ऐ सनम आज ये क़सम खाएँ – Aye Sanam Aaj Ye Kasam Khayen (Jahan Ara)

फ़िल्म: जहांआरा / Jahan Ara (1964)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, तलत महमूद
संगीतकार: मदन मोहन
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: माला सिन्हा, भारत भूषण



ऐ सनम
ऐ सनम आज ये क़सम खाएँ
मुड़ के अब देखने का नाम ना लें
प्यार की वादियों में खो जाएँ
ऐ सनम आज ये क़सम खाएँ
फ़ासले प्यार के मिटा डालें
और दुनिया से दूर हो जाएँ
ऐ सनम आज ये…

जिस तरफ़ जाएँ बहारों के सलाम आएँगे – 2
आसमानों से भी रंगीन पयाम आएँगे
तेरा जलवा है जहाँ मेरी जन्नत है वहाँ
तेरे होंठों की हँसी सौ बहारों का समाँ
ऐ सनम आज ये…

अपना ईमान फ़क़त अपनी मोहब्बत होगी
हर घड़ी इश्क़ की इक ताज़ा क़यामत होगी
देख कर रंग-ए-वफ़ा मुस्कुराएगा ख़ुदा
और सोचेगा ज़रा इश्क़ क्यों पैदा किया
इश्क़ क्यों पैदा किया – 2
ऐ सनम आज ये…

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