मेरी जां, मुझे जां न कहो – Meri Jaan Mujhe Jaan Na Kaho (Anubhav)


फ़िल्म: अनुभव (1971)
संगीतकार: कनु रॉय
गीतकार: गुलज़ार
गायक/गायिका: गीता दत्त


मेरी जां, मुझे जां न कहो
मेरी जां
मेरी जां, मेरी जां

जां न कहो अंजान मुझे
जान कहां रहती है सदा
अंजाने, क्या जाने
जान के जाए कौन भला
मेरी जां
मुझे जां न कहो मेरी जां…

सूखे सावन बरस गए
कितनी बार इन आंखों से
दो बूंदें ना बरसे
इन भीगी पलकों से
मेरी जां
मुझे जां न कहो मेरी जां…

होंठ झुके जब होंठों पर
सांस उलझी हो सांसों में
दो जुड़वां होंठों की
बात कहो आंखों से
मेरी जां
मुझे जां न कहो मेरी जां…

Advertisements

मेरा दिल जो मेरा होता – Mera Dil Jo Mera Hota (Anubhav)


फ़िल्म: अनुभव (1971)
संगीतकार: कनु रॉय
गीतकार: गुलज़ार
गायक/गायिका: गीता दत्त


मेरा दिल जो मेरा होता
पलकों से पकड़ लेती
होंठों पे उठा लेती
हाथों में ख़ुदा होता
मेरा दिल जो मेरा…

सूरज को मसल कर मैं
चन्दन की तरह मलती
सोने-सा बदन ले कर
कुन्दन की तरह जलती
इस गोरे से चेहरे पर
आईना फ़िदा होता
मेरा दिल जो मेरा…

बरसा है कई बरसों
आकाश समंदर में
इक बूंद है चन्दा की
उतरी न समुन्दर में
दो हाथों के ओक में ये
गिर पड़ता तो क्या होता
हाथों में ख़ुदा होता
मेरा दिल जो मेरा…

फिर कहीं कोई फूल खिला – Phir Kahin Koi Phhol Khila (Anubhav)


फ़िल्म: अनुभव (1971)
संगीतकार: कनु रॉय
गीतकार: कपिल कुमार
गायक/गायिका: मन्ना डे


फिर कहीं कोई फूल खिला
चाहत ना कहो उसको
फिर कहीं कोई दीप जला
मंज़िल ना कहो उसको
फिर कहीं

मन का समंदर प्यासा हुआ
क्यूं किसी से मांगे दुआ
लहरों का लगा जो मेला
तूफ़ां ना कहो उसको
फिर कहीं कोई फूल…

देखें क्यूं सब वो सपने
खुद ही सजाए जो हमने
दिल उनसे बहल जाए तो
राहत ना कहो उसको
फिर कहीं कोई फूल…

दिल की किताब कोरी है – Dil Ki Kitaab Kori Hai (Yaar Mera)


फ़िल्म/एल्बम: यार मेरा (1971)
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
गायक/गायिका: सुमन कल्याणपुर, मो.रफ़ी


ओ दिल की किताब कोरी है, कोरी ही रहने दो
हाय जो अब तक छोरी है, छोरी ही रहने दो
दिल को चुराना चोरी है, चोरी ही रहने दो
गर ये जोरा जोरी है, जोरी ही रहने दो

चंदा को लगे ग्रहण, सूरज को लगे ग्रहण
चंदा को लगे, सूरज को लगे
लगने दो, लगे ग्रहण
होय प्यार की चांदनी गोरी है, गोरी ही रहने दो
ओ दिल की किताब कोरी है…

जब फूल कोई खिल जाये, लहरा के भंवरा आए
आने दो अगर, आता है इधर
फिर अपने आप उड़ जाये
हरजाई ये आदत तोरी है, तोरी ही रहने दो
दिल की किताब कोरी है…

चल दोगे मुस्कुरा के, नज़रों से तुम गिरा के
अच्छा?
जब प्यार किया, इक़रार किया
मानेंगे हम निभा के
हाय तेरी मेरी ये जोड़ी है, जोड़ी ही रहने दो
ओ दिल की किताब कोरी है…

तेरी नीली नीली आंखों के – Teri Neeli Neeli Aankhon Ke (Jaane Anjaane)


फ़िल्म/एल्बम: जाने-अनजाने (1971)
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी


तेरी नीली नीली आंखों के
दिल पे तीर चल गए

सूना था संसार हमारा, तूने आन बसाया
ओ शहज़ादी तुझको पा कर, मैंने सब कुछ पाया
मेरे खोये-खोये सपने भी
दिलबर आज मिल गए
तेरी नीली नीली आंखों…

मैंने अपने मन मंदिर में, साजन तुझको बसाया
तू मेरे नैनों का काजल, पलकों बीच सजाया
तेरी मीठी मीठी-बातों पे
हम तो हाय लुट गए
ये देख के दुनिया वालों के
दिल जल गए

जीवन भर हम साथ रहेंगे, करते हैं ये वादा
तुझपर अपनी जान भी देंगे, अपना है ये इरादा
तेरे भोले-भाले मुखड़े पे
हम तो हाय मिट गए
तेरी नीली नीली आंखों…