दो नैन मिले दो फूल खिले – Do Nain Mile Do Phool Khile (Ghunghat)


फ़िल्म/एल्बम: घूंघट (1960)
संगीतकार: रवि
गीतकार: शकील बदायुनी
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर


दो नैन मिले, दो फूल खिले
दुनिया में बहार आई
एक रंग नया लायी, एक रंग नया लायी
दिल गाने लगा, लहराने लगा
ली प्यार ने अंगड़ाई
बजने लगी शहनाई, बजने लगी शहनाई
दो नैन मिले…

अरमान भरी नज़रों से बलम
इस तरह हमें देखा न करो
हो जाए ना रुसवा इश्क़ कहीं
दुनिया है बुरी, दुनिया से डरो
दुनिया का मुझे कुछ खौफ़ नहीं
दुनिया तो है हरजाई, और इश्क़ है सौदाई
दो नैन मिले…

ज़ुल्फों की घनी छांव में सनम
दम भर के लिए जीने दे मुझे
इस मस्त नज़र की तुझको कसम
आंखों से ज़रा पीने दे मुझे
पीना तो कोई दुश्वार नहीं
ओ प्यार के शहदायी, बहके तो है रुसवाई
दो नैन मिले…

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जाने कहां गयी – Jaane Kahan Gayi (Dil Apna Aur Preet Parai)


फ़िल्म/एल्बम: दिल अपना और प्रीत पराई (1960)
संगीतकार: शंकर जयकिशन
गीतकार: शैलेन्द्र
गायक/गायिका: मो.रफ़ी


जाने कहां गई, जाने कहां गई
दिल मेरा ले गई, ले गई वो
जाने कहां गई…

देखते-देखते क्या से क्या हो गया
धड़कनें रह गईं, दिल जुदा हो गया
जाने कहां गई…

आज टूटा हुआ दिल का ये साज़ है
अब वो नग्में कहां सिर्फ़ आवाज़ है
जाने कहां गई…

घूटता रहता ना दम, जान तो छूटती
काश कहता कोई, वो मोहब्बत न थी
जाने कहां गई…

हाल क्या है मेरा, आ के खुद देख जा
अब तेरे हाथ है जीना-मरना मेरा
जाने कहां गई…

जब प्यार किया तो डरना क्या – Jab Pyar Kiya to Darna Kya (Mughal-e-Azam)

फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म / Mughal-e-Azam (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: नौशाद
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला



इन्सान किसी से दुनिया में इक बार मुहब्बत करता है
इस दर्द को लेकर जीता है, इस दर्द को लेकर मरता है

प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया कोई चोरी नहीं की प्यार किया…
प्यार किया कोई चोरी नहीं की छुप छुप आहें भरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

आज कहेंगे दिल का फ़साना जान भी लेले चाहे ज़माना – 2
मौत वोही जो दुनिया देखे
मौत वोही जो दुनिया देखे घुट घुट कर यूँ मरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

उनकी तमन्ना दिल में रहेगी, शम्मा इसी महफ़िल में रहेगी ह्बोक्ष{- 2}
इश्क़ में जीना इश्क़ में मरना
इश्क़ में जीना इश्क़ में मरना और हमें अब करना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या

छुप न सकेगा इश्क़ हमारा चारों तरफ़ है उनका नज़ारा – 2
परदा नहीं जब कोई खुदा से
परदा नहीं जब कोई खुदा से बंदों से परदा करना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया कोई चोरी…