आमने-सामने – Full Movie and Songs of Aamne Saamne (1967)



फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर

आजकल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लेकिन ख़ुदा की क़सम होंगे जिस रोज़ हम आमने-सामने
सारे शिक़वे गिले दूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…

उनके हर नाज़ की हमने तारीफ़ की
शुक्रिया भी न कहने की तक़लीफ़ की
हमने देखा तो परदे में वो छुप गए
क्या पता था वो मग़रूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…

हमको अपनी निगाहों पे है ऐतबार
एक दिन उनको कर देंगे हम बेक़रार
जिस तरह हम मुहब्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…


फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर

कभी रात-दिन हम दूर थे दिन-रात का अब साथ है
वो भी इत्तेफ़ाक़ की बात थी ये भी इत्तेफ़ाक़ की बात है
कभी रात-दिन…

तेरी आँखों में है ख़ुमार सा तेरी चाल में है सुरूर सा
ये बहार कुछ है पिए हुए ये समा नशे में है चूर सा – 2
कभी इन फ़िज़ाओं में प्यास थी अब मौसम-ए-बरसात है
वो भी इत्तेफ़ाक़…
कभी रात-दिन…

मुझे तुमने कैसे बदल दिया हैरान हूँ मैं इस बात पर – 2
मेरा दिल धड़कता है आजकल तेरी शोख़ नज़रों से पूछ कर – 2
मेरी जाँ कभी मेरे बस में थी अब ज़िन्दगी तेरे हाथ है
वो भी इत्तेफ़ाक़…


फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर

नैन मिलाकर चैन चुराना किसका है ये काम – 2
हमसे पूछो हमको पता है उस ज़ालिम का नाम – 2
नैन मिलाकर चैन…

वो आया तो खो गई ये सारी महफ़िल
देखा इस अन्दाज़ से सब खो बैठे दिल
थोड़ा सा वो मेहरबाँ थोड़ा सा क़ातिल
वो जिसकी हर एक अदा पर लाखों हैं इल्ज़ाम
हमसे पूछो हमको…

किसका ग़ुस्सा है भला जिसपे आए प्यार
ऐसा दुश्मन हाय रे जिसको समझे यार
सोचो तो वह कौन है शर्मीला दिलदार – 2
जिसकी मस्त नशीली नज़रें ऐसी जैसे जाम – 2
हमसे पूछो हमको…

जागी-जागी सी ज़रा कुछ सोई-सोई – 2
आँखें भी उस शोख की हैं खोई-खोई – 2
शोला है वो फूल है या सपना कोई – 2
जिसकी ख़ातिर कोई भी हो सकता है बदनाम
हमसे पूछो हमको…


फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर

ओ मेरे बेचैन दिल को चैन तूने दिया
शुक्रिया शुक्रिया ओ शुक्रिया शुक्रिया
ओ तेरा एहसान है जो प्यार तूने किया
शुक्रिया शुक्रिया…

कभी ख़्वाबों में मैने आ-आ के तेरी नींदें चुराईं रातों में
कभी उलझाया कभी सुलझाया तेरी ज़ुल्फ़ों को मुलाक़ातों में
ओ मेरी ग़ुस्ताख़ियों को तूने माफ़ किया – 2
शुक्रिया शुक्रिया…

हर वक़्त समाई रहती थी मायूसी मेरी निगाहों में
मैं भटक जाता मैं बहक जाता गिर जाता मैं इन राहों में
ओ मेरे साथी मुझे तूने थाम लिया
शुक्रिया शुक्रिया…

मौजों ने तेरी ही बात की तारों ने तेरा ही नाम लिया
जब गुलशन में हुआ तेरा गुज़र फूलों ने भी दामन थाम लिया – 2
ओ तूने जान-ए-जहाँ दिल मुझको दिया
शुक्रिया शुक्रिया…

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