ये रात फिर न आएगी – Full Movie and Songs of Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

आपसे मैंने मेरी जान मुहब्बत की है
आप चाहें तो मेरी जान भी ले सकती है
आप जब है तो मेरे पास मेरा सब कुछ है
जान क्या चीज़ है ईमान भी ले सकती है
आपसे मैंने…

आपको मैंने मुहब्बत का ख़ुदा समझा है
आप कहिये के मुझे आपने क्या समझा है
ज़िंदगी क्या है मुहब्बत की महेरबानी है
दर्द को मैंने हक़ीक़त में दवा समझा है
आपसे मैंने…

दिल वो ही है जो सदा गीत वफ़ा के गायें
प्यार करता हो जिसे प्यार ही करता जाये
सैंकड़ों साल के जीने से हैं बहेतर वो घड़ी
हाथ में हाथ हो जब यार का, मौत आ जाये
आपसे मैंने मेरी जान मुहब्बत की है
आप चाहें तो मेरी जान भी ले सकतें हैं

आप जब है तो मेरे पास मेरा सब कुछ है
जान क्या चीज़ है ईमान भी ले सकती है
आपसे मैंने…


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: अज़ीज़ कश्मीरी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

हर तुकड़ा मेरे दिल का देता है दुहाई
दिल टूट गया आपको आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई
हर तुकड़ा मेरे दिल का देता है दुहाई
दिल टूट गया आपको आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई

हर तुकड़ा मेरे दिल का

(मंज़िल को तरसते हैं और सामने मंज़िल है
कहना ही पड़ा हमको क़िस्मत बड़ी क़ातिल है) – 2
छुप छुपके मेरे हाल पे रोती है ख़ुदाई
दिल टूट गया आपको आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई

हर तुकड़ा मेरे दिल का

(क्या दोश हमारा था हम ये ना समझ पाये
दुनिया तेरी महफ़िल में हम आये तो क्यों आये) – 2
अब कितने जनम और जलायेगी जुदाई
दिल टूट गया आपको आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई

आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई

(होता है ज़माने में हर बार मिलन अपना
कब नींद से जागोगे कब टूटेगा ये सपना) – 2
जागे ना अगर आप तो जागेगी तबाही
दिल टूट गया आपको आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई

आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई
आवाज़ ना आई


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: अज़ीज़ कश्मीरी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

हुज़ूरेआला, जो हो इजाज़त,
तो हम ये सारे, जहाँ से कह दें
तुम्हारी अदाओं पे मरते हैं हम,
ये किसने कहा है कि डरते हैं हम
हुज़ूरेआला…

क्यों न कह दें मोहब्बत खुदा है
ये हक़ीक़त नहीं है तो क्या है
ओ दिल वाले दांव लगा ले
कर दिया दिल को तेरे हवाले
बड़ा लुत्फ़ छुप छुप के जलने में है
मज़ा तीर खाके सम्भलने में है
हुज़ूरेआला…

देखिये तो ज़रा मुस्कुरा के
कौन बैठा है पहलू में आके
ओ दिल वाले दांव लगा ले
कर दिया दिल को तेरे हवाले
ये नीची निगाहें गज़ब कर गईं
पता ना चला ज़ुल्म कब कर गईं
हुज़ूरेआला…


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

(मैं शायद तुम्हारे लिये अजनबी हूँ
मगर चाँद तारे मुझे जानते हैं
ये सारे नज़ारे मुझे जानते हैं) – 2

(पत्ता-पत्ता यहाँ राज़दाँ है मेरा
ज़र्रे-ज़र्रे में रख दी है मैं ने ज़बाँ) – 2
पूछते हैं सभी आज मुझ से यही
भूल बैठे हैं क्यों प्यार को महरबाँ
भूल जाओ भी तुम तो मुझे ग़म ना होगा
कि सब ग़म के मारे मुझे जानते हैं
ये सारे नज़ारे मुझे जानते हैं

(बेवफ़ाई की राहों में तुम खो गये
हर क़दम पर थे मेरी वफ़ा के निशाँ) – 2
तुम गये छोड़ कर, हर क़सम तोड़ कर
रह गई बन के चाहत मेरी दास्ताँ
अपने वादे के जिन को निभा ना सके तुम
वो वादे तुम्हारे मुझे जानते हैं
ये सारे नज़ारे मुझे जानते हैं

मैं शायद तुम्हारे लिये अजनबी हूँ
मगर चाँद तारे मुझे जानते हैं
ये सारे नज़ारे मुझे जानते हैं


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

मेरा प्यार वो है के, मर कर भी तुम को
जुदा अपनी बाहों से होने न देगा
मेरा प्यार वो है के, मर कर भी तुम को
जुदा अपनी बाहों से होने न देगा
मिली मुझको जन्नत तो जन्नत के बदले
खुदा से मेरी जां तुम्हें मांग लेगा
मेरा प्यार वो है

ज़माना तो करवट बदलता रहेगा
नए ज़िन्दगी के तराने बनेंगे
मिटेगी न लेकिन मुहब्बत हमारी
मिटाने के सौ सौ बहाने बनेंगे
हक़ीकत हमेशा हक़ीकत रहेगी
कभी भी न इसका फ़साना बनेगा
मेरा प्यार वो है के…

तुम्हें छीन ले मेरी बाहों से कोई
मेरा प्यार यूं बेसहारा नहीं है
तुम्हारा बदन चांदनी आके छूले
मेरे दिल को ये भी गवारा नहीं है
खुदा भी अगर तुमसे आके मिलेगा
तुम्हारी क़सम है मेरा दिल जलेगा
मेरा प्यार वो है के…


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: अज़ीज़ कश्मीरी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

मुहब्बत चीज़ है क्या मुहब्बत करके देखेंगे – 2
क़ज़ा कहते हैं किसको किसी पर मर के देखेंगे
मुहब्बात चीज़ है…

(बड़ा ही ख़ूबसूरत दिल से वादा कर लिया हमने
कि तुम पर जान देने का इरादा कर लिया हमने) – 2
(कहाँ है प्यार की सूली) – 2 ये सूली चढ़ के देखेंगे
क़ज़ा कहते हैं…

(तुम्हारे दर पे दिल अपना मुहब्बत का सवाली है
नशीली आँख से देखो सुराही दिल की खाली है) – 2
(छलक जाती है कैसे) – 2 सुराही भर के देखेंगे
क़ज़ा कहते हैं…

(लिया जाएगा कब तक जान-ए-मन इम्तहाँ अपना
सुना दो मुस्कुरा कर फ़ैसला कुछ मेहरबाँ अपना) – 2
(तुम्हारे फ़ैसले पर) – 2 ख़ुशी से मर के देखेंगे
क़ज़ा कहते हैं…


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

(फिर मिलोगे कभी इस बात का वादा करलो
हमसे एक और मुलाकात का वादा करलो) – 2

(दिल हर बात अधूरी है अधूरी है अभी
अपनी एक और मुलाकात ज़रूरी है अभी) – 2
चंद लम्हों के लिये साथ का वादा करलो
हमसे एक और मुलाकात का वादा करलो
फिर मिलोगे कभी इस बात का वादा करलो

आप क्यूँ दिलका हंसीं राज़ मुझे देते हैं
क्यूँ नया नग़मा नया साज़ मुझे देते हैं
मैं तो हूँ डूबी हुई प्यार की तूफ़ानों में
आप साहिल से ही आवाज़ मुझे देते हैं
कल भी होंगे यहीं जज़बात ये वादा करलो
हमसे एक और मुलाकात का वादा करलो
फिर मिलोगे कभी इस बात का वादा करलो
हमसे एक और मुलाकात का वादा करलो


फ़िल्म: ये रात फिर न आएगी / Ye Raat Phir Na Aayegi (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, पृथ्वीराज कपूर, शर्मिला टैगोर, विश्वजीत

यही वो जगह है, यही वो फ़िज़ा है
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
इन्हें हम भला किस तरह भूल जायें
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

यहीं पर मेरा हाथ, हाथों में लेकर
कभी ना बिछड़ने का, वादा किया था
सदा के लिये हो गए हम तुम्हारे
गले से लगा कर हमें ये कहा था
कभी कम ना होंगी हमारी वफ़ाएं
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

यहीं पर वफ़ा का, नया रंग भर के
बनाई थी चाहत की, तसवीर तुमने
यहीं की बहारों से, फूलों को चुन कर
संवारी थी उलफ़त की, तक़दीर तुमने
वो दिल आपको याद कैसे दिलाये
यहीं पर कभी आप हमसे मिले थे
यही वो जगह है…

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