खानदान – Songs of Khandaan (1965)



फ़िल्म: खानदान / Khandaan (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: नूतन, सुनील दत्त, ओम प्रकाश

मैं सुनाता हूँ तुझे एक कहानी सुन ले
ओ मेरे लाल ज़रा मेरी जबानी सुन ले

मेरे नन्हे मेरे मुन्ने मेरी औलाद है तू
मैने भगवान से जो की थी वो फ़रियाद है तू

बाप हूँ तेरा मगर तुझको खिला सकता नहीं
दोनों हाथों से कभी तुझको उठा सकता नहीं

तू अगर चाहे कि बन जाऊँ मैं तेरा घोड़ा
जो न बन पाऊँ तो दुख होगा तुझे भी थोड़ा

लेकिन इक बात मेरे बच्चे तुझे याद रहे – 2
दिल तेरी माँ का तेरे प्यार से आबाद रहे

तू हो के बड़ा बन जाना अपनी माता का रखवाला
बदक़िस्मत के घर में हुआ है पैदा क़िस्मतवाला
तू हो के बड़ा…

तेरे दो हाथों की ताक़त ही तक़दीर है तेरी
मेहनत जिसका नाम है बेटा वो जागीर है तेरी
हर मुश्किल से लड़ सकता है दो दो हाथों वाला
तू हो के बड़ा…

देख किसी के रस्ते की दीवार कभी ना होना – 2
जब तक जागे तेरा पड़ोसी तब तक तू न सोना
दर्द पराये का लेता है कोई नसीबों वाला
तू हो के बड़ा…

पाँव जहाँ तेरे पड़ जाएं फूल वहाँ खिल जाएं – 2
प्यार से तेरे बिछड़े दिल भी आपस में मिल जाएं – 2
कहता है ये चाँद सा मुखड़ा तू है मुहब्बत वाला
तू हो के बड़ा…


फ़िल्म: खानदान / Khandaan (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: नूतन, सुनील दत्त, ओम प्रकाश

मुझे जब जब बहारों का ज़माना याद आएगा
कहीं अपना भी था इक आशियाना याद आएगा

कल चमन था आज इक सहरा हुआ
देखते ही देखते ये क्या हुआ
कल चमन था…

मुझको बरबादी का कोई ग़म नहीं – 2
ग़म है बरबादी का क्यों चर्चा हुआ
कल चमन था…

एक छोटा सा था मेरा आशियाँ – 2
आज तिनके से अलग तिनका हुआ
कल चमन था…

सोचता हूँ अपने घर को देखकर – 2
हो न हो ये है मेरा देखा हुआ
कल चमन था…

देखने वालों ने देखा है धुआँ – 2
किसने देखा दिल मेरा जलता हुआ
कल चमन था…


फ़िल्म: खानदान / Khandaan (1965)
गायक/गायिका: महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: नूतन, सुनील दत्त

नील गगन पर उड़ते बादल आ आ आ
धूप में जलता खेत हमारा, कर दे तू छाया
छुपे हुए ओ चंचल पंछी, जा जा जा
देख अभी है कच्चा दाना पक जाए तो खा

बहता-बहता क्यारियों में ठंडा-ठंडा पानी
चूम न ले कहीं पाँव तेरे, ओ खेतों की रानी
चूम के मेरे पाँव मैले वो होगा मैला
मैं हूँ खेतों की दासी तू खेतों का राजा

हरी-भरी इन खेतियों की राम करे रखवाली
वो चाहे तो सौ-सौ दाने देगी एक-एक डाली
मेहनत-वालों की सुनता है वो ऊपर-वाला
खोल के रखियो अपनी झोली भर देगा दाता


फ़िल्म: खानदान / Khandaan (1965)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: मुमताज़, नूतन, सुनील दत्त, ओम प्रकाश, सुदेश कुमार

ओ बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह तके ब्रजबाला
बाल ग्वाल इक इक से पूछें कहाँ है मुरली वाला रे

कोई न जाये कुँज गलिन में तुझ बिन कलियाँ चुनने को
तरस रहे हैं जमुना के तट पर धुन मुरली की सुनने को
अब तो दर्द दिखा दे नटखट क्यों दुविधा में डाला रे

संकट में है आज वो धरती जिस पर तूने जनम लिया
पूरा कर दे आज वचन वो गीता में जो तूने दिया
तुझ बिन कोई नहीं है मोहन भारत का रखवाला रे


फ़िल्म: खानदान / Khandaan (1965)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रवि
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: नूतन, सुनील दत्त, ओम प्रकाश

तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो
कोई मेरी आँखों से देखे तो समझे, कि तुम मेरे क्या हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

जिधर देखती हूँ उधर तुम ही तुम हो
न जाने मगर किन खयालों में गुम हो
मुझे देखकर तुम ज़रा मुस्कुरा दो
नहीं तो मैं समझूँगी, मुझसे ख़फ़ा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

तुम्हीं मेरे माथे की बिंदिया की झिल-मिल
तुम्हीं मेरे हाथों के गजरों की मंज़िल
मैं हूँ एक छोटी-सी माटी की गुड़िया
तुम्हीं प्राण मेरे, तुम्हीं आत्मा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

बहुत रात बीती चलो मैं सुला दूँ
पवन छेड़े सर्गम मैं लोरी सुना दूँ
तुम्हें देखकर यह ख़याल आ रहा है
कि जैसे फ़रिश्ता कोई सो रहा है
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

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