बात करें रुक जाएँ

खुलके ये बातें कम करें
चुपके ही चुपके सितम करें
बस डोलें न कुछ बोलें
पलकों पे मुस्काएँ

उलझे हम से हर बार दिल
कुछ ऐसा है बेक़रार दिल
कुछ तुम भी तो समझाओ
हम क्या-क्या समझाएँ

हम तो चाहत में जल गए
तुम वादा करके बदल गए
हम कैसे जी तुम जैसे
अनजाने बन जाएँ


फ़िल्म: ऊंचे लोग / Oonche Log (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, राज कुमार, फ़िरोज़ खान

(जाग दिल-ए-दीवाना रुत जागी वस्ल-ए-यार की
बसी हुई ज़ुल्फ़ में आयी है सबा प्यार की) – 2
जाग दिल-ए-दीवाना

(दो दिल के कुछ लेके पयाम आयी है
चाहत के कुछ लेके सलाम आयी है) – 2
दर पे तेरे सुबह खड़ी हुई है दीदार की
जाग दिल-ए-दीवाना…

(एक परी कुछ शाद सी नाशाद सी
बैठी हुई शबनम में तेरी याद की) – 2
भीग रही होगी कहीं कली सी गुलज़ार की
जाग दिल-ए-दीवाना रुत जागी वस्ल-ए-यार की
बसी हुई ज़ुल्फ में आयी है सबा प्यार की
जाग दिल-ए-दीवाना