टॉवर हाउस – Songs of Tower House (1962)


फ़िल्म: टॉवर हाउस / Tower House (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रवि
गीतकार: असद भोपाली
अदाकार: अजीत, शकीला

ऐ मेरे दिल-ए-नादां
तू ग़म से न घबराना
एक दिन तो समझ लेगी
दुनिया तेरा अफ़साना
ऐ मेरे दिल-ए-नादां…

अरमान भरे दिल में
ज़ख्मों को जगह दे दे
भड़के हुए शोलों को
कुछ और हवा दे दे
बनती है तो बन जाए
ये ज़िन्दगी अफ़साना
ऐ मेरे दिल-ए-नादां…

फ़रियाद से क्या हासिल
रोने से नतीजा क्या
बेकार हैं ये बातें
इन बातों से होगा क्या
अपना भी घडी भर में
बन जाता है बेगाना
ऐ मेरे दिल-ए-नादां…


फ़िल्म: टॉवर हाउस / Tower House (1962)
गायक/गायिका: मुकेश
संगीतकार: रवि
गीतकार: असद भोपाली
अदाकार: अजीत, शकीला

मैं ख़ुशनसीब हूँ मुझ को किसी का प्यार मिला
बड़ा हसीन मेरे दिल का राज़दार मिला
मैं ख़ुशनसीब हूँ

है दिल में प्यार ज़ुबाँ चुप झुकी झुकी नज़रें
अजब अदा से कोई आज पहली बार मिला
मैं ख़ुशनसीब हूँ

किसी को पाके मेरे दिल का हाल मत पूछो
कि जैसे सारे ज़माने पे इख़्तियार मिला
मैं ख़ुशनसीब हूँ

किसी ने पूरे किये आज प्यार के वादे
मेरी वफ़ा का सिला मुझ को शानदार मिला
मैं ख़ुशनसीब हूँ

मेरे चमन का हर एक फूल मुस्कुराने लगा
वो क्या मिले मुझे मौसम-ए-बहार मिला
मैं ख़ुशनसीब हूँ

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