तू कहाँ, ये बता, इस नशीली रात में – Tu Kahan Ye Bata (Tere Ghar Ke Samne)

फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद



तू कहाँ, ये बता, इस नशीली रात में
माने ना मेरा दिल दीवाना
हाय रे… माने ना मेरा दिल दीवाना

हे… बड़ा नटखट है समां – 2
हर नज़ारा है जवाँ
छा गया चारों तरफ़, मेरी आहों का धुआँ
दिल मेरा, मेरी जाँ, ना जाना… तू कहाँ…

ओ ओ… आई जब ठंडी हवा – 2
मैने पूछा जो पता
वो भी कतराके गई, और बेचैन किया
प्यार से, तू मुझे, दे सदा… तू कहाँ…

हे… चांद तारों ने सुना – 2
इन बहारों ने सुना
दर्द का राग मेरा, रहगुज़ारों ने सुना
तू भी सुन, जानेमन, आ भी जा… तू कहाँ…

ओ ओ… प्यार का देखो असर – 2
आए तुम थामे जिगर
मिल गई आज मुझे, मेरी मनचाही डगर
क्यूँ छुपा, एक झलक, फिर दिखा… तू कहाँ…

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