गोदान – Songs of Godaan (1963)


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

चली आज गोरी पिया की नगरिया – 2
मँगिया में सिंदूर ओढ़े चुनरिया – 2
चली आज गोरी पिया की नगरिया ..

दुलारों से पाली ये कोमल कली सी – 2
छिपी माँ के आँचल में जैसी डरी सी
वो ही आज जाए पराई नगरिया ..१..

अँखियों में आँसू हैं साँसों में आँधी – 2
सजन से मिलन को सजनिया है जाती
नैनों से थम थम के बरसे बदरिया ..2..

चली आज गोरी पिया की नगरिया


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

(हिया जरत रहत दिन रैन हो रामा
जरत रहत दिन रैन) – 2

अमब्वा कि दालि पे कोयल बोले – 2
तनिक न आवत चैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन

बस्वारि मेइन मधुर सुर बाजे – 2
बिर्ही पपिहरा बोलन लागे
मधुरे मधुर मधु बैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन

आस अधुरी प्यासी ओओमरिया – 2
जाये अन्धेरा सुनी दगरीया
दरत जिया बेचैन
दरत जिया बेचैन ओ रामा
जरत रहत दिन रैन
हिय जरत रहत दिन रैन ओ राम्म
जरत रहत दिन रैन


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

जाने काहे जिया मोरा डोले रे – 2
कोई कलियों का घूँघट खोले
मेरे सपनों की दुनिया डोले
डोले रे, जाने काहे जिया मोरा…

(हवा धानी चुनरिया उड़ाए
मोरा चंचल जिया लहराए) – 2
पुरवैया बहे हौले-हौले
डाली-डाली पे बेल फूले
फूले रे, जाने काहे जिया मोरा…

(फूल चुन-चुन ये किस पर चढ़ाऊँ सखी
मन मंदिर में किस को बिठाऊँ सखी) – 2
आ जा पिया मोरा डोले जिया – 2
डोले रे, जाने काहे जिया मोरा…


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: गीता दत्त, महेंद्र कपूर
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए जियरा मोरा रिझाय के
ओ निरदर्दी मैं पछताई तुझसे नेहा लगय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए मीठी तान सुनाय के
ओ मृगनयनी काहे रिझाए नैनन बान चलाय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

जब से देखा तुझे सजनवा मैं सपनों में खो गई
ओ निर्मोही चुपके चुपके मैं तो तेरी हो गई
मुझसे नैन चुराए बलमवा दिल का चैन चुराय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

इन्द्रधनुष सी तोरी चुनरिया हिरदय पर छा जाए रे
संवर संवर कर गोरी गुजरिया जग जैसे छल जाए रे
तोहन मन्तर काहे चलाए मधुर मधुर मुस्काय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए…

बड़ा निठुर है मोरा संवरिया जो न पसीजे प्यार में
प्यार बिना मैं जिऊँ रे कैसे छलिया इस संसार में
बिरहिन मैं बन जाऊँ जोगनिया दुनिया को ठुकराय के
ओ बेदर्दी क्यूँ तड़पाए…

प्रीत तेरी पहचान न पाया जिया मोरा अनजान रे
तुझसे मेरा नेह सजनिया करूँ निछावर प्रान रे
प्रेम का नाता जोड़ ले तू बीती बतियाँ बिसराय के
ओ मधुबैनी काहे लुभाए…


फ़िल्म: गोदान / Godaan (1963)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रविशंकर
गीतकार: अंजान
अदाकार: राज कुमार, कामिनी कौशल, मेहमूद

पिपरा के पतवा सरीखा डोले मनवा
कि जियरा मां उठत हिलोर
अरे पुरवा के झोंकवा से आयो रे संदेसवा
कि चल आज देसवा की ओर
पिपरा के पतवा…

झुकि झुकि बोले कारे कारे ये बदरवा
कबसे पुकारे तोहे नयनों का कजरवा
उमड़ घुमड़ जब गरजे बदरिया रे
ठुमक ठुमक नाचे मोर
पुरवा के झोंकवा से…

सिमिट सिमिट बोले ल.म्बी ये डगरिया
जल्दी जल्दी चल राही अपनी नगरिया
रहिया तकत बिरहनिया दुल्हनिया रे
बांध के लगनवा की डोर
पुरवा के झोंकवा से…

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