वल्लाह क्या बात है – Songs of Vallah Kya Baat Hai (1962)


फ़िल्म: वल्लाह क्या बात है / Vallah Kya Baat Hai (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: प्रेम धवन
अदाकार: मुमताज़, शम्मी कपूर, बीना राय

एक तो सूरत प्यारी और ऊपर से ये नाज़,
दिल लेने के तौबा ये कैसे हैं अंदाज़
तुम्ही बता दो ऐजी क्या सच्ची है ये बात
नीली आँखों वाले होते हैं धोखेबाज़

इधर ये निगाहें, उधर वो घटायें, दिल क्या करे दीवाना
ये बातें अन्जानी, ना जानों मैं दीवानी, तुम ही ज़रा समझाना
एक दीवाने को क्या समझायेगा दीवाना

बरसती बहारें, मचलती फुहारें, उफ़ ये समा मस्ताना
ये रिमझिम पानी, करे है मनमानी, दिल भी हुआ बेगाना
यही तो है जी, दिल वालों का ज़माना

दोनो जिधर हम जाएं, चमन खिल जाएं, हँसाने लगे ये नज़ारें
दोनो जहाँ पे रुक जाएं, वहीं पे झुक जाएं, क्या चाँद क्या सितारे
दोनो है, इशारे पे चले हमारे ये ज़माना


फ़िल्म: वल्लाह क्या बात है / Vallah Kya Baat Hai (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रोशन
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: मुमताज़, शम्मी कपूर, बीना राय

गम-ए-हस्ती से बस बेगाना होता
ख़ुदाया काश मैं दीवाना होता
ग़म-ए-हस्ती से बस बेगाना

(चली आती क़यामत अंजुमन में)- 2
गुलों को आग लग जाती चमन में
अलग बैठा
अलग बैठा कोई मस्ताना होता
ख़ुदाया काश मैं दीवाना होता
ग़म-ए-हस्ती से बस बेगाना

जो देखा है सुना है ज़िंदगी में
वो बनके दर्द रह जाता ना जी में
फ़क़त एक ख़्वाब
फ़क़त एक ख़्वाब एक अफ़साना होता
ख़ुदाया काश मैं दीवाना होता
ग़म-ए-हस्ती से बस बेगाना

(उसी दीवानगी में बेख़ुदी में)- 2
न खुलती आँख सारी ज़िंदगी में
सदा ग़र्दिश में
सदा ग़र्दिश में इक पैमाना होता
ख़ुदाया काश मैं दीवाना होता
ग़म-ए-हस्ती से बस बेगाना होता
ख़ुदाया काश मैं दीवाना होता


फ़िल्म: वल्लाह क्या बात है / Vallah Kya Baat Hai (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, , आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: प्रेम धवन
अदाकार: मुमताज़, शम्मी कपूर, बीना राय

खनके तो खनके क्यों खनके, जब रात को चमके तारे
मेरा कंगना हाय, हायरे मेरा कंगना
अरे समझो तो समझो यूँ समझो, ये हम को करें इशारे
तेरा कंगना हाए, हायरे तेरा कंगना

कंगना थामूं, पायल बोले, आँऊ कौन बहाने से
आँऊ कौन बहाने से, एय
जिन को मिलना है यारों से डरते नहीं ज़माने से
डरते नहीं ज़माने से
रोके तो दुनिया क्या रोके
ओ रोके तो दुनिया क्या रोके, जब हम है प्यार के मारे
तेरा कंगना हाय, हायरे तेरा कंगना
खनके तो खनके…

तिडिर ताडिला लिडिलर लिडिलर तिडिर तडिला होइ होइ

आये जवानी जब मस्तानी, रोके लाज के पहरे ना
रोके लाज के पहरे ना, होइ
घूंघट के पट खुल खुल जाये सर पे आंचल ठहरे ना
सर पे आंचल ठहरे ना
सोचे तो सोचे क्या सोचे,
अरे सोचे तो सोचे क्या सोचे, जब नैन मिले मतवारे
मेरा कंगना हाए, हायरे मेरा कंगना
अरे समझो तो समझो…

आ अ आ अ आ, ओ ओ ओ ओ ओ

प्यार है धोखा जाने दुनिया, फिर दिल धोखा खाए क्यों
फिर दिल धोखा खाए क्यों, ओ ओ
तू ही बता दे देख के हम को नज़र तेरी शरमाए क्यों
नज़र तेरी शरमाए क्यों
सरके तो सरके क्यों सरके
अरे सरके तो सरके क्यों सरके, आंचल तेरे सर से प्यारे
तेरा कंगना हाए, हायरे तेरा कंगना
खनके तो खनके…

तिडिर ताडिला लिडिलर लिडिलर तिडिर तडिला होइ होइ (4)


फ़िल्म: वल्लाह क्या बात है / Vallah Kya Baat Hai (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: रोशन
गीतकार: आनंद बख्शी
अदाकार: मुमताज़, शम्मी कपूर, बीना राय

वो बिजली हैं हम शोला, आज ना जाने क्या होगा
चाँद से टक्कर सूरज की, लो आया दिन क़यामत का
हो हो हो यारों हुस्न की इश्क से ये पहली मुलाकात है
आ हा हा वल्लाह क्या बात है, ओह हो हो वल्लाह क्या बात है

होते हैं काफ़िर यूं तो, अल्लाह-अल्लाह कहते हैं दिलबर जिनको
दिल को उड़ा लें हंस के, तौबा-तौबा आता है जादू इनको
लेकिन हमसे जो आँख मिली तो, खा गये वो भी चक्कर
सब नाज़ वो अपने भूल गये, और भूल गये सब अकड़
उनको पानी पीना पड़ा, ये है नाज़ुक वक़्त बड़ा
चाँद से टक्कर सूरज की, लो आया

ऐसी भी क्या मदहोशी, देखो-देखो होश नहीं आँचल का
कहती है साफ़ निगाहें, अल्लाह कसम हाल बुरा है दिल का
है बात अभी तो आँखों तक, आगे ज़ालिम क्या होगा
जब दिल को छू लेगी नजर, जाने आलम क्या होगा
चाँद से टक्कर सूरज की, लो आया

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