All Songs of Hate Story 4 (2018)


All Songs of Hate Story 4


आशिक बनाया आपने – Aashiq Banaya Aapne

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: तनिष्क बागची, हिमेश रेशमिया
गीतकार: मनोज मुंतशिर
गायक/गायिका: हिमेश रेशमिया, नेहा कक्कड़

मेरे बिन सूनी हैं दिल की राहें
मेरे बिन प्यासी सबकी निगाहें
जो मिले बोले भर के वो आहें
सुन ये
आशिक बनाया, आशिक बनाया
आशिक बनाया आपने
आशिक बनाया…

सीने में घुल के इश्क धड़के तो मज़ा है
होठों से पढ़ ले वो जो होठों पे लिखा है
मेरी निगाहों में तेरा चेहरा रवां है
गहरे हैं अरमां जानेजां पागल समा है
आशिकी में हाय कैसी वादियां हैं खिली
जान जान कह के तूने जान मेरी ले ली
मेरे लिए सबका दिल है आवारा
मेरे बिन होना नहीं है गुज़ारा
मेरे संग झूम ले आ के यारा
सुन ये
आशिक बनाया…

दीवाने रुक जा तेरा हमसे सामना है
आंखों से छू ले छूना हाथों से मना है
बेचैनियों का फासलों का सिलसिला है
दर्द-ए-जिगर का ये सबब हमको मिला है
ख्वाबों में जो आये जाए यार हम वही हैं
हम किसी को आसानी से मिलते ही नहीं हैं
मेरे बिन शामें हैं बेनज़ारा
मेरे बिन बेज़िया हर सितारा
मेरे बिन इश्क है बेसहारा
सुन ये
आशिक बनाया…


बूंद बूंद में – Boond Boond Mein

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: आर्को प्रावो मुखेर्जी
गीतकार: मनोज मुंतशिर, संजय गुप्ता
गायक/गायिका: नीति मोहन, जुबिन नौटियाल

बूंद बूंद में गुम सा है
ये सावन भी तो तुम सा है
बूंद बूंद में…
एक अजनबी अहसास है
कुछ है नया कुछ ख़ास है
कसूर ये सारा मौसम का है
बूंद बूंद में…

चलने दो मनमर्ज़ियां, होने दो गुस्ताखियां
फिर कहां ये फुरसतें, फिर कहां नज़दीकियां
कह दो तुम भी कहीं, लापता तो नहीं
दिल तुम्हारा भी कुछ, चाहता तो नहीं
बूंद बूंद में…

सिर्फ एक मेरे सिवा, कुछ और ना देख तू
ख्वाहिशों के शहर में, एक मैं हूं एक तू
तुझको आना है तो, बन के तू सांस आ
ना रहे दूरियां, इस कदर पास आ
बूंद बूंद में…

बस ये इजाज़त दे मुझे
जी भर के मैं पी लूं तुझे
मैं प्यार हूं और तू शबनम सा है
बूंद बूंद में…


नाम है मेरा – Naam Hai Mera

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: तनिष्क बागची
गीतकार: शब्बीर अहमद
गायक/गायिका: नीति मोहन

दिल की चार दीवारों पे
आशिक डूबे किनारों पे
फिर भी लबों पे
नाम है मेरा मेरा
नाम है मेरा…

मैं हूं तेरे अरमानों में
मैं हूं तेरे अफसानों में
मैं हूं तेरे ख्यालों में
मैं ही हूं
तेरे जिगर की ख्वाहिश में
तेरी वफ़ा की बंदिश में
मोहब्बतों की रंजिश में
मैं ही हूं
मिट गए कितने इशारों पे
फिर भी लबों पे
नाम है मेरा…


बदनामियां – Badnaamiyan

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: बमन-चंद
गीतकार: रश्मि विराग
गायक/गायिका: अरमान मलिक, सुकृति कक्कड़

ज़िन्दगानी के लम्हों को तेरे नाम कर दिया
खुद को तेरी ही खातिर बदनाम कर दिया
बदनामियां मिली तन्हाईयां बढ़ी
बदनामियां मिली…

हर पल ये दिल याद तुझे करता रहता है
हर पल तेरे सपने ये देखा करता है
माना तुमने रास्ते अपने बदल दिए
ये बेचारा बीते कल में ही रहता है
आखिरी सांस को भी तेरे नाम कर दिया
खुद को तेरे ही खातिर नाकाम कर दिया
बदनामियां मिली…

मैं तेरी आंखों में देखता(ती) हूं खुद को
तुमको क्या दिखता है मेरी नज़रों में कहो
देखते चाहते सुबह को शाम कर दिया
खुद को तेरी ही खातिर कुर्बान कर दिया
बदनामियां मिली…


तुम मेरे हो – Tum Mere Ho

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: मिथुन
गीतकार: मनोज मुंतशिर
गायक/गायिका: जुबीन नौटियाल, अमृता सिंह

इक दिन अकेले थे हम तुम
तुम मुझमें मैं तुममें गुम
मेरे कानों में आहिस्ता से
उस रोज़ कहा था जो तुमने
किसी और से ना वो कहना
तुम मेरे हो मेरे रहना
तुम मेरे हो मेरे रहना
तुम साथ मेरा हर दम देना
तुम मेरे हो मेरे रहना

दोनों जहां में है एक जगह
जो मुझे बड़ी महफूज़ लगे
तेरी बाहें ये बाहें ये तेरी
बस इतनी सी दुनिया है मेरी
बांहों में घेरे रहना
तुम मेरे हो मेरे रहना…

तुम ना होते तो दर्द ये दिल का
हद से बढ़ जाता
इश्क ना करता तुम पे ना मरता
तो मैं मर जाता
मेरे अन्दर मुझसे ज़्यादा तुम
चलो आज करो ये वादा तुम
अलविदा अलविदा कभी ना कहना
तुम मेरे हो मेरे रहना…


मोहब्बत नशा है – Mohabbat Nasha Hai

फ़िल्म: हेट स्टोरी 4 (2018)
संगीतकार: टोनी कक्कड़
गीतकार: कुमार
गायक/गायिका: टोनी कक्कड़, नेहा कक्कड़

इश्क में मिला है, दर्द उम्र भर का
आसमां है भीगा भीगा, मेरी नज़र का
सोचा नहीं था, जो भी हुआ है
मोहब्बत नशा है, ये कैसी सज़ा है
दिल के तड़पने का भी
अपना मज़ा है
मोहब्बत नशा है…

आंखों को गिला है जो, पलकों पे लिखा है वो
तेरी बेरुखी से मुझे ऐतराज़ है
तू जो है खफा तो, ऐसा जो हुआ तो
धड़कनों से मेरी, दिल नाराज़ है
तेरे बिना लगे मुझे
इश्क तन्हाइयों से भरा है
मोहब्बत नशा है…

टूटी हुई नींदों से, कैसे जोड़ूं सपने
तुझसे हूं पूछती, बस यही बात मैं
लम्हें तेरी यादों के, ले के इन बाहों में
लेती रहूं करवटें, सारी-सारी रात मैं
तेरी वजह से है ये गम
या तकदीर की ये खता है
मोहब्बत नशा है…

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