All Songs of 102 Not Out (2018)



All Songs of 102 Not Out (2018)


फिर लौट आई है ज़िन्दगी – Phir Laut Aayi Hai Zindagi

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: हिरल ब्रह्मभट्ट
गीतकार: हिरल ब्रह्मभट्ट
गायक/गायिका: हिरल ब्रह्मभट्ट

बेवजह ही जो, हमसे रूठ कर गयी थी
फिर लौट आई है ज़िंदगी
ना जाने आज, कितने अरसे के बाद
हमें रास आई है ज़िन्दगी
फिर लौट आई है ज़िन्दगी

खुद को ही चुनवा के
वक़्त की दीवारों में
बुत से बने हुए थे हम
कल तक समझते थे कैद हम जिसे
आज वो रिहाई है ज़िन्दगी
फिर लौट आई…

हज़ारों ही सूरज की
रोशनी जो मिल के
मिटा ना सकी वो अंधेरा
हल्के से उम्मीद ने छू लिया
और जगमगाई है ज़िन्दगी
फिर लौट आई…
बेवजह ही जो…


वक़्त ने किया – Waqt Ne Kiya

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: रोहन-विनायक
गीतकार: कैफ़ी आज़मी
गायक/गायिका: अमिताभ बच्चन

वक़्त ने किया क्या हसीं सितम
तुम रहे ना तुम, हम रहे ना हम
वक़्त ने किया…

बेक़रार दिल इस तरह मिले
जिस तरह कभी हम जुदा ना थे
तुम भी खो गए, हम भी खो गए
एक राह पर चल के दो कदम
वक़्त ने किया…

जायेंगे कहां सूझता नहीं
चल पड़े मगर रास्ता नहीं
क्या तलाश है कुछ पता नहीं
बुन रहे हैं दिल ख्वाब दम-ब-दम
वक़्त ने किया…


कुल्फी – Kulfi

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: सलीम-सुलेमान
गीतकार: सौम्या जोशी
गायक/गायिका: सोनू निगम

लगता है के पिघल गयी
मगर नहीं, नहीं, नहीं
वो थी जहां अब है वहीं
कुल्फ़ी, कुल्फ़ी
हां, मीठी-मीठी माज़ी की कुल्फ़ी
लगता है के…

हज़ार तंज़ कस गई
हज़ार गांठ बंध चुकी
खुलेगी ना गठरी कभी
ये सोचा था, पर खुल गई
पिघलेगी नहीं वो कभी
कुल्फी कुल्फी
हां, मीठी मीठी…

जो चल रहा था थम गया
जो थम गया था चल पड़ा
उसी पुरानी राह पे
फिर से मैं निकल पड़ा
पुराने सिक्कों से ख़रीद ली
कुल्फ़ी कुल्फ़ी
हां, मीठी मीठी…


बडूम्बा – Badumba

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: अमिताभ बच्चन
गीतकार: अमिताभ बच्चन
गायक/गायिका: अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर

हे प्यारे, चेहरे पे बारह मत बजा रे
सतरंगी लम्हों के गुब्बारे
खुली हवाओं में उड़ा रे
ए यारा समझ ले इशारा
क्या बोले तुम्बा
मस्ती में जी ले ज़ुम्बा ज़ुम्बा
बडूम्बा ज़ुम्बा
यारा समझ ले…

कम ऑन
सर से गिरा दे फिकर का बोझा
कमर हिला के हैप्पी हैप्पी हो जा
कहना तू मान ले मेरा
यारा समझ ले…

हर दम हर दम तू है परेशान
फ्रस्ट्रेशन की तू है दुकान
तेरी सब समस्या का नो समाधान
तू दुखी है, तू दुखी है
तू है दुखी आत्मा मान श्रीमान
सर पर टेंशन का सौ बॉम्ब
सायरन है तेरा काम
तेरी लाइफ एक वेबसाइट का फॉर्म
नाम है जिसका चिंता का फॉर्म
हे बुढ़िया, रहने दे चूरन वाली पुड़िया
अपना ले नुस्खा मेरा बढ़िया
तन मन में छूटेंगी फुलझड़ियां
यारा समझ ले…

रे पप्पा, बस भी कर तेरा लारा लप्पा
जो भी तू बोले क्यूं मैं मानूं
तेरी नसीहत बिल्कुल डब्बा
तेरी उमर का तकाज़ा, क्या जाने तुम्बा
शोभा न दे ज़ुम्बा ज़ुम्बा
बडूम्बा ज़ुम्बा
तेरी उमर का…
चल घर जा के पलंग पे सो जा
पहन के मफलर शर्ट मोजा
कहना तू मान ले मेरा
तेरी उमर का…

हे ये गिव इट बाबम ज़ुम ज़ुम्बा
बम बम, चिका चिका बम
टक टक
प्यारे मेरे बारह मत बजा…


कुछ अनोखे रूल्स – Kuchh Anokhe Rules

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: सलीम-सुलेमान
गीतकार: सौम्या जोशी
गायक/गायिका: अरमान मलिक

कुछ अनोखे रूल्स हैं इस अनोखी जंग के
हो बाल हैं सफ़ेद और ख्वाब आसमानी रंग के
कुछ अनोखे रूल्स…

ज़िन्दगी के पन्नों पे झुर्रियों की सियाही से
ऐसा कुछ लिखेंगे हम, सब के होश उड़ायेंगे हम
हो रहे नए-नए उसी पुराने ढंग से
हो बाल हैं सफ़ेद…

बरसों से टक्कल को धूप ने छुआ नहीं
बरसों से इस दिल में कुछ भी हुआ नहीं
उठ खड़ा हुआ हूं मैं, इक उधार की उमंग से
हो बाल हैं सफ़ेद…

बूढ़ी ज़िन्दगी से आंख भी लड़ाई है
वक़्त के मसलों में टांग भी अड़ाई है
उलझी सी हवा में भी हम मस्त हैं पतंग से
हो बाल हैं सफ़ेद…


बच्चे की जान – Bachche Ki Jaan

फ़िल्म: 102 नॉट आउट (2018)
संगीतकार: सलीम-सुलेमान
गीतकार: हिरल ब्रह्मभट्ट
गायक/गायिका: अरिजीत सिंह

कैसी ये हलचल कैसा भूचाल है
सांसें फूली हैं और ये दिल बेहाल है
धड़कन रुक जाए ना ये डर लगता है मुझे
फंसता ही जाता हूं ये ऐसा जाल है
आंखों पे पट्टी बांध के
मेरे सर पे निशाना लोगे क्या
बच्चे की जान लोगे क्या
ओ बच्चे की जान…

उड़ता ही जा रहा ये चेहरे का रंग है
बढ़ती बेताबियां और मामला तंग है
बचना मुमकिन नहीं अब कोशिश बेकार है
ऐसा क्यूं लग रहा है जैसे कोई जंग है
पैरों से छीन ली ज़मीं
अब उसपे लगान लोगे क्या
बच्चे की जान…

दिल की बंजर ज़मीन पे फूल कैसे खिले
सेहरा में बारिशों की बूंद कैसे मिले
एहसासों की कभी नहीं होती है उमर
इस बात से भी तुम भला क्यूं हो बेख़बर
हां मैं नादां हूं, ना मुझको कुछ ख़बर
फिर मुझपे मनमानी करते हो क्यूं मगर
मुझपे तलवार तान के मेरा इमतहान लोगे क्या
बच्चे की जान…

यादों की तितलियां जो इतनी संभाली है
ये जो उड़ जाए तो दिल पूरा ख़ाली है
नए पल को खुल के आज तू जी ले तो ज़रा
कभी यूं बेवजह भी तू खुल के मुस्कुरा
सूखा सूखा सा हूं, ना हूं शौक़ीन मैं
थोड़ा सा संगीन भी हूं, ना हूं रंगीन मैं
मेरी नींदें उड़ा के
ख़ुद चैन की सांसें लोगे क्या
बच्चे की जान…

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