हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये – Hum Jab Simat Ke Aapki Bahon Mein (Waqt)


फ़िल्म: वक्त / Waqt (1965)
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: शशिकला, शशि कपूर, सुनील दत्त, बलराज साहनी, शर्मिला टैगोर, साधना, राज कुमार


हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये – 2
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये – 2

खुश्बू चमन को छोड़ के साँसों में घुल गई – 2
लहरा के अपने आप जवाँ ज़ुल्फ़ खुल गई
हम अपनी दिल पसंद पनाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

कह दी है दिल की बात नज़ारों के सामने – 2
इक़रार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों ज़हान आज गवाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाख़ों से फूल टूट के राहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

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