यही वो जगह है, यही वो फ़िज़ा है – Yahi Woh Jagah Hai Yahi Woh Fiza Hai


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत


यही वो जगह है, यही वो फ़िज़ा है
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
इन्हें हम भला किस तरह भूल जायें
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

यहीं पर मेरा हाथ, हाथों में लेकर
कभी ना बिछड़ने का, वादा किया था
सदा के लिये हो गए हम तुम्हारे
गले से लगा कर हमें ये कहा था
कभी कम ना होंगी हमारी वफ़ाएं
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

यहीं पर वफ़ा का, नया रंग भर के
बनाई थी चाहत की, तसवीर तुमने
यहीं की बहारों से, फूलों को चुन कर
संवारी थी उलफ़त की, तक़दीर तुमने
वो दिल आपको याद कैसे दिलाये
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

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