तीसरी कसम – Full Movie and Songs of Teesri Kasam (1966)


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: मन्ना डे
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

चलत मुसाफ़िर मोह लियो रे पिंजड़े वाली मुनिया – 4

उड़ उड़ बैठी हलवइया दुकनिया – 2
हे रामा!
उड़ उड़ बैठी हलवइया दुकनिया
आरे!
(बरफ़ी के सब रस ले लियो रे
पिंजड़े वाली मुनिया) – 2

अ हे अ हे… हे रामा

उड़ उड़ बैठी बजजवा दुकनिया – 2
आहा!
उड़ उड़ बैठी बजजवा दुकनिया
आरे!
(कपड़ा के सब रस ले लियो रे
पिंजड़े वाली मुनिया) – 3

जियो जियो पलकदस जियो!!

उड़ उड़ बैठी पनवड़िया दुकनिया – 2
हे रामा!
उड़ उड़ बैठी पनवड़िया दुकनिया
आरे!
(बीड़ा के सब रस ले लियो रे
पिंजड़े वाली मुनिया) – 3


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर, वहीदा रहमान

(दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई) – 2

काहे बनाए तूने माटी के पुतले,
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला – 2
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई…

तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर,
तूफ़ां ये प्यार का मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी – 2
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहेको प्रीत जगाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई…

प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया, हंसना सिखाया,
रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाए – 2
मीत मिलाके तूने सपने जगाए
सपने जगाके तूने, काहे को दे दी जुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई…


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

हाय ग़ज़ब कहीं तारा टूटा
लूटा रे लूटा मेरे सैंय्या ने लूटा

पहला तारा अटरिया पे टूटा – 2
दाँतों तले मैं ने दाबा अंगूठा – 2
लूटा रे लूटा, साँवरिया ने लूटा
हाय ग़ज़ब कहीं तारा टूटा…

दूसरा तारा बजरिया में टूटा – 2
देखा है सबने छूटा – 2
लूटा रे लूटा, सिपह्या ने लूटा
हाय ग़ज़ब कहीं तारा टूटा…

तीसरा तारा फुल्बगिया में टूटा – 2
फूलों से पूछे कोई है कौन झूठ – 2
लूट रे लूट, दरोगा ने लूटा
हाय ग़ज़ब कहीं तारा टूटा…


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया
पिया की पियारी भोली भाली रे दुल्हनिया

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया
मीठे बैन तीखे नैनों वाली रे दुल्हनिया

लौटेगी जो गोदी भर हमें ना भुलाना
लड्डू पेढ़े लाना अपने हाथों से खिलाना
तेरी सब रातें हों दीवाली रे दुल्हनिया

दूल्हे राजा रखना जतन से दुल्हन को
कभी न दुखाना तू गोरिया के मन को
नाज़ुक है नाज़ों की है पाली रे दुल्हनिया


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

(मारे गये गुलफ़ाम
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम) – 2
उल्फ़त भी रास ना आई
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम

इक सब्ज़परी देखी
और दिल को गँवा बैठे
(मस्ताना-निगाहों पर
फिर होश लुटा बैठे) – 2
फिर होश लुटा बैठे
काहे को मैं मुस्कुराई

अजी हाँ मारे गए गुलफ़ाम
मारे गये गुलफ़ाम
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम

अबरू की कटारी से
नैनों की दोधारी से
(वो हो के रहे ज़ख़्मी
इक बाद-ए-बहाअरी से) – 2
इक बाद-ए-बहाअरी से
ये ज़ुल्फ़ क्यों लहराई

अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम
मारे गये गुलफ़ाम
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम

इस प्यार की महफ़िल में
वो आये मुक़ाबिल में
(वो तीर चले दिल पर
हलचल सी हुई दिल में) – 2
हलचल सी हुई दिल में
चाहत की सज़ा पाई

अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम
मारे गये गुलफ़ाम
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम
उल्फ़त भी रास ना आई
अजी हाँ मारे गये गुलफ़ाम


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

पान खाये सैंयाँ हमारो
साँवली सूरतिया होंठ लाल-लाल
हाय-हाय मलमल का कुरता
मलमल के कुरते पे छींट लाल-लाल
पान खाये सैंयाँ हमारो

(हमने मँगाई सुरमेदानी
ले आया ज़ालिम बनारस का ज़रदा) – 2

अपनी ही दुनिया में खोया रहे वो
हमरे दिल की न पूछे बेदर्दा
पूछे बेदर्दा

पान खाये सैंयाँ हमारो
होय-होय
साँवली सूरतिया होंठ लाल-लाल
हाय-हाय मलमल का कुरता
मलमल के कुरते पे छींट लाल-लाल
पान खाये सैंयाँ हमारो

(बगिया गुन-गुन पायल छुन-छुन
चुपके से आई है रुत मतवाली) – 2
खिल गईं कलियाँ दुनिया जाने
लेकिन न जाने बगिया का माली
बगिया का माली

पान खाये सैंयाँ हमारो
होय-होय
साँवली सूरतिया होंठ लाल-लाल
हाय-हाय मलमल का कुरता
मलमल के कुरते पे छींट लाल-लाल
पान खाये सैंयाँ हमारो

(खा के गिलोरी शाम से ऊँघे
सो जाये वो दीया-बाती से पहले) – 2
आँगन-अटारी में घबराई डोलूँ
चोरी के डर से दिल मोरा दहले
दिल मोरा दहले

पान खाये सैंयाँ हमारो
साँवली सूरतिया होंठ लाल-लाल
हाय-हाय मलमल का कुरता
मलमल के कुरते पे छींट लाल-लाल
पान खाये सैंयाँ हमारो


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: वहीदा रहमान, राज कपूर

रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिलाके मुझे
हुए हैं इब्तेदा में रंज इन्तेहा के मुझे

आ, आ भी जा
रात ढलने लगी, हो, चाँद छुपने चला
हो आ, आ भी जा

तेरी याद में बेख़बर, शमा की तरह रात भर-2
जली आर्ज़ू दिल जला, आ, आ भी जा

सितारों ने मुँह फेरकर कहा अल्विदा हमसफ़र – 2
चला कारवाँ अब चला, आ, आ भी जा

उफ़क पर खड़ी है सहर, अँधेरा है दिल में इधर – 2
वही रोज़ का सिलसिला, आ, आ भी जा

रात ढलने लगी, चाँद छुपने चला
हो आ, आ भी जा


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर

सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है
न हाथी है ना घोड़ा है, वहाँ पैदल ही जाना है

तुम्हारे महल चौबारे, यहीं रह जाएंगे सारे – 2
अकड़ किस बात कि प्यारे
अकड़ किस बात कि प्यारे, ये सर फिर भी झुकाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है…

भला कीजै भला होगा, बुरा कीजै बुरा होगा – 2
बही लिख लिख के क्या होगा
बही लिख लिख के क्या होगा, यहीं सब कुछ चुकाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है…

लड़कपन खेल में खोया, जवानी नींद भर सोया – 2
बुढ़ापा देख कर रोया
बुढ़ापा देख कर रोया, वही किस्सा पुराना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है
न हाथी है ना घोड़ा है, वहाँ पैदल ही जाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है…


फ़िल्म: तीसरी कसम / Teesri Kasam (1966)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: राज कपूर, वहीदा रहमान

सजनवा बैरी हो गये हमार – 2
चिठिया हो तो हर कोई बाँचे
भाग ना बाँचे कोय
करमवा बैरी हो गये हमार

जाए बसे परदेस बलमवा सौतन के भरमाए
ना सन्देस ना कोई खबरिया, रुत आए रुत जाए
ना कोई इस पार हमारा – 2
ना कोई उस पार
सजनवा बैरी हो गये हमार

सूनी सेज गोद मोरी सूनी मर्म ना जाने कोय
छटपट तड़पे एक बिचारी ममता आँसू रोए
डूब गए हम बीच भँवर में – 2
सरके सोलह साल
करमवा बैरी हो गये हमार

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