मैं चुप रहूंगी – All Songs of Main Chup Rahungi (1962)


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

चाँद जाने कहाँ खो गया – 2
तुमको चेहरे से पर्दा हटाना न था
चाँदनी को ये क्या हो गया – 2
तुमको भी इस तरह मुस्कराना न था
चाँद जाने कहाँ…

प्यार कितना जवाँ रात कितनी हसीं
आज चलते हुए (थम गई है ज़मीं) – 2
आँख मेरी झपकने लगी
ऐसा उल्फ़त का जादू जगाना न था
चाँद जाने कहाँ…

प्यार में बेख़बर हम कहाँ आ गए
मेरी आँखों में स्पने से (क्यूँ छा गए) – 2
दो दिलों की है मंज़िल यहाँ
तुम न आते तो हमको भी आना न था – 2
चाँद जाने कहाँ…


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

कोई बता दे दिल है जहाँ
क्यों होता है दर्द वहाँ
तीर चला के ये तो न पूछो
दिल है कहाँ और दर्द कहाँ

जाने रात को आँखों से
नींद कहाँ उड़ जाती है
अपने घर में ग़ैर को पा कर
बेचारी मुड़ जाती है

जब हो ख़लिश सी पहलू में
समझो प्यार ने काम किया
ऐसे प्यार को क्या कहिये
के जिसने बे-आराम किया

दिल पे ऐसी क्या गुज़री
घड़ी घड़ी ये घबराये
मैं तो किसी का हो बैठा
बार बार ये समझाये


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

ख़ुश रहो अहल-ए-चमन हम तो चमन छोड़ चले
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन
ख़ाक़ परदेस की छानेंगे वतन छोड़ चले
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन…

भूल जाना हमें हम याद के क़ाबिल ही नहीं – 2
क्या पता दें कि हमारी कोई मंज़िल ही नहीं
अपनी तक़दीर के दरिया का तो साहिल ही नहीं
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन…

कोई भूले से हमें पूछे तो समझा देना
एक बुझता हुआ दीपक उसे दिखला देना
आँख जो उसकी छलक जाए तो बहला देना
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन…

रोज़ जब रात के आँचल में सितारे होंगे – 2
ये समझ लेना कि वो अश्क़ हमारे होंगे
और किस हाल में हम दर्द के मारे होंगे
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन…


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

मैं कौन हूँ मैं कहाँ हूँ मुझे ये होश नहीं
किधर मैं आज रवां हूँ मुझे ये होश नहीं
मैं कौन हूँ…

मुझे न हाथ लगाओ के मर चुका हूँ मैं – 2
खुद अपने हाथ से ये ख़ून कर चुका हूँ मैं
फिर आज कैसे यहाँ हूँ मुझे ये होश नहीं
किधर मैं आज रवां…

मैं अपनी लाश उठाए यहाँ चला आया
कोई बस इतना बता दे कहाँ चला आया
ये क्या जगह है जहाँ हूँ मुझे ये होश नहीं
किधर मैं आज रवां…

कोई न आए यहाँ ये मज़ार मेरा है
खड़ा हूँ कब से मुझे इंतज़ार मेरा है
ये क्या कहाँ मैं यहाँ हूँ मुझे ये होश नहीं
किधर मैं आज रवां…


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

मेरे दिल कभी तो कोई आयेगा
हमदम जो तेरा बन जायेगा

ऐ बेक़रार अब इंतज़ार
कुछ रंग ला रहा है
कहता है प्यार तेरा राज़दार
तेरे पास आ रहा है

होगी हसीन वो चाँद रात
हम साथ साथ होंगे
बरसेगा नूर ख़ुशियों में चूर
हाथों में हाथ होंगे

बदलेगा दौर कुछ देर और
तू ग़म का ज़हर पी ले
होगा मिलाप फिर अपने आप
जैसे भी चाहे जी ले


फ़िल्म: मैं चुप रहूंगी / Main Chup Rahungi (1962)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: चित्रगुप्त
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
अदाकार: सुनील दत्त, मीना कुमारी

तुम्हीं हो माता, पिता तुम्ही हो,
तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो

तुम्ही हो साथी तुम्ही सहारे,
कोई न अपना सिवा तुम्हारे
तुम्ही हो नय्या तुम्ही खिवय्या,
तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो

जो खिल सके ना वो फूल हम हैं,
तुम्हारे चरनों की धूल हम हैं
दया की दृष्टि सदा ही रखना,
तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो

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