ग़म नहीं गर ज़िंदगी वीरान है – Gham Nahin Gar Zindagi Veeran Hai (Benazir)

फ़िल्म: बेनज़ीर / Benazir (1964)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: शकील बदांयुनी
अदाकार: अशोक कुमार, शशि कपूर, तनुजा, निरुपा राय, मीना कुमारी



हमें अपना इलाज़-ए-दर्द-ए-दिल करना भी आता है
हम ऐसे जीने वाले हैं जिन्हें मरना भी आता है

ग़म नहीं
(ग़म नहीं गर ज़िंदगी वीरान है
इश्क़ पर ये जान भी क़ुर्बान है) – 2
ग़म नहीं गर ज़िंदगी वीरान है

हमने सब कुछ खो के सब कुछ पा लिया – 2
अपने दिल को हर तरह हर तरह समझा लिया
अब कोई हसरत है ना अरमान है – 2
ग़म नहीं गर ज़िंदगी वीरान है
इश्क़ पर ये जान भी क़ुर्बान है
ग़म नहीं गर ज़िंदगी वीरान है

चन्द आँसू प्यार की दौलत नहीं – 2
रो के जीने में कोई कोई लज़्ज़त नहीं
हँस के मर जाना वफ़ा की शान है
इश्क़ पर ये जान भी क़ुर्बान है

Advertisements

Leave a comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s