तीन देवियां – Songs of Teen Deviyan (1965)



फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

ऐसे तो न देखो, के हमको नशा हो जए
ख़ूबसूरत सी कोई हमसे ख़ता हो जाए – 2
ऐसे तो न देखो

तुम हमें रोको फिर भी हम ना रुकें
तुम कहो काफ़िर फिर भी ऐसे झुकें
क़दम-ए-नाज़ पे इक सजदा अदा हो जाये
ऐसे तो न देखो

यूँ न हो आँखे रहें काजल घोलें
बढ़ के बेखुदी हंसीं गेसू खोलें
खुल के फिर ज़ुल्फ़ें सियाह काली बला हो जाये
ऐसे तो न देखो

हम तो मस्ती में जाने क्या क्या कहें
लब-ए-नाज़ुक से ऐसा न हो तुम्हें
बेक़रारी का गिला हम से सिवा हो जाये
ऐसे तो न देखो


फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: आशा भोंसले, किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब, घूँघट तो ज़रा ओढ़ो
अहा मानो कहा अब तुम हो जवां,
मेरी जान लड़कपन छोड़ो
जब मेरी चुनरिया मलमल की,
फिर क्यों न फिरूँ झलकी-झलकी
अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब…

(कोई जो मुझको हाथ लगाएगा,
हाथ न उसके आऊंगी
मै तेरे मन की लाल परी हूँ रे,
मन में तेरे उड़ जाऊंगी) – 2
तुम परी तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो
जब मेरी चुनरिया मलमल की…
अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब…

(देखके तरसे लाख ये भंवरे, और इन्हें तरसाऊंगी
तेरी गली की एक कली हूँ,
तेरे गले लग जाऊंगी) – 2
तुम कली तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो
जब मेरी चुनरिया मलमल की…
अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब…

(डालके घुंघटा रूप को अपने, और नहीं मैं छुपाऊंगी
सुंदरी बनके तेरी बलमवा,
आज तो मैं लहराऊंगी)- 2
सुंदरी तो ज़रूर हो, पर बड़ी मशहूर हो
जब मेरी चुनरिया मलमल की…
अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब…
जब मेरी चुनरिया मलमल की…
अरे यार मेरी तुम भी हो ग़ज़ब…


फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

कहीं बेख़याल होकर, यूँ ही छू लिया किसी ने – 2
कई ख़्वाब देख डाले, यहाँ मेरी बेख़ुदी ने
कहीं बेख़याल होकर

मेरे दिल में कौन है तू, कि हुआ जहाँ अन्धेरा
वहीं सौ दिये जलाये, तेरे रुख़ की चाँदनी ने
कई ख़्वाब, कई ख़्वाब देख डाले यहाँ मेरी बेख़ुदी ने
कहीं बेख़याल होकर

कभी उस परी का कूचा, कभी इस हसीं की महफ़िल
मुझे दर-ब-दर फिराया, मेरे दिल की सादग़ी ने
कई ख़्वाब, कई ख़्वाब देख डाले यहाँ मेरी बेख़ुदी ने
कहीं बेख़याल होकर

है भला सा नाम उसका, मैं अभी से क्या बताऊं
किया बेकरार अक्सर, मुझे एक आदमी ने
कई ख़्वाब, कई ख़्वाब देख डाले यहाँ मेरी बेख़ुदी ने
कहीं बेख़याल होकर

अरे मुझपे नाज़ वालो, ये नयाज़मन्दियां क्यों
है यही करम तुम्हारा, तो मुझे न दोगे जीने
कई ख़्वाब, कई ख़्वाब देख डाले यहाँ मेरी बेख़ुदी ने
कहीं बेख़याल होकर


फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

ख़्वाब हो तुम या कोई हक़ीक़त
कौन हो तुम बतलाओ
देर से कितनी दूर खड़ी हो
और करीब आ जाओ

सुबह पे जिस तरह, शाम का हो गुमाँ – 2
ज़ुल्फ़ों में एक चेहरा, कुछ ज़ाहिर कुछ निहा

धड़कनों ने सुनी, एक सदा पाओं की – 2
और दिल पे लहराई, आँचल की छाओं सी

मिल ही जाती हो तुम, मुझको हर मोड़ पे – 2
चल देती हो कितने, अफ़साने छोड़ के

फिर पुकारो मुझे, फिर मेरा नाम लो – 2
गिरता हूँ फिर अपनी, बाहों में थाम लो


फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना – 2
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना…

जवाब था किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
अरे ओ ओ ओ ओ
जवाब था किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
कैसी न हो मेरी हर बात अधूरी,
अभी हूँ आधा दिवाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ
अरे ओ ओ ओ ओ
जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ
थोड़ा सा हसीनों का सहारा लेके चलना,
है मेरी आदत रोज़ाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा
अरे ओ ओ ओ ओ
यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा
ओ ओ… दिल को तेरे अब तक ना समझे,
तुझी को हमने पहचाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना


फ़िल्म: तीन देवियां / Teen Deviyan (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: सिमी ग्रेवाल, नंदा, देव आनंद, कल्पना

(उफ़ कितनी ठण्डी है ये रुत
सुलग़े है तनहाई मेरी
सन सन सन जलता है बदन
काँपे है अंगड़ाई मेरी) – 2

तुमपे भी है भारी
वो है कौन ऐसी चिंगारी
ओ तुमपे भी है भारी
वो है कौन ऐसी चिंगारी
है कोई इन आँखों में
एक तुम जैसी ख़ाबों की परी

उफ़ कितनी ठण्डी है ये रुत
सुलग़े है तनहाई मेरी
सन सन सन जलता है बदन
काँपे है अंगड़ाई मेरी

ये तनहा मौसम मेहताबी
ये जलती-बुझती बेख़ाबी
ओ ये तनहा मौसम मेहताबी
ये जलती-बुझती बेख़ाबी
महलों में थर्राती है
एक बेताबी अरमाँ में भरी

उफ़ कितनी ठण्डी है ये रुत

ऐसे हैं दिल पे कुछ साये
धड़कन भी जल के जम जाये
ओ ऐसे हैं दिल पे कुछ साये
धड़कन भी जल के जम जाये
काँपो तुम और सुलग़ें हम
ये है चाहत की जादूगरी

उफ़ कितनी ठण्डी है ये रुत
सुलग़े है तनहाई मेरी
सन सन सन जलता है बदन
काँपे है अंगड़ाई मेरी

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