तीसरी मंज़िल – Full Movie and Songs of Teesri Manzil (1966)


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: शम्मी कपूर, आशा पारेख

आ जा आ जा मैं हूँ प्यार तेरा
अल्लाह अल्लाह इन्कार तेरा ओ
ओ आ जा, आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ…
आ जा आ जा, मैं हूँ प्यार तेरा
अल्ला अल्ला, इनकार तेरा ओ
ओ आ जा, आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ…

ओऽ तुमपे हज़ारों की आँखें, चाहिये तुमको सहारा ओ
पल्कों मैं आओ छुपालूं, नाज़ुक तन हैं तुम्हारा ओ
ओ आ जा…
आ जा आ जा, मैं हूँ प्यार तेरा
अल्ला अल्ला, इनकार तेरा ओ
ओ आ जा, आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ…

होऽ मेरा ख़याल तुझे हैं, मैंने अभी यही जाना ओ
सच्चा हैं प्यार कि झूठा, ये हैं मुझे आज़माना हो
ओ आ जा…
आ जा आ जा, देखूँ प्यार तेरा
अल्ला अल्ला, इनकार तेरा ओ
ओ आ जा, आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ…

ओऽ रखना था दिल पे हमारे हाथ छुड़ा के चली हो
ओऽ जी हाँ ज़रा ये भी कहिये, आग लगा के चली हो ओ
ओ आ जा…
आ जा आ जा देखो प्यार तेरा
अल्लाह अल्लाह इन्कार तेरा ओ

ओ आ जा, आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ जा, आ ए ए आ जा,
आह आह आ…


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: प्रेम नाथ, शम्मी कपूर, आशा पारेख

देखिये साहिबों वो कोई और थी
और ये नाज़नीं है मेरी
मैं इनपे मरता हूँ
समझा था मैं ये हैं खड़ी
लेकिन वहाँ कोई और थी
इनके लिये ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था ख़ुदा की क़सम
देखिये साहिबों…

लोगों कहने दो इसको
ये है कोई दीवाना
मैं न जानूँ किसी को
इतना मेरा फ़साना
ओ हो
एक दम गलत फ़साना है
इनसे तो पुराना है
अपना सिलसिला
देखो तो प्यार इनको भी है
मेरा ख़ुमार इनको भी है
इनके लिये ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था ख़ुदा की क़सम
देखिये साहिबों…

मैं ने कब इसको चाहा
कह दो इतना न फेंके
आशिक़ बनने से पहले
अपनी सूरत तो देखे
ओ हो
सूरत भली बुरी क्या है
सौदा तो नज़र का है
सौदा प्यार का
इनको कहाँ ग़म दोस्तों
रुसवा हुए हम दोस्तों
इनके लिये ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था ख़ुदा की क़सम
देखिये साहिबों…

हाय हाय देखो तो इसको
बोले ही जा रहा है
उलझी बातों में ज़ालिम
सबको उलझा रहा है
ओ हो
सच बन गया अगर उलझन
फिर कहिये जनाब-ए-मन
मेरी क्या ख़ता
मुझ पर यकीं अब कम सही
मैं सादा दिल मुजरिम सही
इनके लिये ऐ मोहतरम छेड़ा
किसी और को था ख़ुदा की कसम
देखिये साहिबों…


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: प्रेम नाथ, शम्मी कपूर, आशा पारेख

दीवाना मुझ सा नहीं इस अम्बर के नीचे – 2
आगे है क़ातिल मेरा और मैं पीछे-पीछे
दीवाना मुझ सा…

पाया है दुश्मन को जब से प्यार के क़ाबिल
तब से ये आलम है रस्ता याद न मंज़िल
नींद में जैसे चलता है कोई चलना यूँ ही आँखें मींचे
दीवाना मुझ सा…

हमने भी रख दी हैं कल पे कल की बातें – 2
जीवन का हासिल हैं पल दो पल की बातें
दो ही घड़ी का साथ रहेगा करना क्या है तनहा जी के
दीवाना मुझ सा…


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: शम्मी कपूर, आशा पारेख

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

गर्म है, सेज़ है, ये निगाहें मेरी
काम आ, जायेगी सर्द, आहें मेरी
तुम किसी, राह में, तो मिलोगे कहीं
अरे! इश्क़ हूँ, मैं कहीं ठहरता ही नहीं
मैं भी हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

छिप रहे, है ये, क्या ढंग है आपका?
आज तो, कुछ नया, रंग है आपका
है! आज की, रात मैं, क्या से क्या हो गयी
अह! आपकी सादगी, तो भला हो गयी
मैं ही हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

ठहरिये, तो सही, कहिये क्या नाम है
मेरी बदनामियों का वफ़ा नाम है
ओहो! क़त्ल कर के चले ये वफ़ा, खूब है
है! नादां तेरी, ये अदा, खूब है
मैं भी हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: शम्मी कपूर, आशा पारेख

ओ मेरे सोना रे सोना रे सोना रे
दे दूंगी जान जुदा मत होना रे
(मैने तुझे ज़रा देर में जाना
हुआ कुसूर खफ़ा मत होना रे) – 2
ओ मेरे सोना रे सोना रे सोना रे

ओ मेरी बाँहों से निकलके
तू अगर मेरे रस्ते से हट जाएगा
तो लहराके, हो बलखाके
मेरा साया तेरे तन से लिपट जाएगा
तुम छुड़ाओ लाख दामन
छोड़ते हैं कब ये अरमां
कि मैं भी साथ रहूँगी रहोगे जहाँ
ओ मेरे…

ओ मियां हमसे न छिपाओ
वो बनावट कि सारी अदाएं लिये
कि तुम इसपे हो इतराते
कि मैं पीछे हूँ सौ इल्तिज़ाएं लिये
जी मैं खुश हूँ मेरे सोना
झूठ है क्या, सच कहो ना
कि मैं भी साथ रहूँगी रहोगे जहाँ
ओ मेरे…

ओ फिर हमसे न उलझना
नहीं लट और उलझन में पड़ जाएगी
ओ पछताओगी कुछ ऐसे
कि ये सुरखी लबों की उतर जाएगी
ये सज़ा तुम भूल न जाना
प्यार को ठोकर मत लगाना
कि चला जाऊंगा फिर मैं न जाने कहाँ
ओ मेरे…


फ़िल्म: तीसरी मंज़िल / Teesri Manzil (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: शम्मी कपूर, आशा पारेख

(तुम ने मुझे देखा, हो कर मेहर्बां
रुक गई ये ज़मीं, रुक गई ज़मीं
थम गया आसमां, जान-ए-मन जान-ए-जां) – 2
तुम ने मुझे देखा

ओ कहीं दर्द के सहरा में, रुकते चलते होते
इन होंठों की हसरत में, तपते जलते होते
मेहर्बां हो गई, ज़ुल्फ़ की बदलियाँ
जान-ए-मन, जान-ए-जां
तुम ने मुझे देखा…

ओ, लेकर ये हसीं जलवे, तुम भी न कहाँ पहुँचे
आखिर को मेरे दिल तक, कदमों के निशां पहुँचे
खत्म से हो गए रास्ते सब यहाँ
जान-ए-मन, जान-ए-जां
तुम ने मुझे देखा…

Advertisements

Leave a comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s