कभी रात-दिन हम दूर थे – Kabhi Raat Din Hum Door The (Aamne Saamne)


फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर


कभी रात-दिन हम दूर थे दिन-रात का अब साथ है
वो भी इत्तेफ़ाक़ की बात थी ये भी इत्तेफ़ाक़ की बात है
कभी रात-दिन…

तेरी आँखों में है ख़ुमार सा तेरी चाल में है सुरूर सा
ये बहार कुछ है पिए हुए ये समा नशे में है चूर सा – 2
कभी इन फ़िज़ाओं में प्यास थी अब मौसम-ए-बरसात है
वो भी इत्तेफ़ाक़…
कभी रात-दिन…

मुझे तुमने कैसे बदल दिया हैरान हूँ मैं इस बात पर – 2
मेरा दिल धड़कता है आजकल तेरी शोख़ नज़रों से पूछ कर – 2
मेरी जाँ कभी मेरे बस में थी अब ज़िन्दगी तेरे हाथ है
वो भी इत्तेफ़ाक़…

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