तेरे घर के सामने – Songs of Tere Ghar Ke Samne (1963)


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

(देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो) – 2
देखो रूठा ना करो

चेहरा तो लाल हुआ, क्या क्या हाल हुआ
इस अदा पर तेरी, मैं तो पागल हुआ
तुम बिगड़ने जो लगो, और भी हंसीं लगो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो

जान पर मेरी बनी, आपकी ठहरी हंसी
हाय, मैं जान गई, प्यार की चिकनागरी (?)
दिल जलाने के लिये, ठंडी आहें न भरो
देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम न बोलेंगे कभी

तेरी खुशबू ने मेरे, होश भी छीन लिये
हैं खुशी आज हमे, तेरे पहलू में गिरे
दिल की धड़कन पे ज़रा, फूल सा हाथ रखो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो

क्या कहेगा ये समा, इन राहों का धुँआ
लाज आए मुझे, मुझको लाए हो कहाँ
हम तुम्हे मान गए, तुम बड़े वो हो हटो
देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो, प्यार का राग सुनो रे

फूल तुम गुलाब का
क्या जवाब आपका
जो अदा वो बहार है
आज दिल की बेकली, आ गई ज़बान पर
बात ये है तुमसे प्यार है
दिल तुम्हीं को दिया रे
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर…

चाहे तुम मिटाना, पर न तुम गिराना
आँसू की तरह निगाह से
प्यार कि उँचाई
इश्क़ कि गहराई
पूछ लो हमारी आह से
आसमाँ छू लिया रे
प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर…

इस हसीन उतार पे हम न बैठे हार के
साया बन के साथ हम चले
आज मेरे संग तो गूँजे दिल की आरज़ू
तुझसे मेरी आँख जब मिले
जाने क्या कर दिया रे
प्यार का राग सुनो…

आप का ये आँचल, प्यार का ये बादल
फिर हमें ज़मीं पे ले चला
अब तो हाथ थाम लो, इक नज़र का जाम दो
इस नये सफ़र का वस्ता
तुम मेरे साक़िया रे
प्यार का राग सुनो रे, ऊ ऊ ऊ…


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

ओले ओले ओले ओले ओले ओले ओ!
दिल की मंज़िल कुछ ऐसी है मंज़िल
प्यार जिस ने किया हो वो जाने

पहलू में यूँ तो सब के ही दिल है
दर्द हो जिस में दिल वही दिल है

पहलू में यूँ तो सब के ही दिल है
दर्द हो जिस में दिल वही दिल है
प्यार जो होगा दर्द भी होगा
प्यार न हो तो जीना मुश्किल है
आज किस से जवान है ये महफ़िल
प्यार जिस ने किया हो वो जाने

दिल की मंज़िल कुछ ऐसी है मंज़िल…

इतना बड़ा है दुनियाँ का मेला
लोग दिलों से मिलते नहीं हैं

इतना बड़ा है दुनियाँ का मेला
लोग दिलों से मिलते नहीं हैं
प्यार बिना तो दोनो जहाँ में
फूल खुशी के खिलते नहीं हैं
कौन किस का हुआ है क़ातिल
प्यार जिस ने किया हो वो जाने

दिल की मंज़िल कुछ ऐसी है मंज़िल…


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने

घर का बनाना कोई, आसान काम नहीं
दुनिया बसाना कोई, आसान काम नहीं
दिल में वफ़ायें हों तो, तूफ़ां किनारा है
बिजली हमारे लिये, प्यार का इशारा है
तन मन लुटाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने

कहते हैं प्यार जिसे, दरिया है आग का
या फिर नशा है कोई, जीवन के राग का
दिल में जो प्यार हो तो, आग भी फूल है
सच्ची लगन जो हो तो, पर्बत भी धूल है
तारे सजाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने

कांटों भरे हैं लेकिन, चाहत के रास्ते
तुम क्या करोगे देखें, उलफ़त के वास्ते
उलफ़त मे ताज़ छूटे, ये भी तुम्हें याद होग
उलफ़त मे ताज़ बने, ये भी तुम्हें याद होग
मैं भी कुछ बनाऊंगा
हूँ
तेरे घर के सामने
देखें
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

सुन ले तू दिल की सदा, प्यार से प्यार सजा – 2
सुन ले तू दिल की सदा

मेरी आवाज़ का तीर, जायेगा दिल को भी जीर? – 2
खोये नफ़रत, लाये उलफ़त
ये असर है मेहरबां
सुन ले तू दिल की सदा…

प्यार रस्ता है मेरा, ऐसा राहि हूँ तेरा – 2
न रहूँ मैं, न रहे तू
पर रहेगी दास्तां
सुन ले तू दिल की सदा…

दो दिलों की ये लगन, जाने धरती और गगन – 2
तू जहाँ है, मैं वहाँ हूँ
जिस्म दो है, एक जान
सुन ले तू दिल की सदा…

सुन ले तू दिल की सदा, प्यार से प्यार सजा – 2
सुन ले तू दिल की सदा

आज तक जो भी हुआ, झूठे झगड़ों ने किया
आज तक जो भी हुआ
आज तक जो भी हुआ, झूठे झगड़ों ने किया
प्यार होता तो कुछ ना होता, ना उजड़ते आशियां
सुन ले तू दिल की सदा…

प्यार जिसने ना किया, खाक दुनिया में जिया
प्यार जिसने ना किया
प्यार जिसने ना किया, खाक दुनिया में जिया
उसक जीवन कोई जीवन, जैसे वीरान बस्तियां
सुन ले तू दिल की सदा…

प्यार जिस दिल में जवाँ, समझो भगवान वहाँ
प्यार जिस दिल में जवाँ
प्यार जिस दिल में जवाँ, समझो भगवान वहाँ
मान ले तू और समझ ले, धड़कनों की ये ज़ुबाँ
सुन ले तू दिल की सदा…


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

तू कहाँ, ये बता, इस नशीली रात में
माने ना मेरा दिल दीवाना
हाय रे… माने ना मेरा दिल दीवाना

हे… बड़ा नटखट है समां – 2
हर नज़ारा है जवाँ
छा गया चारों तरफ़, मेरी आहों का धुआँ
दिल मेरा, मेरी जाँ, ना जाना… तू कहाँ…

ओ ओ… आई जब ठंडी हवा – 2
मैने पूछा जो पता
वो भी कतराके गई, और बेचैन किया
प्यार से, तू मुझे, दे सदा… तू कहाँ…

हे… चांद तारों ने सुना – 2
इन बहारों ने सुना
दर्द का राग मेरा, रहगुज़ारों ने सुना
तू भी सुन, जानेमन, आ भी जा… तू कहाँ…

ओ ओ… प्यार का देखो असर – 2
आए तुम थामे जिगर
मिल गई आज मुझे, मेरी मनचाही डगर
क्यूँ छुपा, एक झलक, फिर दिखा… तू कहाँ…


फ़िल्म: तेरे घर के सामने / Tere Ghar Ke Samne (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: नूतन, देव आनंद

ये तन्हाई हाय रे हाय रे जाने फिर आए ना आए
थाम लो बाहें थाम लो बाहें

झूम झूम गाऊं प्यार से शरमाऊं
एक नशा सा मुझे हो चला
तेरी मेरी चाहें रोज़ बढ़ी जाएं
और ना टूटे कभी सिलसिला
देख तेरी मेरी है एक डगरिया, थाम लो बाहें…

आज अपने साथी दीप और बाती
जगमाई मेरी ज़िन्दगी
पाके तेरी साए कौन आगे जाए
तू मिला तो मिली हर खुशी
तन मन चमके है जैसे बिजुरिया, थाम लो बाहें…

आज समय आया मैं ने तुझे पाया
मैं नशा हूँ तेरे प्यार की
फूल नाए लाऊं तुझको महकाऊं
मैं कली हूँ तेरे हार की
प्यार की हमारे अमरवा उमरिया, थाम लो बाहें…

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One comment on “तेरे घर के सामने – Songs of Tere Ghar Ke Samne (1963)

  1. Kishorkant कहते हैं:

    बहुत ही बढ़िया गीतकुंज है.

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