ऐ हुस्न-परी-चेहरा क्यों इतनी दर्दमंद हो – Aye Husn Pari Kyon Itni Dardmand Ho


फ़िल्म: अमन / Aman (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: सायरा बानो, राजेंद्र कुमार, बलराज साहनी


ऐ हुस्न-परी-चेहरा क्यों इतनी दर्दमंद हो
दुनिया की मंज़िलों पर तुम ही मुझे पसंद हो

शबनम के दिल की धड़कन महसूस कर रही हो
तुम कितनी नर्म-दिल हो आहें सी भर रही हो
ऐ हुस्न-परी-चेहरा…

इतना ख़्याल कोई करता नहीं किसी का
तुमने बदल दिया है रुख़ मेरी ज़िन्दगी का
ऐ हुस्न-परी-चेहरा…

सब कुछ था पास मेरे लेकिन न ये ख़ुशी थी
पूरी हुई है तुमसे जीवन में जो कमी थी
ऐ हुस्न-परी-चेहरा…

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