ये मौसम आया है कितने सालों में – Ye Mausam Aaya Hai (Aakraman)


फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार, लता मंगेशकर


ये मौसम आया है कितने सालों में
आजा कि खो जाएं ख्वाबों ख्यालों में

आंखों का मिलना खूब रहा है
ये दिल दिवाना डूब रहा है
मतवाले नैनों के
इन शरबती, नर्गिसी प्यालों में
आजा खो जाएं…

कहना नहीं था कहना पड़ा है
प्यार का जादू सबसे बड़ा है
मेरा दिल ना आ जाये
इन प्यार की मदभरी चालों में
आजा खो जाएं…

Advertisements

छोटी उमर में लम्बे सफ़र में – Chhoti Umar Mein (Aakraman)


फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार


छोटी उमर में
लम्बे सफ़र में
यूं हमसफ़र थे
जेड़ा मुंह मोड़े
बेईमान होवे

अब गुस्से से काम न लेना
बेदर्दी का नाम न लेना
पर को ये इल्ज़ाम न लेना
हाय ऐसे दुःख में बैठे किसी का
जेड़ा दिल तोड़े
जेड़ा दिल तोड़े बेईमान होवे
छोटी उमर में…

ये बदमस्त हसीन नज़ारे
करते हैं हम तुमको इशारे
कहते हैं ले के नाम हमारे
मंदिर से पहले, अपने साथी का
जेड़ा संग छोड़े
जेड़ा संग छोड़े, बेईमान होवे
छोटी उमर में…

कोई आया आने भी दे – Koi Aaya Aane Bhi De (Kala Sona)


फ़िल्म/एल्बम: काला सोना (1975)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: आशा भोंसले


कोई आया, आने भी दे
कोई गया, जाने भी दे
तुझको तो है मस्ती में जीना, जी ले
कोई आया, कोई आया…

तू तो है दीवाना, बहके जा, महके जा
ख़ुशी के नशे में, ऐसे ही मज़े में, आहा
महफ़िल में रंग भरता जा सुबह तलक रंगीले
कोई आया, आने भी दे…

झूमे जा मस्ताने, छेड़े जा तराने
कल क्या हो क्या जाने, जाने ये तुम्हारी बला
आगे भी होने दे अंधेरा, सपने तो हैं चमकीले
कोई आया, आने भी दे…

एक बार जान-ए-जाना – Ek Baar Jaan-e-Jaana (Kaala Sona)


फ़िल्म/एल्बम: काला सोना (1975)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: आशा भोंसले


एक बार जान-ए-जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो
मेरा दिल रख दो
चाहे फिर तुम न आना
एक बार जाने जाना…

झूठी बातें भी यार की
लगती है बातें प्यार की
हम भी क्या करें
तुम भी क्या करो
देखो ना सनम, अरे हां
एक बार जान-ए-जाना…

तुम जो मिल जाओ एक बार
मैं भी फिसला दूं वो बहार
भूले ना कभी सारी ज़िन्दगी
अल्लाह की कसम, अरे हां
एक बार जाने जाना…

ताक झुम नाचो नशे में – Tak Jhum Naacho Nashe Mein (Kaala Sona)


फ़िल्म/एल्बम: काला सोना (1975)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक/गायिका: किशोर कुमार, आशा भोंसले


ताक झूम ताक झूम
ताक झूम नाचो नशे में चूर
यारा हमसे है थोड़ी दूर आने वाली बहार
झूमो रे गाओ रे आओ रे आओ

ये कंगन के हाथ, ये पायल के पांव
ये बिंदिया की बस्ती, ये झुमके का गांव
हाय गज़ब कितना सूना था सब
आज होने दो घुंघरू की खनकार
ताक झूम नाचो नशे…

आ डालूं गले, ये बाहों का हार
मैं जीना सिखाऊं, मैं सिखलाऊं प्यार
मिल के सनम आ मनाएंगे हम
आज दिल से दिल मिलने का त्यौहार
ताक झूम नाचो नशे…