आजकल हमसे रूठे हुए हैं सनम – Aajkal Humse Roothe Hue Hain Sanam


फ़िल्म: आमने-सामने / Aamne Saamne (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: शशि कपूर, शर्मिला टैगोर


आजकल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लेकिन ख़ुदा की क़सम होंगे जिस रोज़ हम आमने-सामने
सारे शिक़वे गिले दूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…

उनके हर नाज़ की हमने तारीफ़ की
शुक्रिया भी न कहने की तक़लीफ़ की
हमने देखा तो परदे में वो छुप गए
क्या पता था वो मग़रूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…

हमको अपनी निगाहों पे है ऐतबार
एक दिन उनको कर देंगे हम बेक़रार
जिस तरह हम मुहब्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जाएँगे
आजकल हमसे रूठे…

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