बेटी-बेटे – Songs of Beti Bete (1964)


फ़िल्म: बेटी-बेटे / Beti Bete (1964)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: सुनील दत्त, बी. सरोजा देवी, जमुना

आज कल में ढल गया, दिन हुआ तमाम
तू भी सो जा, सो गई, रंग भरी शाम

सो गया चमन चमन, सो गई कली-कली
सो गए हैं सब नगर, सो गई गली-गली
नींद कह रही है चल, मेरी बाँह थाम, तू भी…

है बुझा-बुझा सा दिल, बोझ साँस-साँस पे
जी रहे हैं फिर भी हम, सिर्फ़ कल की आस पे
कह रही है चाँदनी, लेके तेरा नाम, तू भी…

कौन आएगा इधर, किसकी राह देखें हम
जिनकी आहटें सुनी, जाने किसके ये कदम
अपना कोई भी नहीं, अपने तो हैं राम, तू भी…


फ़िल्म: बेटी-बेटे / Beti Bete (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, सुमन कल्याणपुर
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: सुनील दत्त, जमुना, बी. सरोजा देवी

(अगर तेरी जलवा-नुमाई न होती
ख़ुदा की क़सम ये ख़ुदाई न होती) – 2
(अगर आँख तुमने मिलाई न होती
मेरी ज़िन्दगी मुस्कराई न होती) – 2

बहारों का मौसम न होता सुहाना
तेरे दम क़दम से हुआ आशिक़ाना
नज़ारों में ये दिलरुबाई न होती
ख़ुदा की क़सम…

तेरे प्यार ने मुझ पर एहसाँ किया है
मेरा दिल लिया है मुझे दिल दिया है
अगर तूने उल्फ़त निभाई न होती
मेरी ज़िन्दगी मुस्कराई…

अगर नूर तेरा न आता जहाँ में
तो रखा ही क्या था ज़मीं आसमाँ में
कि मालिक ने दुनिया बनाई न होती
ख़ुदा की क़सम…


फ़िल्म: बेटी-बेटे / Beti Bete (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: सुनील दत्त, जमुना, बी. सरोजा देवी

बात इतनी सी है कह दो कोई दीवानों से
आदमी वो है जो खेला करे तूफ़ानों से
बात इतनी सी है…

नई मंज़िल नई राहों पे चले हैं हम तो
ये मालूम है काँटों पे चले हैं हम तो
(ग़म भी डर जाता है) – 2 हम जैसे मस्तानों से
आदमी वो है…

अपनी तक़दीर पे रोना बड़ी नादानी है
जान सी चीज़ को खोना बड़ी नादानी है
(कुछ तो धीरज रखो) – 2 कह दो कोई नादानों से
आदमी वो है…

ज़िन्दगी वो है चमन के फूल भी खिल जाते हैं
दिल के टुकड़े जो बिछड़ते हैं वो मिल जाते हैं
जैसे शीशे कभी मिल जाते हैं पैमानों से
आदमी वो है…


फ़िल्म: बेटी-बेटे / Beti Bete (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: सुनील दत्त, जमुना, बी. सरोजा देवी

गोरी चलो न हंस की चाल ज़माना दुश्मन है
तेरी उमर है सोलह साल ज़माना दुश्मन है
कुछ परवाह नहीं सरकार ज़माना दुश्मन हो
मुझे तुमसे हुआ है प्यार ज़माना दुश्मन हो

ओ चाँद सी उजली हसीना तुम छोड़ दो आना-जाना
रोकेगा तुम्हारी राहें हम जैसा कोई दीवाना
कोई लाख लगाए पहरे मैं पहरे तोड़ के आऊँ
हूँ तेरे मिलन की प्यासी मैं दुनिया छोड़ के आऊँ

ये इश्क़ है आग का दरिया तुम सोच-समझ के उतरना
हैं इसमें हज़ारों तूफ़ाँ आसान नहीं है गुज़रना
जब प्यार का बंधन बाँधा फिर आग हो या हो पानी
डर जाए वो कैसी उल्फ़त जल जाए वो कैसी जवानी
गोरी चलो न…


फ़िल्म: बेटी-बेटे / Beti Bete (1964)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: सुनील दत्त, जमुना, बी. सरोजा देवी

राधिके तूने बंसुरी चुराई – 2
बंसुरी बजाई क्या, मेरे मन भाई – 2
काहे को रार मचाई, मचाई रे
राधिके तूने बंसुरी चुराई – 2

देदूंगी कहे, क़समें खाये – 2
कहाँ छुपाई, पर ना बताये – 2
राधिके तूने बंसुरी चुराई – 2

ना तेरी बैरन, ना तेरी सौतन आ आ सौतन
ना तेरी बैरन, ना तेरी सौतन
मेरी मुरलिया, मोहे सबका मन – 2
करे तेरी कौन बुराई, बुराई रे
राधिके तूने बंसुरी चुराई – 2

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