शावा शावा रूप है तेरा सोणा सोणा – Say Shava Shava (Kabhi Khushi Kabhi Gham)


फ़िल्म: कभी ख़ुशी कभी ग़म (2001)
संगीतकार: आदेश श्रीवास्तव
गीतकार: समीर
गायक/गायिका: अमिताभ बच्चन, सुदेश भोंसले, सुनिधि चौहान, उदित नारायण, आदेश श्रीवास्तव, अल्का याग्निक, अमित कुमार


से शावा शावा…
रूप है तेरा सोणा सोणा
सोणी तेरी पायल
छन छना छन ऐसे छनके
कर दे सबको घायल
कह रहा आंखों का काजल
इश्क़ में जीना मरना
एव्रीबॉडी से शावा शावा माहिया
से शावा शावा…

रूप है मेरा सोणा सोणा
सोणी मेरी पायल
छन छना छन ऐसे छनके
कर दे सबको घायल
कह रहा आंखों का काजल
इश्क़ में जीना मरना
एव्रीबॉडी से शावा शावा माहिया
से शावा शावा…

माहिया वे आजा माही
माहिया वे आजा…

आजा गोरी नच ले, हे शावा
नच ले वे नच ले, हे शावा
आजा गोरी नच ले…

देखा तैनूं पहली-पहली बार वे
होने लगा दिल बेक़रार वे
रब्बा मैनूं की हो गया, दिल जाणिये
हाय मैनूं की हो गया
सुन के तेरी बातें सोणे यार वे
माही मैनूं तेरे नाल प्यार वे
हाय मैं मर जावां दिल जाणिये
हाय मैं मर जावां
से शावा शावा माहिया…
ते शावा शावा भंगड़ा…

इन क़दमों में सांसें वार दे
रब से ज़्यादा तुझे प्यार दे
रब मैनूं माफ़ करे, रब्बा खैरिया
हाय मैनूं माफ़ करे
तुम तो मेरी जिन्द मेरी जान वे
मेरी तू जमीं है, आसमान वे
तुझ बिन मैं की करां, रब्बा खैरिया
हाय वे मैं की करां
से शावा शावा माहिया…
रूप है तेरा सोणा…

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राही तू मत रुक जाना – Rahi Tu Mat Ruk Jana (Door Gagan Ki Chhaon Mein)

फ़िल्म: दूर गगन की छांव में / Door Gagan Ki Chhaon Mein (1964)
गायक/गायिका: हेमंत कुमार
संगीतकार: किशोर कुमार
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, अमित कुमार, सुप्रिया चौधरी



राही तू मत रुक जाना, तूफ़ां से मत घबराना
कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल
कहीं दूर गगन की छाओं में

माना कि गहरी है धारा
पर है कहीं तो किनारा
तू भी मिला आशा के सुर में
मन का ये एकतारा
कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल
कहीं दूर गगन की छाओं में

सबका है ऊपरवाला
सबको उसी ने सम्भाला
जब भी घिरे ग़म का अंधेरा
उसने किया उजियाला
कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल
कहीं दूर गगन की छाओं में

राही तू मत रुक जाना, तूफ़ां से मत घबराना
कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल
कहीं दूर गगन की छाओं में
कहीं दूर कहीं दूर कहीं दूर कहीं दूर

पथ भूला इक आया मुसाफ़िर – Path Bhoola Ek Aaya Musafir (Door Gagan Ki Chhaon Mein)

फ़िल्म: दूर गगन की छांव में / Door Gagan Ki Chhaon Mein (1964)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: किशोर कुमार
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, अमित कुमार, सुप्रिया चौधरी



पथ भूला इक आया मुसाफ़िर लेके मेरा मन दूर चला
बिखरे सपने रह गईं यादें रात से पहले चांद ढला

कोई न समझे कोई न जाने दिल की लगी है क्या
लाख छुपाओ छुप न सके ये प्रेम का रोग बुरा
पथ भूला इक आया…

उसके आगे इन अँखियों ने दुख सौ बार कहा
पर वो नादाँ कुछ भी न समझा हाय रे भाग मेरा
पथ भूला इक आया…

खोया-खोया चन्दा खोए-खोए तारे – Khoya Khoya Chanda (Door Gagan Ki Chhaon Mein)

फ़िल्म: दूर गगन की छांव में / Door Gagan Ki Chhaon Mein (1964)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: किशोर कुमार
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, अमित कुमार, सुप्रिया चौधरी



खोया-खोया चन्दा खोए-खोए तारे
सो गए तू भी सो जा चाँद हमारे – 2
खोया-खोया चन्दा…

ओ ओ लेके जादू की छड़ी आई सपनों की परी
रूप-नगरी में तुझे छोड़ आएगी अभी
है वो सपनों का जहाँ इक मेला है वहाँ
देस-परदेस के बच्चे चले वहाँ
नीले आकाश की गंगा के किनारे
खोया-खोया चन्दा…

झूला चाँदी का पड़ा हीरे-पन्नों से जड़ा
रेशमी डोर बँधी झूलेगा लाल मेरा
जब भी तू पींग भरे जा के बादल को छुए
छूले बिजली को तो वो खिलखिला पड़े
और छुप जाए कहीं लाज के मारे
खोया-खोया चन्दा…

कहीं कोई गीत गाए कोई बंशी बजाए
और कोई ढोल लिए धिन-धिन तक सुनाए
सब पे इक रंग पड़े कोई भी बच न सके
प्यार और मिलाप का गुलाल यूँ उड़े
हिल-मिल के कोई जीते कोई हारे
खोया-खोया चन्दा…

जिन रातों की भोर नहीं है – Jin raton Ki Bhor Nahin Hai (Door Gagan Ki Chhaon Mein)

फ़िल्म: दूर गगन की छांव में / Door Gagan Ki Chhaon Mein (1964)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: किशोर कुमार
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, अमित कुमार, सुप्रिया चौधरी



जिन रातों की भोर नहीं है
आज ऐसी ही रात आई
जो जिस ग़म में डूब गया है
सागर की है गहराई

रात के तारों तुम ही बताओ
मेरी वो मंज़िल है कहाँ
पागल बनकर जिसके लिये मैं
खो बैठा हूँ दोनो जहाँ
जिन रातों…

राह किसी की हुई ना रोशन
जलना मेरा बेकार गया
लूट गई तक़दीर मुझे मैं
जीत के बाज़ी हार गया
जिन रातों की भोर नहीं है…