सावन की घटा – Full Movie and Songs of Sawan Ki Ghata (1966)



फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

आज कोई प्यार से दिल की बातें कह गया, हाय
मैं तो आगे बढ़ गई पीछे ज़माना रह गया,
हाय राम

चीर कर पत्थर का सीना झूम कर झरना बहा
इस में इक तूफ़ान था सौ करवटें लेता हुआ
आज मौजों की रवानी में किनारा बह गया
हाय, इक किनारा बह गया

उनके होठों पर हँसी, हाय खिल के जब लहरा गई

वो भी कुछ घबरा गए
मैं भी कुछ शरमा गई
वो भी कुछ घबरा गए
और मैं भी कुछ शरमा गई

कुछ नहीं कहते हुए भी कोई सब कुछ कह गया
हाय, कोई सब कुछ कह गया


फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

(होंठों पे हँसी आँखों में नशा
पहचान है मेरे दिलबर की
जब डाली नज़र दिल मोह लिया
क्या बात है इस जादूगर की) – 2
होंठों पे हँसी आँखों में नशा

(जब चाहें मुझे पागल कर दे
तन में मन में शोले भर दे) – 2
हर एक अदा प्यारी प्यारी
ऐसे तो नहीं मैं दिल हारी
क्या बात है इस जादूगर की
होंठों पे हँसी आँखों में नशा

(तुमने जो मुझे पहचान लिया
दो प्यार भरे दिल मिल तो गये) – 2
(माना के बहुत मुश्किल से मिले
फिर भी अपनी मंज़िल से मिले) – 2
है दिल को मेरे तेरी ही लगन
ऐ रूह-ए-चमन ये तेरा बदन
तस्वीर है संग-ए-मरमर की
होंठों पे हँसी आँखों में नशा
पहचान है मेरे दिलबर की
जब डाली नज़र दिल मोह लिया
क्या बात है इस जादूगर की


होंठों पे हँसी आँखों में नशा
पहचान है मेरे दिलबर की
जब डाली नज़र दिल मोह लिया
क्या बात है इस जादूगर की

होंठों पे हँसी आँखों में नशा


फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

ख़ुदा हुज़ूर को मेरी भी ज़िंदगी दे-दे – 2
बग़ैर आपके बेहतर है मेरा मर जाना
न होगी शम्मा तो महफ़िल का रंग क्या होगा – 2
जियेगा कैसे अंधेरे में कोई परवाना
ख़ुदा हुज़ूर को मेरी भी ज़िंदगी दे-दे
ख़ुदा हुज़ूर को

(रहे हुज़ूर की हम पर अगर निगाह-ए-करम
तो हम ख़ुदा को न ढूँढें कभी ख़ुदा की कसम) – 2
हमारे वास्ते जन्नत हैं आपकी बाँहें – 2
हिला सकेगी न दुनिया कभी वफ़ा के कदम
ख़ुदा हुज़ूर को मेरी भी ज़िंदगी दे-दे – 2
बग़ैर आपके बेहतर है मेरा मर जाना
ख़ुदा हुज़ूर को


वो बिजलियाँ हैं नज़र में जो बादलों में नहीं
हाँ शराब और भी है
आऽ
शराब और भी है सिर्फ़ बोतलों में नहीं
हो वो बिजलियाँ हैं नज़र में जो बादलों में नहीं
शराब और भी है सिर्फ़ बोतलों में नहीं
ज़रा सी बात है दुनिया अगर इसे समझे
ज़रा सी बात – 2
ज़रा सी बात है दुनिया अगर इसे समझे
वो शम्मा दिल में जो जलती है महफ़िलों में नहीं
ख़ुदा हुज़ूर को मेरी भी ज़िंदगी दे-दे – 2
बग़ैर आपके बेहतर है मेरा मर जाना
ख़ुदा हुज़ूर को
न होगी शम्मा तो महफ़िल का रंग क्या होगा – 2
जियेगा कैसे अंधेरे में कोई परवाना
ख़ुदा हुज़ूर को


फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

मेरी जान तुम पे सदके, एहसान इतना कर दो
मेरी ज़िंदगी में अपनी, चाहत का रंग भर दो

किसी चाँद की ज़रूरत
नहीं मेरी ज़िंदगी को
कि तरस रहा हूँ कब से
मैं तुम्हारी रोशनी को
मुझे रोशनी दिखा के
एहसान इतना कर दो, मेरी ज़िंदगी…

ये तुम्हारी ज़ुल्फ़ जिसको
मिली शोखियाँ घटा की
इन्हीं बादलों के नीचे
मेरी हर नज़र है प्यासी
मेरी प्यास तुम बुझा के
एहसान इतना कर दो, मेरी ज़िंदगी…

(Asha version)

मेरी जान तुम पे सदक़े, अहसान इतना कर दो
मेरी ज़िंदगी में अपनी, चाहत का रंग भर दो
मेरी जान तुम पे सदक़े…

मेरी हर ख़ुशी अधूरी
मेरा हर सिंगार फीका
बिना प्यार के न भाये
मुझे चाँद का भी टीका
मुझे प्यार से सजा कर
अहसान इतना कर दो, मेरी ज़िंदगी…

मैं हवा का रुख़ बदल दूँ
मिले प्यार जो तुम्हारा
जहाँ डूब कर मैं देखूँ
हो उसी जगह किनारा
मुझे तुम गले लगाके
अहसान इतना कर दो, मेरी ज़िंदगी…


फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

हौले-हौले साजना धीरे-धीरे बालमा
ओ हो हो हो, हो हो…

ज़रा हौले-हौले चलो मोरे साजना
हम भी पीछे हैं तुम्हारे
कैसी भीगी-भीगी रुत है सुहानी,
कैसे प्यारे नज़ारे
ज़रा हौले-हौले…

(पड़ गई जनाब मैं तो आप के गले
अब तो निभाए बगैर ना चले) – 2
प्यार के सफ़र में होते ही रहेंगे
झगड़े हज़ार सनम
प्यार के दीवाने, चलते ही रहेंगे
फिर भी मिलाके कदम सजना
होते ही रहेंगे नीची नज़र के
मीठे-मीठे इशारे
ज़रा हौले-हौले…

(देखली हुज़ूर मैने आप की वफ़ा
बातों ही बातों में हो गये खफ़ा) – 2
दिल को तो दिलबर ले ही चुके हो
दिल का करार न लो
मुझे मेरा प्यार दो, दुनिया संवार दो
जीने की बात करो सजना
तुम जो नहीं तो कैसे लगेगी
जीवन नय्या किनारे
ज़रा हौले-हौले…


फ़िल्म: सावन की घटा / Sawan Ki Ghata (1966)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: ओ. पी. नय्यर
गीतकार: एस. एच बिहारी
अदाकार: मुमताज़, मनोज कुमार, शर्मिला टैगोर

ज़ुल्फ़ों को हटाले चेहरे से
थोड़ा सा उजाला होने दे
सूरज को ज़रा शर्मिंदा कर
मुँह रात का काला होने दे
ज़ुल्फ़ों को हटाले चेहरे से

(हो जो मौसम को पता ये तेरी ज़ुल्फ़ है क्या
चूम ले मांग तेरी झुक के सावन की घटा)– 2
ज़ुल्फ़ लहराये लहरा के बादल बने
जो भी देखे तुझे तेरा पागल बने
ऐसा भी नज़ारा होने दे
ज़ुल्फ़ों को हटाले चेहरे से…

(देख नाराज़ ना हो मेरे मासूम सनम
मैं कोई ग़ैर नहीं तेरी आँखों की क़सम)– 2
दे इजाज़त कि तेरे क़दम चूम लूं
साथ मैं भी तेरे दो घड़ी झूम लूं
हल्का सा इशारा होने दे
ज़ुल्फ़ों को हटाले चेहरे से…

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